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गुरुद्वारे की दानपेटी में डालने के लिए राहुल गांधी ने निकाले 500 रुपये, सिंधिया के कहने पर वापस रख लिया नोट

मध्य प्रदेश के दौरे के दौरान राहुल गांधी के समक्ष उस समय अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई जब गुरुद्वारे के दानपात्र में डालने के लिए निकाले गए पैसे वापस जेब में रखने पड़े। ऐसी स्थित आचार संहिता लागू होने की वजह से हुई।

गुरुद्वारा में मत्था टेकने पहुंचे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी व अन्य (Photo: PTI)

मध्य प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार राज्य के दौरे पर हैं। इस चुनावी दौरे के दौरान वे मंदिर भी जा रहे हैं और गुरुद्वारा भी। इसी क्रम में वे मंगलवार (16 अक्टूबर) को ग्वालियर-चंबल के दौरे पर आए थे। लेकिन यहां एक ऐसी घटना हुई, जिससे अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई। दरअसल, मंगलवार की सुबह राहुल गांधी ग्वालियर के दाता बंदी छोड़ गुरुद्वारा में मत्था टेकने पहुंचे। यहां उन्होंने देश, प्रदेश की खुशहाली के लिए मन्नत मांगी। इसके बाद दान पेटी के पास पहुंचे अौर जेब से पांच सौ रुपये का नोट निकाल उसमें डालने लगे। लेकिन उनके साथ मौजूद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आचार संहिता का हवाला देते हुए ऐसा करने से उन्हें रोक दिया। मजबूरन राहुल गांधी को पांच सौ का नोट वापस जेब में रखना पड़ा। यह घटना चर्चा का विषय बन गया है। बता दें कि राज्य में 28 नवंबर को चुनाव होने हैं।

इससे पहले राहुल गांधी ने सोमवार को प्रसिद्ध शक्तिपीठ ‘मां पीताम्बरा पीठ’ मंदिर में पूजा अर्चना की थी। राहुल यहां मंदिर परिसर में लगभग आधा घंटे तक रुके और मां पीताम्बरा की पूजा अर्चना की। उनके साथ प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष कमलनाथ और वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया भी थे। इसके बाद उन्होंने राज्य के कई हिस्सों में जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन में शिवराज सरकार पर जमकर प्रहार किया।

राहुल गांधी ने कहा कि, “मध्यप्रदेश के अफसर, ब्यूरोक्रेट्स आपसे छोटा सा छोटा काम करवाने के लिए पैसे लेते हैं। ऊपर से नीचे तक चेन बनी हुई है। चेन के ऊपर शिवराज सिंह चौहान जी एवं उनका परिवार है। ऊपर से नीचे तक मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार है। कुछ भी करवाना है, छोटा सा छोटा काम, इंदिरा आवास, कोई भी सरकारी काज बनवाना हो किसी आफिस में, बीपीएल कार्ड, कुछ भी करवाना हो। पहले अपने जेब से पैसा निकालकर अधिकारी एवं ब्यूरोक्रेट्स को दो। फिर मध्यप्रदेश में जाकर कुछ होगा। मध्यप्रदेश में जितनी भी आपको पढ़ाई करनी है कर लो, जितने भी घंटे आप पढ़ना चाहते हो बिना। मगर आपके जेब में पैसा नहीं, अगर आप रिश्वत देकर परीक्षा नहीं लिखवा सकते हो तो आप मध्यप्रदेश में आगे नहीं बढ़ सकते हो।’’

राहुल गांधी ने आगे सीएम शिवराज पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘पूरा प्रदेश जानता है कि व्यापमं में शिवराजजी एवं उनकी पत्नी की क्या भूमिका है, क्या नहीं है।’’ मध्यप्रदेश में ई-टेंडरिंग घोटाला होता है। पूरा प्रदेश जानता है कि भाजपा के मंत्रियों को, अधिकारियों को, मुख्यमंत्री को सीघा फायदा होता है।’’21,000 योजनाओं की शिवराज सिंह चौहानजी ने घोषणा की है। जहां जाते हैं घोषणा कर देते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपसे (जनता) झूठे वायदे नहीं करना चाहता हूं। मैं आपसे घोषणा नहीं करना चाहता हूं। आपको झूठी घोषणाएं नहीं देना चाहता हूं। मैं आपको सिर्फ एक बात बोलूंगा और अच्छी तरह सुन लीजिए। मध्यप्रदेश में यदि कांग्रेस पार्टी की सरकार बनती है तो 10 दिन के अंदर किसान का कर्जा माफ हो जाएगा। प्रदेश के हर जिले में फूड प्रोसेंसिंग यूनिट स्थापित की जाएगी।” (एजेंसी इनपुट के साथ)

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