ताज़ा खबर
 

लालू को सजा: प्रेस कॉन्फ्रेंस में राबड़ी देवी को मिली खबर, तेजस्वी ने संभाला; एक महीने में दो और केस में आना है फैसला

चाईबासा और दुमका अवैध निकासी मामले में जनवरी के अंत या फरवरी के पहले सप्‍ताह में फैसला आ सकता है।

Author नई दिल्‍ली | January 7, 2018 13:05 pm
लालू यादव पर फैसला आने के बाद राबड़ी देवी पटना में प्रेस कांफ्रेंस में ही भावुक हो गई थीं। तेजस्‍वी यादव उन्‍हें वहां से वापस ले गए थे। (फोटो सोर्स: पीटीआई)

चारा घोटाला में सीबीआई की विशेष अदालत ने बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री और राष्‍ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव को शनिवार (6 जनवरी) को सजा सुना दी। अदालत के इस फैसले के बाद पार्टी के साथ ही लालू परिवार में भी निराशा छा गई थी। कोर्ट के फैसले के वक्‍त पटना में पूर्व मुख्‍यमंत्री राबड़ी देवी समेत राजद के तमाम नेता प्रेस कांफ्रेंस के लिए जमा हुए थे। राबड़ी को उसी समय लालू को साढ़े तीन साल की सजा मिलने की खबर मिली थी। उन्‍होंने भावुक होते हुए अपनी आंखें बंद कर ली थीं। उनके बेटे और बिहार के पूर्व उपमुख्‍यमंत्री तेजस्‍वी यादव ने उन्‍हें संभाला और प्रेस कांफ्रेंस से ले गए थे। आने वाले समय में लालू यादव की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं, क्‍योंकि चारा घोटाले से जुड़े दो और मामलों में फैसला आना है।

कोर्ट ने लालू यादव को पिछले महीने दिसंबर में दोषी ठहराया था। विशेष कोर्ट ने चाईबासा और दुमका कोषागार से अवैध निकासी के मामले की सुनवाई भी पूरी कर ली है। चाईबासा कोषागार मामले की विशेष जज एसएस प्रसाद की अदालत ने सुनवाई की थी। दोनों मामलों में जनवरी के अंत या फरवरी के शुरू में निर्णय आने की उम्‍मीद है। ऐसे में लालू यादव की मुश्किलें कम होने के बजाय आने वाले समय में और बढ़ सकती हैं। माना जा रहा है कि पूर्व मुख्‍यमंत्री छह महीने तक जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे। ललू के वकीलों ने विशेष अदालत के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है। इससे जुड़ी याचिका में ही उनके लिए जमानत की भी मांग की जाएगी। हालांकि, विशेषज्ञ बताते हैं कि फैसले को चुनौती देने और जमानत से जुड़ी याचिका दाखिल करने में सात से दस दिन का वक्‍त लग सकता है। इसके बाद हाई कोर्ट में याचिका के लिस्‍ट में आने का इंतजार करना पड़ेगा।

चारा घोटाले लालू के खिलाफ फैसला आने से राजद के नेतृत्‍व को लेकर भी अटकलें तेज हो गई हैं। लालू की बेटी मीसा के खिलाफ भी शिकंजा कसता जा रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि तेजस्‍वी यादव कठिन वक्‍त में पार्टी की कमान संभाल सकते हैं। हालांकि, पार्टी के भविष्‍य को लेकर पार्टी के शीर्ष नेताओं के बीच विचार-विमर्श का दौर जारी है। राजद ने आने वाले समय में बिहार में राजनीतिक अभियान को और तेज करने की बात कही है, ताकि समर्थकों के मनोबल को बनाए रखा जा सके। पार्टी 14 जनवरी से यात्रा निकालने की तैयारी में है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App