लखीमपुर हिंसा पर SC ने लिया स्वत: संज्ञान, पीड़ित परिवारों से मिलकर बोलीं प्रियंका गांधी- इनको न्याय मिलना चाहिए

लखीमपुर हिंसा में मारे गए किसानों के परिवारों से मिलने के लिए राहुल गांधी, प्रियंका गांधी के साथ लखीमपुर खीरी पहुंच गए हैं। यहां से वो पलिया पहुंचे, जहां इस हिंसा में मारे गए किसा लवप्रीत सिंह के परिजनों से उन्होंने मुलाकात की।

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मारे गए किसानों के परिवारों से मिलते राहुल और प्रियंका गांधी (फोटो- @rssurjewala)

दिल्ली से लखीमपुर के लिए निकले राहुल गांधी काफी जहद्दोजहद के बाद लखीमपुर पहुंचे। राहुल गांधी के साथ बहन प्रियंका गांधी, पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल और दीपेंद्र हुड्डा हैं।

लखीमपुर पहुंचने के बाद कांग्रेस नेता हिंसा में मारे गये किसान लवप्रीत सिंह के परिजनों से मिलने पलिया पहुंचे हैं। जहां उन्होंने मृतक किसान के परिवारों से मुलााकत की। इस मुलाकात के बाद प्रियंका गांधी ने कहा कि इन्हें न्याय मिलना चाहिए। कांग्रेस नेता लवप्रीत के चौखड़ा फार्म स्थित आवास पहुंचे, जहां उन्होंने शोक संतप्त परिवार से बात की और उनके प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा कि आज लखीमपुर खीरी में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने स्वर्गीय लवप्रीत के मां-पिता व दोनों बहनों से मिले। उनका दुख साझा किया। उन्होंने आगे कहा कि पहाड़ सी पीड़ा में सांत्वना के दो बोल भी मरहम का काम करते हैं। उन्होंने न्याय के संघर्ष में परिवार का साथ निभाने का संकल्प भी किया।इधर सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले पर स्वत: संज्ञान ले लिया। इस मामले पर गुरुवार को यानि कल सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगी। शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर जारी सूची के अनुसार सीजीआई एन वी रमण के साथ न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की तीन न्यायाधीशों की पीठ मामले में सुनवाई करेगी।

इससे पहले जब काफी कोशिशों के बाद राहुल गांधी लखनऊ एयरपोर्ट से निकले तो वो सबसे पहले सीतापुर पहुंचे। जहां उन्होंने प्रियंका गांधी से मुलाकात की। जिसके बाद राहुल गांधी, बहन प्रियंका के साथ लखीमपुर के लिए रवाना हो गए।

प्रियंका गांधी सोमवार को लखीमपुर जाने के लिए निकलीं थीं। जिसके बाद यूपी पुलिस ने हरगांव के पास से उन्हें हिरासत में ले लिया था। हिरासत में लेने के बाद प्रियंका गांधी को सीतापुर के गेस्ट हाउस में रखा गया था। जहां आज राहुल उनसे मिले और दोनों लखीमपुर हिंसा के पीड़ितों से मिलने के लिए रवाना हो गए।

इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी को यूपी सरकार ने लखीमपुर जाने की परमिशन भी दे दी थी, लेकिन जब राहुल गांधी, पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल के साथ लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे, तो यूपी पुलिस ने उन्हें एयरपोर्ट पर ही रोक दिया। जिसके बाद राहुल गांधी ने कहा कि देख लीजिए यूपी सरकार की परमिशन। यहीं पर राहुल गांधी धरने पर भी बैठ गए। जिसके बाद उन्हें जाने की अनुमति मिल गई।

राहुल गांधी ने एयरपोर्ट पर रोके जाने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि “यूपी सरकार ने मुझे किस तरह की अनुमति दी है? ये लोग मुझे एयरपोर्ट से बाहर नहीं जाने दे रहे हैं।”

राहुल गांधी ने प्रशासन से सवाल करते हुए कहा कि आप किस नियम के तहत तय कर रहे हैं कि मैं कैसे जाऊंगा? बस मुझे नियम बताओ। मामले को आगे बढ़ता देख प्रशासन ने आखिरकार राहुल गांधी को लखीमपुर जाने की इजाजत दे दी। प्रशासन ने राहुल गांधी को पहले निजी गाड़ी से जाने से रोक दिया था, धरने के बाद उन्होंने राहुल गांधी को निजी गाड़ी से जाने की परमिशन दे दी।

एयरपोर्ट पर रोके जाने और फिर जाने की परमिशन मिलने पर कांग्रेस नेता श्रीनिवास बीवी ने ट्वीट कर योगी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- पहले लखनऊ आने से रोका, फिर परमिशन दी, फिर लखनऊ एयरपोर्ट के बाहर निकलने से रोका, फिर अपनी गाड़ी से जाने की परमिशन दी”।

बता दें कि लखीमपुर खीरी हिंसा में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा पर किसान संगठनों ने आरोप लगाया है कि उनकी गाड़ी किसानों को रौंदती हुई निकल गई थी। जिसनें चार किसानों की मौत गई, जबकि कई घायल हो गए हैं। इस घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है। किसान आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।

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