Rajasthan Elections: 88 पार्टियों में होगी टक्कर, 55 पार्टियों को राज्य-राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा नहीं

इस बार विधानसभा चुनाव में 88 राजनीतिक पार्टियां मैदान में हैं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। लेकिन इन 88 पार्टियों में से सात ही पार्टियां राष्ट्रीय स्तर की हैं।

राजस्थान विधानसभा, फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस

राजस्थान में चुनाव के लिए करीब एक हफ्ते का ही वक्त बचा है। ऐसे प्रदेश की सियायत गरमाती जा रही है। बता दें इस बार विधानसभा चुनाव में 88 राजनीतिक पार्टियां मैदान में हैं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। लेकिन इन 88 पार्टियों में से सात ही पार्टियां राष्ट्रीय स्तर की हैं। जबकि बाकी कई गैर मान्यता प्राप्त पंजीकृत पार्टियां हैं। ऐसे में ये साफ है कि कई पार्टियां सिर्फ इसलिए चुनावी मैदान में हैं ताकि वो अपना वजूद बचा सकें और आयोग द्वारा निर्धारित मतदान हासिल कर अपना अस्तित्व बरकरार रख सकें।

कैसे मिलता है राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा
दरअसल पार्टी को राज्य स्तर या राष्ट्रीय स्तर का दर्जा पाने के लिए विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान हुए मतदान का 6 प्रतिशत वोट हासिल करना जरूरी है। इससे कम वोट होने पर उस पार्टी को राज्य या राष्ट्रीय स्तर का दर्जा नहीं मिलता है। गौरतलब है कि राज्य में अभी गैर मान्यता प्राप्त 55 पंजीकृत पार्टियां हैं।

क्या है अधिनियम
कोई भी राजनीतिक दल किसी भी राज्य में सिर्फ तब ही मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल होने के लिए पात्र होगा जब उसे टोटल वोटिंग में से मिनिमम 6 प्रतिशत वोट मिले हैं। लोक प्रतिनिध्यव अधिनियम 1951 से संबंधित निर्वाचन प्रतीक (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के कानूनी नियम और आदेश 6क और 6ख में इस आशय का प्रावधान है। इसके साथ ही उस दल के कम से कम दो सदस्य राज्य की विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए हो या फिर लोकसभा के चुनाव में उस दल के प्रत्याशियों ने 6 प्रतिशत मत हासिल किए हो और साथ ही कम से कम एक प्रत्याशी उस राज्य से लोकसभा के लिए निर्वाचित हुआ हो अथवा उस राज्य के विधानसभा चुनाव में उस दल ने विधानसभा के कुल संख्या में से कम से कम तीन प्रतिशत या विधान सभा में कम से कम तीन स्थान (इनमें से जो भी अधिक हो) जीते हों। इनके अलावा अगर उस राज्य से लोकसभा चुनाव में उस दल का, उस राज्य को लोकसभा के लिए आवंटित प्रत्येक 25 स्दस्यों या उसके किसी भिन्नांश के लिए कम से कम एक सदस्य निर्वाचित हुआ हो।

 

 

मैदान में किसके कितने प्रत्याशी
गौरतलब है कि 200 सीटों के लिए राजस्थान में कुल 2294 प्रत्याशी मैदान में हैं। जिसमें से भाजपा ने 200 प्रत्याशी, कांग्रेस ने 195, बसपा ने 190, आम आदमी पार्टी ने 142, भावापा ने 63, रालोपा ने 58 और अरापा ने 61 कैंडिडेट मैदान में उतारे हैं। बता दें प्रदेश में 7 दिसंबर को वोटिंग होगी जबकि 11 दिसंबर को नतीजे सबके सामने होंगे।

55 पंजीकृत अमान्यता प्राप्त दल
अखंड भारत महासंघ सर्वहारा क्रांतिकारी पार्टी, अखिल भारतीय कांग्रेस दल (अंबेडकर), अखिल भारतीय क्रांति दल, अखिल भारतीय आमजन पार्टी, ऑल इंडिया हिंदुस्तान कांग्रेस पार्टी, अवामी आमजन पार्टी, भारत नव निर्माण पार्टी, भारत रक्षक पार्टी (डेमोक्रेटिक), भारतीय राष्ट्रवादी समानता पार्टी, भारतीय युवा शक्ति, भारतीय जनहितकारी पार्टी, भारतीय पार्टी, भारतीय प्रजा जन पार्टी, भारतीय पब्लिक लेबर पार्टी, दलित कांति दल, इंडियन इंदिरा कांग्रेस (आर), इंडियन पीपुल्स ग्रीन पार्टी, जनता सेना राजस्थान, क्रांति परिषद, लोक परित्राणा, महाराणा क्रांति पार्टी, मजदूर किसान अकाली दल, मर्यादी दल मेघ देशम पार्टी, नेशनल बैकवर्ड (मूल), दलित माइनोटिरीज क्रांति दल, नेशनल फ्यूचर पार्टी, नेशनल जनसत्ता पार्टी, नेशनल यूनियिस्ट जमींदारा पार्टी, नेशनल विकास पार्टी, नेशनलिस्ट पीपुल्स फ्रंट, नया भारत पार्टी, पीपुल्स लिबरल पार्टी, प्रिज्म राजस्थान देव सेना दल, राजस्थान जनसत्ता, राजस्थान विकास पार्टी, राष्ट्र भक्त दल, राष्ट्रवादी मार्क्सवादी दलित लहर पार्टी, शाइनिंग इंडिया पार्टी, स्वच्छ भारत पार्टी, भारतीय किसान पार्टी, भारत वाहिना पार्टी, सर्वशक्ति दल, भारतीय जनसत्ता पार्टी, पंच पार्टी, अभिनव राजस्थान पार्टी, राजस्थान जनता पार्टी, खुशहाल किसान पार्टी, राष्ट्रीय अतुल्य युवा पार्टी, ग्रीन पार्टी ऑफ इंडिया, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी, भारतीय लोकतांत्रिक पार्टी, राष्ट्रीय जन समर, विकास मंच और राष्ट्रीय साफ नीति पार्टी।

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