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इंडियन आर्मी:सीनियर ऑफिसर की बीवी ने जूनियर की पत्नी को लगाया चांटा, PM मोदी तक पहुंचा मामला

सीनियर अधिकारी की पत्नी को अपने पति के रुतबे और पावर का इतना गुमान था कि उसने जूनियर अधिकारी की बीवी की सरेआम थप्पड़ मार दिया।

भारतीय सेना। तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है।

पंजाब में इंडियन आर्मी के एक प्रोग्राम के दौरान दो आर्मी ऑफिसर की पत्नियां इस कदर झगड़ पड़ीं कि मामला मारपीट तक आ पहुंचा। यूं तो आर्मी के जवान और अधिकारी कड़े अनुशासन और जेंटलमैन लाइफस्टाइल के लिए जाने जाते हैं, लेकिन इस घटना से आर्मी की प्रतिष्ठा को धक्का लगा है। ये वाकया पंजाब के बठिंडा मिलिट्री स्टेशन में हुआ। यहां पर आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (AWWA) के एक कार्यक्रम में दो अफसरों की बीवियों के बीच एक कार्यक्रम के दौरान लड़ाई हो गई। इसके बाद सीनियर अधिकारी की पत्नी को अपने पति के रुतबे और पावर का इतना गुमान था कि उसने जूनियर अधिकारी की बीवी की सरेआम थप्पड़ मार दिया। अंग्रेजी वेबसाइट इंडियाटुडे डॉट इनटूडे डॉटइन की एक रिपोर्ट के मुताबिक सीनियर आर्मी ऑफिसर की इस महिला ने ना सिर्फ सरेआम उसकी बेइज्जती की बल्कि उसे अंजाम भुगतने की भी धमकी दी। रिपोर्ट के मुताबिक बठिंडा के चेतक ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट में एक कमांडिंग ऑफिसर की पत्नी ने लेफ्टिनेंट कर्नल की पत्नी को सरेआम चांटा लगा दिया। इस दौरान वहां कई अधिकारियों और की पत्नियां मौजूद थीं। सेना के अधिकारियों ने इस मामले को दबाने की कई कोशिश की लेकिन पीड़ित महिला इस मामले को देश के सबसे बड़े दफ़्तर पीएमओ ले गई।

पीएमओ ने अब इस मामले में आर्मी मुख्यालय से रिपोर्ट मांगी है। इस मामले में पीड़ित महिला के पति ने पीएमओ, गृह मंत्रालय, मानवाधिकार आयोग, महिला आयोग, सीबीआई और डीजीपी पंजाब पुलिस को शिकायत भेजा है। शिकायत में ये भी लिखा गया है कि पीड़ित पर (AWWA) के द्वारा दबाव डाला जा सकता और उसे इंसाफ से दूर रखा जा सकता है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक सोशल मीडिया पर कई जगह ये भी मैसेज चल रहा है कि शिकायत करने वाले जवान को धमकी दी जा रही है कि अगर वो मामले को आगे ले जाता है तो उसकी सालाना रिपोर्ट में उसे परिणाम भुगतना पड़ेगा।

बता दें कि आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (AWWA) सेना के जवानों के बच्चों, परिवार वालों और आश्रितों के कल्याण का काम करता है। साथ ही ड्यूटी पर शहीद हुए जवानों के बच्चों और उनके परिवार वालों के देखरेख का जिम्मा भी ये संस्था उठाती है। बता दें कि सेना के अधिकारियों और जवानों की पत्नियां आर्मी एक्ट के तहत नहीं आती हैं, इसलिए इस घटना के कई गवाह मौजूद रहने के बावजूद आरोपी आर्मी अफसर की पत्नी पर आर्मी एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं की जा सकती है। AWWA एक गैर सरकारी संगठन है और आर्मी चीफ की पत्नी इसकी प्रमुख होती हैं। इसके अलावा हरेक आर्मी ऑफिसर और आर्मी जवान की पत्नी के लिए इसका सदस्य होना अनिवार्य है।

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