राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तारः MLAs संग बैठक बाद बोले माकन- बदलाव पर हो रही बात, पायलट समर्थकों ने की नारेबाजी

सूत्रों के मुताबिक, राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी अजय माकन और केसी वेणुगोपाल ने सीएम अशोक गहलोत से मुलाकात की। इन नेताओं की चर्चा के बाद मंत्रिमंडल में बदलाव या विस्तार के बारे में फैसला पार्टी आलाकमान पर छोड़ दिया गया है।

Sachin Pilot, Ashok Gehlot
राजस्थान कांग्रेस में सचिन पायलट के धड़े और सीएम अशोक गहलोत के बीच चल रहे तनाव को कैबिनेट बदलाव के जरिए सुलझाने की कोशिश में आलाकमान। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार के मंत्रिमंडल में फेरबदल का फैसला कांग्रेस आलाकमान करेगा। पार्टी सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए कहा कि राज्य मंत्रिमंडल में बहुप्रतीक्षित बदलाव अगले कुछ दिनों में हो सकता है। उधर पार्टी नेता अजय माकन ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि वे जिला और ब्लॉक स्तर पर कांग्रेस के प्रमुखों की नियुक्ति पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी लोगों ने मान लिया है कि कांग्रेस आलाकमान जो भी फैसला करेगा, वो उन्हें स्वीकार्य होगा।

राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी अजय माकन ने आगे कहा, “हम अपने फैसले का ऐलान जल्द करेंगे। मैं खुद 28 और 29 जुलाई को कांग्रेस विधायकों से अलग से मिलने आउंगा और जिला-ब्लॉक स्तर की कांग्रेस टीमों पर उनकी राय जानूंगा।” बता दें कि माकन कांग्रेस आलाकमान का संदेश लेकर शनिवार रात जयपुर पहुंचे थे। पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल भी उनके साथ ही थे। दोनों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ लंबी चर्चा की।

बताया गया है कि सचिन पायलट गुट और सीएम अशोक गहलोत के बीच चल रहे तनाव को इस कैबिनेट फेरबदल के जरिए खत्म करने की कोशिश की जाएगी। इसी पर चर्चा के लिए लगभग ढाई घंटे बैठक चली। मत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल तथा राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर विचार विमर्श किया गया। पार्टी सूत्रों ने बताया कि चर्चा के बाद इन नेताओं ने मंत्रिमंडल विस्तार का फैसला पार्टी आलाकमान पर छोड़ने का फैसला किया।

इधर रविवार सुबह कांग्रेस में जारी खींचतान को खत्म करने के लिए बुलाई गई विधायकों और पदाधिकारियों की बैठक के दौरान प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर जमकर हंगामा हुआ। सचिन पायलट के समर्थकों ने उनके समर्थन में जमकर नारेबाजी की। जब इसकी जानकारी बैठक में मौजूद सचिन पायलट को दी गई तो उन्होंने अपने समर्थक नेताओं को बाहर भेजकर कार्यकर्ताओं को शांत कराया। हंगामे के समय गहलोत मीटिंग में नहीं थे।

गहलोत और कांग्रेस प्रभारी के बीच हुई बैठक में यह भी फैसला किया गया कि अखिल भारतीय कांग्रेस समिति की चुनावी घोषणा पत्र समिति राजस्थान में पार्टी के घोषणा पत्र के कार्यान्वयन की समीक्षा करेगी। समिति के अध्यक्ष इसके लिए इसी महीने राजस्थान आएंगे। सब कुछ ठीक रहा तो अगले सप्ताह अशोक गहलोत मंत्रिमंडल में फेरबदल हो सकता है तथा हजारों की संख्या में राजनीतिक नियुक्तियों की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती हैं। मौजूदा हिसाब से राज्य में नौ और मंत्री बनाए जा सकते है जबकि जिला स्तर पर विभिन्न निगमों व बोर्डों में लगभग 30 हजार राजनीतिक नियुक्तियां होनी हैं। सचिन पायलट खेमा लंबे समय से इसकी मांग कर रहा है।

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि पंजाब के मसले के समाधान के बाद अब पार्टी आलाकमान का पूरा ध्यान राजस्थान पर है और आलाकमान राजस्थान के सियासी मसले का समाधान जुलाई में करना चाहता है। राजस्थान की मौजूदा अशोक गहलोत सरकार दिसंबर 2018 में सत्ता में आई थी और अपना लगभग आधा कार्यकाल पूरा कर चुकी है।

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