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PMLA मामले में तीसरी बार ईडी के सामने पेश नहीं हुईं राबड़ी देवी, 16 को है अगली पेशी

राजद प्रमुख लालू प्रसाद की पत्नी राबड़ी देवी इसके पहले भी दो बार ईडी के सामने पेश नहीं हुई हैं। यह अभी पता नहीं चल सका है कि उन्होंने बुधवार को पेश नहीं होने के लिए क्या कोई कारण बताया है।

Author नई दिल्ली | Updated: October 12, 2017 7:47 AM
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बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी रेलवे होटलों के आवंटन में भ्रष्टाचार मामले में धनशोधन जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष आज पेश नहीं हुईं। अधिकारियों के अनुसार, उन्हें बुधवार को पेश होना था। उन्होंने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने उन्हें अब 16 अक्टूबर को पेश होने को कहा है। राजद प्रमुख लालू प्रसाद की पत्नी राबड़ी देवी इसके पहले भी दो बार ईडी के सामने पेश नहीं हुईं। यह अभी पता नहीं चल सका है कि उन्होंने आज पेश नहीं होने के लिए क्या कोई कारण बताया है।

ईडी ने इस मामले में उनके पुत्र तथा बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से मंगलवार को करीब नौ घंटे पूछताछ की थी। सीबीआई ने भी हाल ही में इस मामले में तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद के बयान दर्ज किए थे। ईडी ने कुछ समय पहले धनशोधन रोकथाम कानून (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत लालू प्रसाद के परिवार के सदस्यों और अन्य के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया था। ईडी ने संप्रग सरकार में मंत्री रहे पीसी गुप्ता की पत्नी सहित कुछ अन्य लोगों से पूछताछ की थी।

उल्लेखनीय है कि जांच एजेंसी ने खुद की आपराधिक शिकायत के संबंध में सीबीआई द्वारा दर्ज की गई एक प्राथमिकी को संज्ञान में लिया था। जुलाई में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक आपराधिक प्राथमिकी दर्ज करके बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और कई अन्य के खिलाफ कई स्थानों पर तलाशी भी ली थी। अधिकारियों ने बताया था कि प्रवर्तन निदेशालय आरोपी द्वारा कथित मुखौटा कंपनियों के जरिए किए गए अपराधों की जांच करेगी। प्रवर्तन मामला, सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) में दर्ज आरोपों के लिए राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और अन्य पर जांच चलेगा। सूचना रिपोर्ट में दर्ज मामला पुलिस प्राथमिकी के बराबर होता है।

दरअसल, यह मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव संप्रग सरकार में रेल मंत्री थे। सीबीआई प्राथमिकी में विजय कोच्चर, विनय कोच्चर (सुजाता होटल के निदेशक), डिलाइट मार्केटिंग कंपनी (मौजूदा समय में लारा प्रोजेक्ट) और आईआरसीटीसी के तत्कालीन निदेशक पीके गोयल का नाम है। सीबीआई की प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने आईआरसीटीसी के दो होटलों के रखरखाव का काम एक कंपनी को पटना में प्रमुख जगह पर स्थित जमीन रिश्वत के रूप में प्राप्त करके सौंपा था। यह रिश्वत बेनामी कंपनी के जरिए ली गई थी, जिसकी मालिक सरला गुप्ता हैं।

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