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पंजाबः रेलवे की कमाई में रोड़ा बन रहा किसान आंदोलन, अमृतसर जाने वाली 60% ट्रेनों पर पड़ी मार

रेलवे अधिकारी का कहना है कि KMSC अमृतसर से गुजरने वाली मालगाड़ी या यात्री ट्रेन की चेकिंग करेंगे। इसके बाद ही उसे जाने की इजाजत होगी। इसलिए हमने आवाजाही रोकने का फैसला किया है।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र अमृतसर | Updated: February 20, 2021 9:03 AM
Farmers Protest. Indian RailwayKMSC के कार्यकर्ता पिछले पांच महीनों से अमृतसर में रेल ट्रैक घेर कर बैठे हैं। (एक्सप्रेस फोटो)

कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच पिछले कई महीनों से गतिरोध जारी है। किसानों ने पंजाब में ही करीब पिछले पांच महीने से तीनों कानूनों के खिलाफ आंदोलन छेड़ा हुआ है। इसके चलते राज्य में रेल व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। आलम यह है कि अमृतसर और ब्यास के बीच तो किसान मजदूर संघर्ष कमेटी (KMSC) के धरने की वजह से 60 फीसदी ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई है।

KMSC से जुड़े किसान पिछले करीब पांच महीनों से जंडियाला गुरु पर रेलवे ट्रैक पर ही धरना दे रहे हैं, जिसके चलते अमृतसर तक जाने वाली ट्रेनों पर असर पड़ा है। बता दें कि किसान मजदूर संघर्ष कमेटी पंजाब की एकमात्र किसान यूनियन है, जिसने पटरियों पर धरना जारी रखा है। जबकि बाकी संगठनों ने दिल्ली मोर्चे पर ध्या देने के लिए पंजाब में रेल रोकने का आंदोलन नवंबर के आखिरी हफ्ते में ही खत्म कर दिया था।

समिति के महासचिव स्वर्ण सिंह पंधेर ने इस आंदोलन को लेकर कहा, “जंदियाला गुरु स्टेशन के पास हमारा प्रदर्शन अभी जारी रहेगा। यह 24 सितंबर को शुरु हुआ था और 148 दिन पूरे कर चुका है। जल्द ही इसे पांच महीने हो जाएंगे। हमें मालगाड़ियों से कोई समस्या नहीं, लेकिन हम यात्री ट्रेनें नहीं आने देंगे।”

रेल पटरियों के घेराव को संयुक्त किसान मोर्चा बता चुका है गलत: कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा के एक नेता ने कहा, “अमृतसर-ब्यास रेलवे ट्रैक को ब्लॉक करने में कोई समझदारी नहीं है। इससे कोई समस्या नहीं है, क्योंकि पंजाब के बाकी ट्रैक खुले हैं। KMSC सिर्फ सुर्खियों में रहना चाहती है। इसीलिए उन्होंने गणतंत्र दिवस पर किसान परेड के रूट का भी उल्लंघन किया था। उनकी वजह से किसान आंदोलन पर असर पड़ रहा है। उनके फैसले अन्य किसान यूनियनों से अलग होते हैं, जिससे यह प्रभाव पड़ता है कि हम साथ नहीं हैं। उनका बेवजह का धरना जंडियाला गुरु के पास आम यात्रियों को परेशान कर रहा है।”

KMSC के इस धरने के चलते रेलवे तरन-तारण से कुछ वैकल्पिक रूटों पर ट्रेन चला रहा है। हालांकि, रेल ट्रैक ब्लॉक होने की वजह से रेलवे अमृतसर स्टेशन पर ठीक से संचालन शुरू नहीं कर पा रहा है। रेलवे की फिरोजपुर रेंज के डीएमओ सुधीर कुमार ने कहा कि अमृतसर स्टेशन से हमारा 60 फीसदी बिजनेस प्रभावित हुआ है। शताब्दी समेत कई अहम ट्रेनें पिछले पांच महीने से सस्पेंड हैं। कुछ ट्रेनों को अमृतसर की जगह अंबाला से चलाया जाता है। पर ज्यादा ट्रेनें अभी भी सस्पेंड हैं। तरन-तारण में हमारे पास अभी भी पूरे पैसेंजर लोड को झेलने की क्षमता नहीं है।

रेलवे अधिकारी का कहना है कि किसान-मजदूर संघर्ष कमेटी अमृतसर से गुजरने वाली मालगाड़ी या यात्री ट्रेन की चेकिंग करेंगे। इसके बाद ही उसे जाने की इजाजत होगी। इसलिए हमने अमृतसर से ब्यास में ट्रेनों की आवाजाही रोकने का फैसला किया। यह अमृतसर से ट्रेनों का करीब 60 फीसदी ट्रैफिक है।

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