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कोराना संकटः मजदूरी को अमृतसर गए थे 16 लोग, लॉकडाउन में फंसे तो लौटने लगे वापस, 6 दिन में पैदल चले 277 किमी, अब घर के लिए और चलेंगे 600km

Coronavirus in india: लोगों का यह समूह पिछले 6 दिन पैदल चलकर बीते रविवार (29 मार्च, 2020) को सादुल शहर पहुंचा। देशभर में प्रवास को रोकने के लिए केंद्र ने राज्य सरकारों ने अपने बॉर्डर सील करने के आदेश दिए हैं। ऐसे में इस समूह ने जगलों से होते हुए ये रास्ता तय किया।

Author Translated By Ikram लुधियाना | Updated: March 30, 2020 2:17 PM
16 लोगों के ग्रुप में शामिल दंपत्ति, जो आराम करने के लिए राजस्थान की सीमा पर रुका। (फोटो सोर्स इंडियन एक्सप्रेस)

Coronavirus in india: देशभर में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 दिनों के लॉकडाउन की घोषणा की। लोगों से अपील की गई कि वो अपने घरों में ही रहें और बहुत जरुरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें। हालांकि पीएम मोदी की घोषणा के चंद दिनों के भीतर प्रवासी मजदूर बड़े पैमाने पर पैदल ही अपने घरों की ओर निकलने लगे। ऐसे ही एक समूह अमृतसर से करीब 277 किलोमीटर पैदल चलकर राजस्थान के सादुल शहर पहुंचा। अब ये लोग अपने निवास स्थान गंगापुर शहर पहुंचने के लिए 600 किलोमीटर लंबा सफर और तय करेंगे। पैदल यात्रियों का यह ग्रुप 16 लोगों का है, इसमें दो महिला और छोटे बच्चे शामिल हैं।

लोगों का यह समूह पिछले 6 दिन पैदल चलकर बीते रविवार (29 मार्च, 2020) को सादुल शहर पहुंचा। देशभर में प्रवास को रोकने के लिए केंद्र ने राज्य सरकारों ने अपने बॉर्डर सील करने के आदेश दिए हैं। ऐसे में इस समूह ने जगलों से होते हुए ये रास्ता तय किया।

समूह में तौलिए से अपना चेहरा ढंके एक शख्स ने बताया, ‘सादुल शहर के ग्रामीणों ने हमें भोजन और आराम करने के लिए जगह दी। हम मजदूरी के लिए 20 मार्च को अमृतसर पहुंचे थे। उम्मीद थी कि गर्मियों के मौसम तक वहां काम करेंगे। मगर देशभर में लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई और हम वहीं फंस गए। इसके बाद हमने 24 मार्च को अमृतसर से पैदल चलना शुरू कर दिया। कुछ आराम के लिए रास्ते में हमने टेंपो और ट्रक ड्राइवरों से लिफ्ट ली। हम जहां भी रुके सड़क किनारे सो गए। रास्ते में कुछ बहुत अच्छे लोग भी थे जिन्होंने लंगर लगा रखे थे। अमृतसर में हमारे पास थोड़े बहुत पैसा था जो खर्च हो गए, जिसके बाद हमें वापस आना पड़ा।’

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समूह में मौजूद दूसरे शख्स ने कहा, ‘हमें पता नहीं था कि सीमाओं को सील कर दिया गया था इसलिए हम वन क्षेत्र से चले। अगर राजस्थान सरकार हमारे गांव तक पहुंचने में हमारी मदद कर सकती है, तो यह एक बड़ी मदद होगी। पिछले कुछ दिन हमारे लिए बहुत कठिन रहे हैं।’ बता दें कि सादुल शाहर राजस्थान के गंगानगर जिले का एक सीमावर्ती शहर है और पंजाब के अबोहर के करीब है। गंगापुर सादुल शहर से 600 किमी आगे है। दोपहर के बाद ये समूह आगे की तरफ बढ़ गया।

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उल्लेखनीय है कि देश में कोविड-19 मामलों की संख्या सोमवार को 1,017 पर पहुंच गई जबकि बीमारी से मरने वालों की संख्या 29 हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में अब भी 942 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हैं जबकि 99 लोगों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है और एक व्यक्ति यहां से चला गया है। मंत्रालय के सुबह साढ़े 10 बजे के अद्यतन डेटा में बताया गया कि महाराष्ट्र में बीमारी से मौत के दो नये मामले सामने आए हैं।

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