Punjab News: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नजर अंदाज किए जाने पर कांग्रेस हाई कमान के प्रति अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की है। चन्नी के समर्थकों ने साफ कर दिया है कि वे अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को राज्य इकाई का प्रमुख बनाए रखने के फैसले से नाखुश हैं और उन्होंने पार्टी नेतृत्व से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।

चरणजीत सिंह चन्नी से मुलाकात के बाद कांग्रेस नेता दर्शन सिंह बराड़ ने कहा, “सिर्फ एक बात पर चर्चा हुई, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग (राज्य कांग्रेस अध्यक्ष) का बहिष्कार किया जाना चाहिए। चरणजीत सिंह चन्नी को राज्य अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए। उन्हें मुख्यमंत्री भी बनना चाहिए। हमें उनके नाम पर वोट मिलेंगे। अगर चन्नी को आगे बढ़ाया जाता है, तो हम सरकार बनाएंगे। राजा वडिंग तो काम भी नहीं करते। चार सालों में पंजाब को लूटा गया। हमारी मांग है कि राजा वडिंग को राज्य अध्यक्ष पद से हटाया जाए और यह पद चरणजीत सिंह चन्नी को दिया जाए।”

वडिंग के नॉमिनेशन से खुश नहीं लोग- नजर सिंह मनशाहिया

वरिष्ठ कांग्रेस नेता नजर सिह मनशाहिया ने कहा, “यहां आए सभी नेताओं ने अपनी भावनाएं जाहिर की हैं। लोग अमरिंदर सिंह राजा वडिंग के दोबारा नॉमिनेशन से खुश नहीं हैं। इस मामले को हाईकमान के सामने उठाया जाएगा। चरणजीत सिंह चन्नी को राज्य कांग्रेस अध्यक्ष और सीएम पद का उम्मीदवार भी बनाया जाना चाहिए।”

अब चन्नी साहब बहुत लोकप्रिय- गुरप्रीत सिंह कंगार

कांग्रेस नेता गुरप्रीत सिंह कंगार ने कहा, “हम हाईकमान से अपील करते हैं कि वे पंजाब के लोगों की आवाज पर फिर से विचार करें। आप भी जानते हैं कि पंजाब के लोग क्या चाहते हैं। अगर यहां कांग्रेस की सरकार बनानी है, तो किसी लोकप्रिय व्यक्ति को आगे किया जाना चाहिए। चरणजीत सिंह चन्नी को आगे किया जाना चाहिए। कैप्टन अमरिंदर सिंह कभी बहुत लोकप्रिय थे और अब चन्नी साहब बहुत लोकप्रिय हैं।”

कांग्रेस नेता तरसेम सिंह ने कहा, “राजा वडिंग की अध्यक्षता में कांग्रेस पंजाब में चुनाव हार जाएगी। हर बच्चे की जुबान पर चरणजीत सिंह चन्नी का नाम।”

बैठक में चन्नी का शक्ति प्रदर्शन

शुक्रवार को मोरिंडा स्थित चन्नी के आवास पर लगभग 65 कांग्रेस नेता इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए इकट्ठा हुए। बैठक में पांच मौजूदा विधायक त्रिपात राजिंदर सिंह बाजवा, राणा गुरजीत सिंह, सुख सरकारिया, शाहकोट विधायक हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया और बरनाला विधायक कुलदीप सिंह ढिल्लों भी मौजूद थे।

बैठक में पूर्व उपमुख्यमंत्री ओपी सोनी, गुरप्रीत सिंह कांगड़, भारत भूषण आशु, गुरकीरत सिंह कोटली, दर्शन सिंह बराड़, लखवीर सिंह लक्खा, मदन लाल जलालपुर, अंगद सिंह सैनी, हरमिंदर सिंह गिल, कुशलदीप सिंह किक्की ढिल्लों, तरसेम सिंह, देविंदर घुबाया, जोगिंदर पाल और इंदरबीर सिंह बोलारिया सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक भी शामिल हुए। पूर्व सांसद मोहम्मद सादिक और पंजाब युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष बरिंदर सिंह ढिल्लों भी उपस्थित थे। सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह भी बैठक में मौजूद थे।

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पिछले कई महीनों से पंजाब कांग्रेस के नेतृत्व में बदलाव को लेकर चल रही अटकलों को आखिरकार पार्टी हाई कमान ने गलत साबित कर दिया। कांग्रेस हाईकमान ने फैसला लिया है कि पंजाब में मौजूदा नेतृत्व यानी प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष पद पर वह कोई बदलाव नहीं करेगा। इसका मतलब यह है कि प्रदेश अध्यक्ष पद पर अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग बने रहेंगे। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर…