ताज़ा खबर
 

तेजाब हमले की पीड़ित महिलाओं को 8 हजार रुपये वित्तीय सहायता देगी पंजाब सरकार

जिस प्रस्ताव को मंत्रिमंडल ने अपनी मंजूरी दी वह पीड़ितों या उनके परिवार के सदस्यों को संबद्ध जिले के जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी के समक्ष सहायता राशि के लिए आवेदन करने में सक्षम बनायेगा।

Author May 30, 2017 7:23 PM
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह (File Photo)

कैप्टन अमरिंदर सिंह मंत्रिमंडल ने मंगलवार (30 मई) को तेजाब हमले की पीड़िताओं को 8000 रुपये की वित्तीय सहायता देने का फैसला किया। मंत्रिमंडल ने सेना, अर्द्धसैनिक बलों, पंजाब पुलिस के शहीदों और दुर्घटनाओं या आग हादसे के पीड़ितों को मुआवजा प्रदान करने की नई नीति तैयार करने को मंजूरी समेत कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले किए। उसने ‘शगुन योजना’ का नाम बदलकर ‘आशीर्वाद योजना’ करने का भी फैसला किया। ‘शगुन’ योजना के तहत पंजाब के गरीब परिवारों की 18 साल से अधिक की बेटियों की शादी के लिए 15000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

प्रस्तावित ‘पंजाब तेजाब पीड़ितों को वित्तीय सहायता योजना 2017’ के तहत तेजाब हमले की पीड़ित महिलाओं को प्रति माह प्रति व्यक्ति के हिसाब से पंजाब का सामाजिक सुरक्षा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। जिस प्रस्ताव को मंत्रिमंडल ने अपनी मंजूरी दी वह पीड़ितों या उनके परिवार के सदस्यों को संबद्ध जिले के जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी के समक्ष सहायता राशि के लिए आवेदन करने में सक्षम बनायेगा।

HOT DEALS
  • Sony Xperia XZs G8232 64 GB (Warm Silver)
    ₹ 34999 MRP ₹ 51990 -33%
    ₹3500 Cashback
  • Sony Xperia XA Dual 16 GB (White)
    ₹ 15940 MRP ₹ 18990 -16%
    ₹1594 Cashback

‘शगुन’ योजना का नाम बदलकर ‘आशीर्वाद’ योजना करने के प्रस्ताव को मंत्रिमंडल के हरी झंडी देने के अलावा मंत्रिमंडल ने लाभार्थियों को सीधा उनके बैंक खाते में सहायता राशि का ऑनलाइन भुगतान करने को भी मंजूरी दे दी

इसके अलावा मंत्रिमंडल ने ‘कुर्की’ को समाप्त करने के मुख्यमंत्री के वादे को आज अपनी औपचारिक मंजूरी दे दी। कुर्की एक ऐसी प्रथा थी जिसके तहत गिरवी रखी गई जमीन की रिण की वसूली के लिए नीलामी की जाती है। कैबिनेट का फैसला मुख्यमंत्री के इस बयान के मद्देनजर आया है जिसके तहत उन्होंने मुश्किलों में घिरे राज्य के किसानों को उनके कर्ज को माफ करके और ‘कुर्की’ को समाप्त करके उन्हें कर्ज के बोझ से मुक्ति दिलाने की प्रतिबद्धता जताई थी।

मंत्रिमंडल की बैठक यहां सिंह की अध्यक्षता में हुई। उसने पंजाब कोआपरेटिव सोसाइटी अधिनियम, 1961 की धारा 67-ए को समाप्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी, जो कर्ज की वसूली भू राजस्व के बकाये के तौर पर ‘कुर्की’ का प्रावधान करती है।

कृषि क्षेत्र में सुधार के एक अन्य कदम के तहत मंत्रिमंडल ने मौजूदा मनोनीत बाजार समितियों के
अधिक्रमण को भी मंजूरी दी। मंत्रिमंडल के फैसले के अनुसार पंजाब कृषि उत्पाद बाजार अधिनियम की धारा 12 में प्रशासकों की नियुक्ति के लिए संशोधन किया जाएगा, जो एक साल या बाजार समितियों के मनोनयन तक आधिकारिक ड्यूटी और बाजार समितियों की शक्तियों का इस्तेमाल करेंगे।

देखिए वीडियो - पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने रिश्वत ले रहे ट्रैफिक पुलिस को रंगे हाथों पकड़ा

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App