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पटियाला से AAP सांसद धर्मवीर गांधी ने बोए पोस्‍ता के बीज, पुलिस कर सकती है कार्रवाई

एनडीपीएस अधिनियम की धारा 18 के तहत, अफीम की खेती करने वाले व्यक्ति को कम से कम 10 वर्षों तक कड़ी सजा और 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है, जुर्माने की राशि को 2 लाख रुपये तक बढ़ाया जा सकता है।

डॉ गांधी ने कहा कि राज्य सरकार उनके खिलाफ कोई कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।

लुधियाना ग्रामीण पुलिस ने हाल ही में लुधियाना के पास छपार मेला के बाद पोस्‍ता के बीज बोने के लिए पटियाला के सांसद डॉ धर्मवीर गांधी के खिलाफ डेली डायरी रिपोर्ट (डीडीआर) फाइल की है। डॉ. गांधी राज्य में पोस्ता की खेती को वैध बनाने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं। उनका कहना है कि सॉफ्ट ड्रग्स हेरोइन से बेहतर हैं। डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG लुधियाना रेंज) आरएस खटरा ने कहा है कि पोस्ती की खेती करना NDPS एक्ट के सेक्शन 18 और 28 के तहत क्राइम है। डीआईजी ने कहा कि उन्होंने लुधियाना के ग्रामीण वरिष्ठ अधीक्षक (एसएसपी) वरिंदर सिंह बरार से एक रिपोर्ट दर्ज करने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि कानूनी राय मांगने के बाद पुलिस कार्रवाई करेगी। एनडीपीएस अधिनियम की धारा 18 के तहत, पोस्ता की खेती करने वाले व्यक्ति को कम से कम 10 वर्षों तक कड़ी सजा और 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है, जुर्माने की राशि को 2 लाख रुपये तक बढ़ाया जा सकता है।

डीआईजी ने कहा कि पुलिस ने राजस्व विभाग से जमीन के मालिक के ब्योरे को साझा करने के लिए कहा है जहां सांसद ने पोस्ता के बीज बोए थे। पुलिस ने बयान दर्ज करने के लिए जमीन के मालिक को बुलाया है। पुलिस यह जानना चाहती है कि क्या पोस्ता के बीज बोने की जानकारी जमीन के मालिक को थी या नहीं।

डीडीआर पर प्रतिक्रिया करते हुए, डॉ गांधी ने कहा कि राज्य सरकार उनके खिलाफ कोई कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है। पटियाला के सांसद ने कहा, “यह एक प्रतीकात्मक विरोध था और न ही मैंने और न ही किसानों ने कुछ भी गलत किया है। किसान आत्महत्या कर रहे हैं, नशे की लत से लोग मर रहे हैं, युवा बेरोजगार हैं, लेकिन पंजाब सरकार इन सब के लिए अनजान है और नीरो की बांसुरी बजा रही है।”

सांसद ने राज्य में पोस्ता की बिक्री और पोस्ता की खेती को वैध बनाने पर पंजाब पर्यटन और स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा उठाए गए कदम की भी सराहना की। लुधियाना में एक समारोह में, सिद्धू ने कहा, “मैं मांग को बढ़ाने के लिए गांधी की सराहना करता हूं। यह ‘चिट्टा’ (हेरोइन) से बेहतर तरीका है, जिसके कारण माता-पिता को अपने बच्चों बॉडी देखनी पड़ती है।” इस समारोह में राज्य पुलिस प्रमुख सुरेश अरोड़ा भी शामिल थे।

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