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रांची की अदालत ने कुरान बांटने का दिया था फरमान, बवाल मचने पर फैसला लिया वापस

कोर्ट के इस अजीबो-गरीब फैसले की सोशल मीडिया पर मजकर आलोचना हो रही थी। कोर्ट ने अपने आदेश में ऋचा को अंजुम इस्लामिया कमेटी और चार अन्य स्कूल-कॉलेज में कुरान की प्रतियां दान करने को कहा था।

Author रांची | July 17, 2019 10:07 PM
ऋचा पटेल। फोटो: ANI

सोशल नेटवर्किंग साइट पर इस्लाम के खिलाफ कथित सांप्रदायिक पोस्ट करने पर कुरान बांटने के अपने आदेश पर रांची की एक अदालत ने बुधवार (17 जुलाई 2019) को संशोधन कर दिया। झारखंड की ऋचा भारती को कोर्ट ने पांच कुरान बांटने का आदेश दिया था। कोर्ट ने फैसले पर जमकर आलोचना के बाद संशोधन किया है। कोर्ट ने अब ऋचा को सात हजार रुपये की जमानत राशि और इतनी ही राशि के दो मुचलकों पर नियमित जमानत दे दी है।

न्यायिक मजिस्ट्रेट सिंह ने जमानत की शर्त के रूप में कहा कि एक जमानती रांची से और दूसरा जमानती याचिकाकर्ता का रिश्तेदार होना चाहिए। बता दें कि कोर्ट के इस अजीबो-गरीब फैसले की सोशल मीडिया पर मजकर आलोचना हो रही थी। कोर्ट ने अपने आदेश में ऋचा को अंजुम इस्लामिया कमेटी और चार अन्य स्कूल-कॉलेज में कुरान की प्रतियां दान करने को कहा था।

हालांकि ऋचा ने कोर्ट के फैसले का लगातार विरोध किया। उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट में फैसले को चुनौती देने की बात कही थी। आरोप लगाया था कि बिना उनके तर्क को सुनें और समझे ही यह फैसला सुना दिया गया। ऋचा ने कहा कि उन्हें कुरान से कोई समस्या नहीं जैसे वेद है वैसे ही कुरान है।

उन्होंने कहा था ‘मुझे एक साधारण फेसबुक पोस्ट के चलते मस्जिद जाकर कुरान देनी पड़ेगी। मेरे भगवान के बारे में कुछ लिखने में कुछ भी गलत नहीं है। मैंने कोई पोस्ट नहीं लिखी। मैंने सिर्फ कहीं से मिली हुई पोस्ट को कट और पेस्ट करके शेयर कर दिया। दूसरे समुदाय के लोग भी ऐसा लिखते हैं लेकिन उन्हें कभी हनुमान चालीसा बांटने के लिए नहीं कहा गया। यह सही नहीं है।’ वहीं कोर्ट के इस फैसले के बाद बीजेपी और दक्षिणपंथी नेता लगातार ऋचा का समर्थन किया। उनके घर पर नेताओं का जमावड़ा लगा रहा। जिसके बाद प्रशासन ने उन्हें सुरक्षा भी मुहैया करवाई।

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