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‘कोटा से लौटते खत्म हुआ डीजल तो आधी रात दफ्तर खुलवाकर दिए पैसे’, संबित पात्रा ने पेश किए सबूत; कांग्रेस बोली तारीख देखकर तो बोलते झूठ

शर्मा ने ट्वीट कर लिखा कि बसें 17 से 19 अप्रैल को चलीं और ये चेक 5 मई का है। इतना झूठ बोलते हैं कि झूठ भी शरमा जाए। रात को नींद कैसे आती है भाई?

भाजपा नेता संबित पात्रा। (फाइल फोटो)

राजस्थान सरकार द्वारा यूपी सरकार से रोडवेज बसों के डीजल का पैसे मांगने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अब भाजपा नेता संबित पात्रा ने भी एक ट्वीट कर राजस्थान की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। संबित पात्रा ने दावा किया कि राजस्थान सरकार ने आधी रात को दफ्तर खुलवाकर यूपी रोडवेज की बसों से डीजल के पैसे लिए।

संबित ने ट्वीट में लिखा कि “कोटा से उत्तर प्रदेश के छात्रों को वापिस लाते समय यूपी की कुछ बसों को डीजल की आवश्यकता पड़ी गई…दया छोड़िए…आधी रात को दफ्तर खुलवा कर प्रियंका वाड्रा की राजस्थान सरकार ने यूपी सरकार से पहले 19 लाख रुपए लिए और उसके बाद बसों को रवाना होने दिया। वाह रे मदद।”

हालांकि संबित पात्रा अपने इस ट्वीट को लेकर घिर गए और सीएम अशोक गहलोत के ओएस़डी और कांग्रेस नेता शशिकांत शर्मा ने ट्वीट कर पात्रा पर निशाना साधा है। शर्मा ने ट्वीट कर लिखा कि बसें 17 से 19 अप्रैल को चलीं और ये चेक 5 मई का है। इतना झूठ बोलते हैं कि झूठ भी शरमा जाए। रात को नींद कैसे आती है भाई? और सरकारी कागजातों को इस तरह लीक करना ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत अपराध है, पर आप तो भाजपा से हैं। आपको कहां कानून की परवाह?

कांग्रेस के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार द्वारा कोटा से उत्तर प्रदेश के छात्रों को ले जाने के लिए मुहैया करायी गयी बसों के लिए 36 लाख रूपये से अधिक के बिल का उत्तर प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को भुगतान कर दिया। उत्तर प्रदेश के प्रवासी मजदूरों को ले जाने के लिए 1,000 बसों के इंतजाम को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच गतिरोध के बीच राजस्थान सरकार ने कोटा में फंसे छात्रों को भेजने के लिए 36.36 लाख रूपये का बिल बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश सरकार को भेजा था।

हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार मृत्युंजय कुमार ने 36 लाख रूपये का बिल मांगे जाने की निन्दा करते हुए कहा कि यह राजस्थान सरकार का अमानवीय चेहरा दर्शाता है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक राज शेखर ने बताया कि यूपी रोडवेज की बसें उन्हें लाने के लिए लगायी गयीं लेकिन हमें अतिरिक्त बसों की आवश्यकता थी। कोटा में उपलब्ध राजस्थान रोडवेज की बसों को छात्रों को आगरा और मथुरा छोड़ने के लिए लिया गया था। राजस्थान रोडवेज ने इसका बिल दिया, जिसका भुगतान उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने कर दिया है।

(भाषा इनपुट के साथ)

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