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सुनंदा मामला: एफबीआई की रिपोर्ट में पोलोनियम जहर की बात खारिज

दिल्ली पुलिस ने एफबीआई की एक रिपोर्ट के तथ्यों को साझा करते हुए बुधवार को कहा कि सुनंदा पुष्कर के विसरा के नमूने में विकिरण का स्तर ‘सुरक्षित मानक नियमों के अंदर’ है..

Author नई दिल्ली | November 11, 2015 19:49 pm
कांग्रेस नेता शशि थरूर व उनकी पत्नी सुनंदा पुष्कर की तस्वीर।

दिल्ली पुलिस ने अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई की एक रिपोर्ट के तथ्यों को साझा करते हुए बुधवार को कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर के विसरा के नमूने में विकिरण का स्तर ‘सुरक्षित मानक नियमों के अंदर’ है। इस रिपोर्ट में पोलोनियम से जहर फैलने की बात को वस्तुत: खारिज किया गया है।

दिल्ली के पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी ने कहा कि इस हाई प्रोफाइल मामले में आगे की कोई कार्रवाई करने से पहले वाशिंगटन डीसी स्थित प्रयोगशाला की रिपोर्ट को पड़ताल के लिए एक मेडिकल बोर्ड को दिया जाएगा।
उधर, दिल्ली पुलिस में सूत्रों का कहना है कि मामले की जांच कर रही एसआईटी फिर से सुनंदा के पति और कांग्रेस सांसद थरूर को पूछताछ के लिए सम्मन कर सकती है। वे अदालत से थरूर की लाई डिक्टेटर (पॉलीग्राफ) जांच कराने की की अनुमति भी मांग सकते हैं।

जांच अधिकारियों ने अब तक छह लोगों की पॉलीग्राफ जांच करा चुकी है जो इस मामले में प्रमुख गवाह हैं। इन लोगों में थरूर का घरेलू सहायक नारायण सिंह, ड्राइवर बजरंगी और थरूर-सुनंदा के करीबी दोस्त संजय दीवान शामिल हैं। थरूर की इस तरह की जांच नहीं कराई गई, लेकिन उनसे पूछताछ की गई है।

बस्सी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं समझता हूं कि रिपोर्ट प्राप्त हो गई है। एफबीआई प्रयोगशाला ने विभिन्न पदाथो’ का विश्लेषण किया। और चिकित्सकों के इस रिपोर्ट का अध्ययन कर लेने के बाद इससे संकेत मिलना चाहिए (मौत के पीछे मौजूद कारण के बारे में)।’’

नमूनों में विकिरण के स्तर के बारे में पूछे जाने पर दिल्ली पुलिस आयुक्त ने कहा कि यह सुरक्षित मानक नियमों के अंदर था। उन्होंने बताया कि नतीजों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ जोड़ा जाएगा। सूत्रों के मुताबिक जांच के लिए नमूने भेजे जाने के नौ महीने बाद एफबीआई रिपोर्ट मिली है।

विसरा के नमूने फरवरी में वाशिंगटन स्थित एफबीआई प्रयोगशाला को भेजे गए थे ताकि यह पता चल सके कि किस तरह के जहर से सुनंदा की मौत हुई थी। दरअसल, एम्स के मेडिकल बोर्ड ने मौत के पीछे शरीर में जहर फैलने को वजह माना था लेकिन किसी खास पदार्थ का नाम नहीं बताया था।

इन घटनाक्रमों पर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए एम्स फोरेंसिक प्रमुख सुधीर गुप्ता अपनी इस राय पर कायम हैं कि मौत का कारण शरीर में जहर का फैलना है। हालांकि यह पूछे जाने पर कि क्या पोलोनियम 210 (एक रेडियोएक्टिव आइसोटोप) के चलते मौत हुई उन्होंने कहा कि इसका दायरा काफी विस्तृत है।

गुप्ता ने कहा कि ऐसे नतीजे हैं जिनसे इस बात की पुष्टि होती है कि मौत जहर फैलने के चलते हुई। हमने उनकी मौत के अन्य कारणों को हटाने के बाद यह निष्कर्ष निकाला।

गौरतलब है कि सुनंदा को पिछले साल 17 जनवरी को यहां के पांचसितारा होटल में मृत पाया गया था जिसके एक दिन पहले ही ट्विटर पर उनका पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार के साथ बहस हुई थी। मेहर का थरूर के साथ कथित तौर पर प्रेम संबंध था।

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