raj thakre party got less than 8% vote in BMC election - राज ठाकरे की एमएनएस को मुंबई के वोटर्स ने मारा करारा तमाचा, दिए 8 फीसदी से भी कम वोट, 20% से भी ज्यादा बढ़ा बीजेपी का शेयर - Jansatta
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राज ठाकरे की एमएनएस को मुंबई के वोटर्स ने मारा करारा तमाचा, दिए 8 फीसदी से भी कम वोट, 20% से भी ज्यादा बढ़ा बीजेपी का शेयर

अगर वोट की बात करें तो बीजेपी को इस बार 27.28 फीसदी वोट मिले हैं।

BMC and PMC Elections 2017: मुंबई स्थित बीएमसी मुख्यालय (Express Photo)

महाराष्ट्र में मुंबई-पुणे समेत 10 शहरों की म्युनिसिपल कॉरपोरेशन में हुए चुनाव के नतीजे आए। बृह्नमुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (BMC) में 20 साल में पहली बार शिवसेना-बीजेपी ने अलग-अलग चुनाव लड़ा। इसमें किसी को भी 114 सीटों की मेजॉरिटी हासिल नहीं हुई। राज ठाकरे की पार्टी एमएनएस (महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना) को मुंबई के वोटर्स ने करारा तमाचा मारा है। गुरुवार को आए बीएमसी चुनाव के नतीजों में पता चला कि लोगों ने एमएनएस को 8 फीसदी से भी कम वोट दिए। इस चुनाव में एमएनएस को केवल 7.73 फीसदी लोगों ने ही वोट दिया है। वहीं अगर बीजेपी की बात करें तो इसका शेयर 20 फीसदी से भी ज्यादा बढ़ गया है। अगर वोट की बात करें तो बीजेपी को इस  बार 27.28 फीसदी वोट मिले हैं। बीजेपी को इस बार 13,92,676 वोट मिले हैं। वहीं जब बीजेपी ने शिवसेना के साथ मिलकर 2012 में चुनाव लड़ा था तब बीजेपी को मात्र 6.78 फीसदी वोट मिले थे। और बीजेपी ने 30 सीटों पर जीत हासिल की थी। शिवसेना को इस चुनाव में 28.29 फीसदी वोट मिले हैं। शिवसेना को इस बार 14,43,969 वोट मिले हैं। वहीं 2012 के चुनाव में शिवसेना को 17.34 फीसदी वोट मिले थे।

इस बार 2012 की तुलना में 11 फीसदी ज्यादा वोटिंग हुई है। इस बार कुल 51,03,913 लोगों ने वोट डाला। इस बार सबसे ज्यादा नुकसान महाराष्ट्र नव निर्माण सेना को हुआ है। 2012 में एमएनएस को 15.89 फीसदी वोट मिले थे जो इस बार घटकर महज 7.73 फीसदी रह गया है। वहीं इस बार 87,719 लोगों ने नोटा का भी इस्तेमाल किया था। शिवसेना ने 84 और बीजेपी ने 82 सीटों पर जीत हासिल की। कांग्रेस को 31 और एनसीपी को 9 सीटें मिलीं। राज ठाकरे की एमएनएस को 7 और अन्य को 14 सीटें मिलीं हैं। महाराष्ट्र के बाकी 9 शहरों में से 8 म्युनिसिपल कॉरपोरेशन पर BJP और एक पर शिवसेना आगे है। बता दें कि बीएमसी में बीजेपी 1987 से चुनाव लड़ रही है और उसे पहली बार इतनी ज्यादा सीटें हासिल हुई हैं। नतीजे सामने आने के बाद उद्धव ठाकरे ने कहा कि इस बार बीएमसी का मेयर ही नहीं, बल्कि अगले चुनावों में सीएम भी शिवसेना का ही होगा।

227 सीटों वाले बीएमसी में मेयर पद के लिए 114 पार्षदों का समर्थन जरूरी है। बीजेपी और शिवसेना अगर मिल जाती हैं तो गठबंधन का आसानी से बीएमसी पर कब्जा हो जाएगा। अगर बीजेपी को 32 और पार्षदों के समर्थन की दरकार है तो शिवसेना को 30। शिवसेना को दरकिनार करने पर बीजेपी को निर्दलियों के साथ-साथ एनसीपी और एमएनएस को भी अपने पाले में लाना होगा। शिवसेना और कांग्रेस अगर साथ आते हैं तो उनका आसानी से बीएमसी पर कब्जा हो जाएगा। अगर कांग्रेस भी शिवसेना के साथ नहीं आती तो उद्धव को भी निर्दलियों के साथ-साथ एमएनएस और एनसीपी के समर्थन की दरकार होगी। इस तरह बीएमसी में सत्ता के समीकरण काफी उलझे हुए हो गए हैं।

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