मानसून के कारण मिसिंग लिंक को लेकर मचे राजनीतिक घमासान ने महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद पैदा कर दिया है। मिसिंग लिंक को लेकर राज्य सरकार की आलोचना हो रही है। इसे लेकर विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने आलोचकों की तुलना कुत्ते से कर दी थी। अब इसी पर मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री से सवाल किए हैं।

पहले मानसून की बारिश ने 6,665 करोड़ की लागत से बनी मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे मिसिंग लिंक के टनल एंट्री पर बड़े-बड़े पत्थर गिर गए थे, जिससे टनल को कुछ नुकसान पहुंचा था और उसे 18 घंटे के बंद करना पड़ा था। इसे लेकर फड़नवीस सरकार की खासा आलोचना हो रही है। विपक्ष से लेकर आम जनता तक लोग सोशल मीडिया पर सरकार पर कड़ी टिप्पणी कर रहे हैं।

महाराष्ट्र का अपमान कैसे है? – राज ठाकरे

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री के टिप्पणी पर जवाब देते हुए पूछा कि मिसिंग लिंक के परियोजना पर सवाल उठाना महाराष्ट्र का अपमान कैसे है? MNS की रेलवे यूनियन एनएनएस रेल सेना के एक कार्यक्रम में बोलते हुए राज ठाकरे ने यह भी पूछा कि जब लोग इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के बारे में सवाल पूछते हैं तो यह राजनीति कैसे हो जाती है?

राज ठाकरे ने कहा, “जब दूसरे सत्ता में थे तब आप क्या कर रहे थे? जब कोई मिसिंग लिंक की बात करता है तो महाराष्ट्र का अपमान कैसे हो जाता है। सरकार की आलोचना करने का मतलब महाराष्ट्र की निंदा करना नहीं है। अगर आप केंद्र के खिलाफ कुछ भी कहते हैं तो देशद्रोही घोषित कर दिए जाते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि भाजपा ने ही ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपने विरोधियों को निशाना शुरू किया था। लेकिन अब यह उल्टा पड़ा रहा है।

राम मंदिर चंदे मामले पर भी कहा

उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर में कथित चंदे की अनियमितताओं को लेकर भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने चोरी के बारे में सवाल पूछना धर्म का अपमान नहीं है और कहा कि 15 न्यासियों में से 12 को केंद्र सरकार ने नियुक्त किया है और वे आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद और भाजपा से जुड़े हैं।

उन्होंने कहा, “हमें भी राम मंदिर में आस्था है, लेकिन जब वहां से 1400 करोड़ रुपये गायब हो जाते हैं, तो क्या हमें चुप रहें, ठीक है जब हम बोलेंगे तो वे कहेंगे आप वक्फ बोर्ड के बारे में क्यों नहीं कहते? वक्फ बोर्ड में जो कुछ हो रहा है, उससे हमारा क्या लेना-देना है? अगर हम इस देश में हिंदू-श्रद्धालुओं द्वारा भगवान को दान दिए गए धन के बारे में बोलते हैं तो क्या हमें धर्मविरोधी करार देंगे?”

मुख्यमंत्री ने क्या कहा था?

बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने कहा था, “हमारे जयंत राव ने सही बात कही, जिनको कुत्ता नहीं पूछता, वो आजकल सोशल मीडिया पर आकर सभी को गाली देते हैं, सीएम को गाली देते हैं। ऐसे भाड़े के टट्टूओं से कहना चाहते हूं कि अगर महाराष्ट्र का अपमान करोगे, छोड़ूंगा नहीं।”

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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने एनसीपी (एसपी) के वरिष्ठ नेता शरद पवार के बीच अहम मुलाकात हुई है। शरद पवार ने बुधवार को महाराष्ट्र विधानसभा पहुंचे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा विवाद पर एक महत्वपूर्ण बैठक में भाग लिया था। इस मुलाकात को लेकर शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने नाराजगी जाहिर की है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें