scorecardresearch

Punjab: कांग्रेस पार्टी हारी है, मरी नहीं है- बोले सिद्धू, फ्री बिजली के ऐलान पर भगवंत मान को घेरा

नवजोत सिंह सिद्धू ने बिजली के मुद्दे पर भगवंत मान सरकार से कई सवाल पूछे हैं। उन्होंने फ्री बिजली से लेकर इसकी आपूर्ति तक के मुद्दे पर सरकार को घेरा है।

Punjab: कांग्रेस पार्टी हारी है, मरी नहीं है- बोले सिद्धू, फ्री बिजली के ऐलान पर भगवंत मान को घेरा
चंडीगढ़ में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नवजोत सिंह सिद्धू (फोटो- वीडियो स्क्रीनशॉट @sherryontopp)

पंजाब में कांग्रेस चुनाव भले ही हार गई है, लेकिन अभी भी मैदान में उसके नेता उतरे हुए दिख रहे हैं। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू लगातार भगवंत मान सरकार को हर मुद्दे पर घेर रहे हैं। कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर पहले ही आप सरकार पर हमलावर रहने वाले सिद्धू ने इस बार फ्री बिजली के ऐलान पर सीएम मान को घेर लिया है।

सिद्धू ने कहा है कि लोग ये ना सोचें कि कांग्रेस खत्म हो गई है। कांग्रेस पंजाब में विपक्ष की भूमिका मजबूती से निभाती रहेगी और सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह बनाए रखेगी। सिद्धू ने कहा- “कांग्रेस पार्टी हार गई है लेकिन मरी नहीं है। कांग्रेस पंजाब में रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएगी। हम पंजाब में लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए काम करेंगे। राज्य में सरकार को जवाबदेह होना चाहिए”।

कांग्रेस नेता ने ये बातें बठिंडा में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कही। इस दौरान उनके साथ कांग्रेस के अन्य कई नेता भी मौजूद थे। सिद्धू ने फ्री बिजली के वादे पर भी भगवंत मान सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के पास इस योजना के तहत 6,000 करोड़ रुपये के बजट आवंटन का खाका नहीं है।

सिद्धू ने राज्य सरकार से बिजली की तैयारी के बारे में भी सवाल पूछा। उन्होंने कहा कि आने वाले दो महीनों में धान की बुवाई के मौसम में बिजली की मांग 16,000 किलोवाट होगी। उन्होंने सरकार से सवाल किया कि मांग में वृद्धि को पूरा करने की योजना मान सरकार ने कैसे बनाई है।

इसके अलावा सिद्धू ने पंजाब सरकार के विज्ञापनों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब राज्य की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, तब राज्य के बाहर सरकार को विज्ञापन जारी नहीं करना चाहिए। बता दें कि सिद्धू उस तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के हिस्से में शामिल हैं जो पंजाब की कानून व्यवस्था और वित्तीय स्थिति पर चर्चा करने के लिए 21 अप्रैल को राज्यपाल से मिलने जाएगा।

पढें पंजाब (Punjab News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.

अपडेट