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बसपा एमएलसी महमूद अली की संपत्ति कुर्क, बैंक खाते सीज

अवैध खनन के मामले में 44 करोड़ 74 लाख रुपए की वसूली के आदेशों के अनुपालन में राजस्व विभाग की ओर से बसपा एमएलसी महमूद अली के बेहट तहसील क्षेत्र के तीन गांवों रोशनपुर पैलो, मायापुर रूपपुर, अलीअकबरपुर स्थित की भूमि कुर्क कर ली गई।

Author सहारनपुर | November 10, 2017 12:58 AM

अवैध खनन के मामले में 44 करोड़ 74 लाख रुपए की वसूली के आदेशों के अनुपालन में राजस्व विभाग की ओर से बसपा एमएलसी महमूद अली के बेहट तहसील क्षेत्र के तीन गांवों रोशनपुर पैलो, मायापुर रूपपुर, अलीअकबरपुर स्थित की भूमि कुर्क कर ली गई। जिलाधिकारी प्रमोद कुमार पांडे ने गुरुवार को बताया कि एमएलसी महमूद अली सहारनपुर जिले में पिछले पांच साल से खनन का पट्टाधारक थे। उस पर राज्य सरकार की ओर से अवैध खनन के मामले को लेकर 44 करोड़ 74 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था। रकम जमा न होने पर प्रशासन ने कुर्की के आदेश जारी किए थे। कुर्की आदेशों के अनुपालन में बेहट के एसडीएम युवराज सिंह ने महमूद अली के जरिए संचालित ग्लोकल यूनिवर्सिटी में पड़ने वाली तीन गांवों की जमीन को कुर्क करने की कार्रवाई की है। एसडीएम जुगराज सिंह ने मिर्जापुर पोल स्थित स्टेट बैंक आफ इंडिया की शाखा में महमूद अली के खाते को भी सीज कर दिया है। प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि महमूद अली के इस खाते में कितनी रकम जमा है। जिलाधिकारी पांडे ने बताया कि एमएलसी महमूद की मिर्जापुर स्थित कोठी पर भी नोटिस चस्पा कर दिया है।

जिलाधिकारी पांडे ने यह भी बताया कि खनन मामले में जिन पट्टाधारकों पर जर्माना किया गया था उनमें से किसी ने भी रकम जमा नहीं किया है। उन सभी के खिलाफ भी वही कार्रवाई की जाएगी जो महमूद के खिलाफ की जा रही है। जिलाधिकारी प्रमोद कुमार पांडे ने बताया कि राजस्व विभाग की जांच में पाया गया कि महमूद अली और उसके भाई पूर्व एमएलसी इकबाल के जरिए जिस भूमि पर ग्लोकल यूनिवर्सिटी बनाई गई है। उसमें से ज्यादातर भूमि नदी के पट्टो की है, जो असवैधानिक रूप से आबंटित है। ऐसे अनेक पट्टाधारक जिलाधिकारी से मिलकर शिकायत कर रहे हैं कि वह इस भूमि के मालिक हैं और वह उनकी अपनी भूमि हो गई है। जिलाधिकारी ने एसडीएम जुगराज सिंह को जांच सौंपी है।

कोई भी पट्टाधारक जिलाधिकारी को खसरा खतोली में दर्ज हुआ नाम नहीं दिखा पाया है। जिलाधिकारी का स्पष्ट कहना है कि नदियों के आवासीय या अन्य इस्तेमाल के लिए पट्टे आबंटित नहीं हो सकते। जिलाधिकारी के मुताबिक ग्लोकल यूनिवर्सिटी इसी तरह नदियों के पट्टों पर बनाई गई है। इस मामले में इनकी ओर से आगे की कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।

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