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कम अटेंडेंस को लेकर कॉलेज ने दी नाम काटने की धमकी तो लड़कियों ने जाम कर दी सड़क, एक ने लगाई नहर में छलांग

नाम काटे जाने से नाराज छात्राओं ने मंगलवार को कॉलेज परिसर में खूब नारेबाजी और तोड़फोड़ की। छात्राओं ने इस दौरान पूरे सड़क को भी जाम कर दिया।

नाम काटे जाने से नाराज छात्राओं ने मंगलवार को कॉलेज परिसर में खूब नारेबाजी और तोड़फोड़ की।

लुधियाना में मॉडल टाउन स्थित गुरू नानक देव गर्ल्स कॉलेज में मंगलवार को छात्रों ने जमकर उत्पात मचाया। सभी छात्राएं कॉलेज प्रशासन द्वारा 50 से अधिक छात्राओं के नाम काटे जाने से नाराज थे। छात्राओं का आरोप है कि कॉलेज की इस हरकत से बीए फाइनल ईयर की छात्रा रितू पासवान ने सुसाइड की कोशिश की। छात्राओं कहा कहना था कि कॉलेज प्रशासन ने हम लोगों का नाम इसलिए काट दिया क्योंकि हमारी अटेंडेंस कम थी। उन्होंने बताया कि कॉलेज प्रशासन ने जानबूझकर हमारे अटेंडेंस कम किए, ताकि इसके एवज में वो हमसे पैसे ऐंठ सके। कॉलेज परिसर में विरोध कर रहे छात्राओं ने बताया कि कॉलेज की एक टीचर रितू को काफी तंग कर रही थी। उसे रोल नंबर नहीं दिया जा रहा था। इससे वो दुखी होकर सुसाइड करने की कोशिश की।

नाम काटे जाने से नाराज छात्राओं ने मंगलवार को कॉलेज परिसर में खूब नारेबाजी और तोड़फोड़ की। छात्राओं ने इस दौरान पूरी सड़क को भी जाम कर दिया। इस बीच अकाली दल और कांग्रेस के नेता भी वहां पहुंच गए और उन्होंने विरोध कर रहे छात्राओं का साथ दिया। करीब 8 घंटे तक धरना प्रदर्शन पर बैठे छात्राओं ने कॉलेज प्रिंसिपल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्राओं को धरना प्रदर्शन से हटाने के लिए पुलिस को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब 3 घंटे तक पुलिस छात्राओं को मनाती रही। लेकिन छात्राएं कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. चरनजीत कौर माहल को बुलाने पर अड़े हुए थे। गौरतलब है कि रितू ने सोमवार को नहर में कूदकर जाने देने की कोशिश की थी, जिसके बाद मामला और गरमा गया।

रितू ने बताया की सोमवार को जब वह रोल नंबर लेने के लिए जैसे ही कॉलेज ऑफिस से क्लियरेंस स्लिप पर साइन कराने के लिए पहुंची तो असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सुरिंदर भट्ठल ने लेक्चर शॉर्ट हो और फीस की अंतिम किश्त 3500 रुपए न जमा होने की बात कही। छात्रा के मुताबिक, उसने कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. चरनजीत कौर माहल से खूब मिन्नतें करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने चपरासी से धक्के देकर बाहर निकाल देने की बात कही। रितू ने कहा, हमारी आर्थिक स्थिति काफी खराब है। मेरे पिता रेहड़ी चलाते हैं और मां घरों में काम करती है।

वहीं, कॉलेज की प्रिंसिपल चरनजीत माहल ने बताया, ‘अटेंडेंस की गाइडलाइंस यूनिवर्सिटी द्वारा ही जारी की गई है। मैंने स्टूडेंट्स और पेरेंट्स के साथ किसी का तरह का दुर्व्यवहार नहीं किया है। यूनिवर्सिटी की तरफ से जो फीस भी बढ़ाई गई है हम उसी के अनुसार ले रहे हैं। कम अटेंडेंस के 50 ही केस हैं। इस केस को भी स्टाफ द्वारा रिव्यू करने के बाद शुक्रवार को निर्णय लिया जाएगा।’

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