एनजीओ पर छापे में 22 बच्चे बरामद, धर्मांतरण व मानव तस्करी की आशंका - Jansatta
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एनजीओ पर छापे में 22 बच्चे बरामद, धर्मांतरण व मानव तस्करी की आशंका

चाइल्ड लाइन व मेरठ पुलिस ने शास्त्रीनगर में एक गैर सरकारी समाजसेवी संगठन (एनजीओ) के कार्यालय पर छापा मारकर 22 बच्चों को बरामद किया है..

Author मेरठ | January 1, 2016 2:34 AM

चाइल्ड लाइन व मेरठ पुलिस ने शास्त्रीनगर में एक गैर सरकारी समाजसेवी संगठन (एनजीओ) के कार्यालय पर छापा मारकर 22 बच्चों को बरामद किया है। इनमें 13 लड़कियां व नौ लड़के हैं और इन सभी को इमैनुअल सेवा संस्था में एक साथ रखा गया था। इन बच्चों की बरामदगी व बड़े पैमाने पर धर्मांतरण की आशंका के मद्देनजर प्रशासनिक अफसरों की नींद उड़ गई है। सभी बच्चों के नाम के आगे मसीह लगा हुआ है। प्रशासन ने बच्चों को बाल सुधार गृह व नारी निकेतन भेज दिया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर पंकज यादव ने सिटी मजिस्ट्रेट को जांच के आदेश दिए हैं और उन्हें चार हफ्ते के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। पंकज यादव ने कहा कि जांच के बाद ही पता चलेगा कि कहीं यह मामला धर्म परिवर्तन या मानव तस्करी से जुड़ा तो नहीं है। एसएसपी डीसी दुबे ने कहा कि पुलिस का काम केवल छापे के दौरान सुरक्षा मुहैया कराना था। अभी तक किसी ने इस बाबत रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है।

मेरठ चाइल्ड लाइन की अध्यक्ष अनीता राणा ने जनसत्ता को बताया कि पिछले दिनों इस संस्था के नोएडा स्थित दफ्तर पर छापे के दौरान सात बच्चों को बरामद किया गया था। इस छापामारी के दौरान बिहार की रहने वाली एक महिला नूतन वहां पहुंची। नूतन ने बताया कि उसकी दो बेटी प्रियंका, प्राप्ति व एक बेटा गौरव इस संस्था के कब्जे में है और इन लोगों ने मेरे बच्चों को जबरन वहां रखा हुआ है। लेकिन नोएडा में नूतन के तीनों बच्चे नहीं मिले। तब नूतन ने बताया कि इसी संस्था का एक केंद्र मेरठ के शास्त्रीनगर में भी चल रहा है जहां से उसके बच्चे बरामद किए जा सकते हैं।

इस सूचना के बाद मेरठ चाइल्ड लाइन की अध्यक्ष अनीता राणा जिला प्रोबेशन अधिकारी यतेंद्र सिंह, बाल संरक्षण अधिकारी दीपिका भटनागर व मेडिकल पुलिस थाने के साथ शास्त्रीनगर में एक आवास पर छापा मारा जहां से नूतन के तीनों बच्चों समेत 22 बच्चों को बरामद किया गया। यह आवास दिवंगत कर्नल ऋषिपाल सिंह का है। उनकी पत्नी विद्या देवी ने अपना मकान इस संस्था को किराए पर दिया हुआ था। चाइल्ड लाइन व पुलिस की छापेमारी के दौरान वहां अमेरिका निवासी एक महिला गलीना कैलटीना सहित प्रेमलता व संस्था के संचालक देवराज गौड़ की पत्तनी अनीता गौड़ भी मौजूद थी।

मेरठ चाइल्ड लाइन की अध्यक्ष अनीता राणा का कहना है कि इस संस्था का उत्तर प्रदेश में कोई रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया था। संस्था अगर पंजीकृत होती तो हर चार महीने में एक बार निगरानी की जाती। साथ ही लड़के व लड़कियों को एक साथ रखना भी नियम विरुद्ध है। जिस नूतन के कहने पर यहां छापा मारा गया उसके बच्चों का सरनेम प्रजापति है। जबकि इस संस्था में उसके बच्चों के नाम के आगे मसीह लगा हुआ है जो धर्म परिवर्तन की ओर संकेत करता है। अनीता राणा का यह भी कहना है कि आसपास के लोगों से बातचीत के बाद यह भी जानकारी मिली है कि यह संस्था केवल क्रिसमस का पर्व ही मनाती है।

इस बारे में पूछने पर संस्था के संचालक की पत्नी अनीता गौड़ ने माना कि इस संस्था का दिल्ली में तो रजिस्ट्रेशन है पर मेरठ में नहीं है। उन्होंने दावा किया कि संस्था में सिर्फ क्रिसमस ही नहीं बल्कि दूसरे पर्व भी मनाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि हम लोग मदर टेरेसा के अनुयायी हैं। कुछ दोस्त व अन्य लोग मिलकर इस संस्था को चला रहे हैं। हमें न तो सरकारी व न बाहर से कोई मदद मिलती है। संस्था में यहां जो बच्चे रखे थे, उनको शास्त्रीनगर के नेशनल पब्लिक स्कूल में पढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत करने वाली महिला नूतन इस संस्था में काम मांग रही थी। काम नहीं मिलने पर उसने एक एनजीओ के साथ मिलकर संस्था को बदनाम करने की साजिश रची है। अनीता गौड़ ने कहा कि कानूनी विशेषज्ञों से राय लेकर वे जल्द ही बच्चों को बाल सुधार गृह व नारी निकेतन से वापस लाएंगी। हालांकि मेरठ में रह रहे बच्चों में एक भी उत्तर प्रदेश का नहीं है। ज्यादातर बच्चे बिहार, ओड़ीशा व हिमाचल प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं।

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