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पंजाब कांग्रेस में कलह, शुरू हुआ पोस्टर वॉर, गुटबाजी सुलझाने को पैनल के सामने पेश हुए बड़े नेता

सिद्धू को लेकर पार्टी में नाराजगी बढ़ती जा रही है। हाल ही में अमृतसर में सिद्धू के खिलाफ जगह-जगह पोस्टर लगाकर उनके गायब होने की सूचना दी गई थी। उसमें लिखा था कि सिद्धू को खोजने वाले को 50,000 रुपए का ईनाम दिया जाएगा।

पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और पार्टी नेता नवजोत सिंह सिद्धू। (फोटो- इंडियन एक्सप्रेस फाइल)

देश में केंद्र और अधिकतर राज्यों की सत्ता से खत्म हो रही कांग्रेस पार्टी हाल ही में पश्चिम बंगाल में भी वजूद ही समाप्त कर बैठी है। जिन राज्यों में उसकी सत्ता भी है, वहां वह अंतर्कलह से जूझ रही है। इन राज्यों में सबसे प्रमुख है पंजाब, जहां अगले साल के शुरू में ही विधानसभा का चुनाव है। खास बात यह है कि चुनाव में अब एक साल भी नहीं रह गए हैं, लेकिन पार्टी की राज्य इकाई के अंदर मचा घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है।

पंजाब की कांग्रेस सरकार के मुखिया कैप्टन अमरिंदर सिंह और पार्टी नेता नवजोत सिंह सिद्धू के बीच लंबे समय से टकराव चल रहा है। दोनों नेता एक-दूसरे के खिलाफ अक्सर बयानबाजी भी करते रहते हैं। दो साल पहले नवजोत सिंह सिद्धू ने पूछा था कि राज्य का कैप्टन कौन है। इस पर सीएम की ओर से राज्य में जगह-जगह पोस्टर लगाकर बताया गया है कि ‘राज्य का कैप्टन तो एक ही है’, वह कैप्टन अमरिंदर सिंह हैं। इतना ही नहीं, पोस्टर में साफ-साफ लिखा भी है कि ‘कैप्टन फॉर 2022’

दूसरी तरफ सिद्धू को लेकर पार्टी में नाराजगी बढ़ती जा रही है। हाल ही में अमृतसर में सिद्धू के खिलाफ जगह-जगह पोस्टर लगाकर उनके गायब होने की सूचना दी गई थी। उसमें लिखा था कि सिद्धू को खोजने वाले को 50,000 रुपए का ईनाम दिया जाएगा।

इस बीच पार्टी में आंतरिक कलह को खत्म करने के लिए बनाई गई तीन सदस्यीय पैनल के सामने दिल्ली में दोनों नेता अलग-अलग पेश हुए हैं। उसकी रिपोर्ट जल्द हाईकमान को पेश की जाएगी। राज्य में कांग्रेस पार्टी के अंदर की इस खींचतान से पार्टी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त निराशा है। इन सबके बीच आम आदमी पार्टी को यहां सुनहरा मौका दिख रहा है।

विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को उम्मीद है कि उसे जनता का समर्थन मिलेगा और वह वहां पर सरकार बनाने में सफल होगी। हालांकि कांग्रेस पार्टी को भरोसा है कि वह जल्द ही दोनों नेताओं के मतभेद को सुलझा लेगी और पार्टी एक बार फिर सत्ता में लौटने में कामयाब होगी।

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