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पंजाब: विधानसभा में हंगामे के बीच फेंका गया जूता

विपक्ष की तरफ से एक जूता फेंका गया, जो राज्य मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के करीब जा गिरा।
Author चंडीगढ़ | September 15, 2016 01:23 am
विधानसभा अध्यक्ष ने तब जाखड़ से कहा कि वे अध्यक्ष का ‘अपमान’ कर रहे हैं और विपक्षी दल के सदस्यों से अपनी सीट पर जाने को कहा

पंजाब विधानसभा में बुधवार को शर्मनाक मंजर देखने को मिला जब हंगामे के बीच विपक्ष की तरफ से एक जूता फेंका गया, जो राज्य मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के करीब जा गिरा। हालांकि यह साफ नहीं हो पाया कि जूते का निशाना कौन था। बहरहाल विधानसभा के चार दिवसीय सत्र का समापन इस जूता कांड व जोरदार हंगामे के बीच समापन हुआ। बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष चरनजीत सिंह अठवाल को सदन की कार्यवाही पांच मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी जब कांग्रेस के विधायक अध्यक्ष के आसन के सामने आ गए। वे राज्य में सत्तारूढ़ शिरोमणि अकाली दल-भाजपा सरकार के खिलाफ पार्टी के लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की मांग कर रहे थे। सदन की कार्यवाही बहाल होने के 15 मिनट बाद विधानसभा में विपक्ष के पूर्व नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुनील जाखड़ ने कहा कि वे उम्मीद कर रहे हैं कि विधानसभा अध्यक्ष सदन के नेता और विपक्ष के नेता को बुलाकर मुद्दे का समाधान करेंगे। लेकिन आपने सुखबीर बादल से आदेश लेकर पद की गरिमा घटा दी है। आप चर्चा नहीं चाहते हैं।

विधानसभा अध्यक्ष ने तब जाखड़ से कहा कि वे अध्यक्ष का ‘अपमान’ कर रहे हैं और विपक्षी दल के सदस्यों से अपनी सीट पर जाने को कहा। उन्होंने कहा, मैं अपना कर्तव्य जानता हूं और मैं सदन को चलाना चाहता हूं। कांग्रेस के कई विधायकों ने लगातार दो रातें विधानसभा में गुजारीं। वे अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की अपनी मांग पर कायम थे। अविश्वास प्रस्ताव सोमवार को ध्वनि मत से गिर गया था। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि जैसा कि उन्हें जानकारी मिली कि कांग्रेस के विधायक सदन में ठहरे हुए हैं तो उन्होंने वहां बिजली की व्यवस्था कराई। इस पर कांग्रेस के विधायक फिर से अध्यक्ष के आसन के सामने आ गए और अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की मांग करने लगे।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि सदन ने पहले ही इसे खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा, मुझे यह कहते हुए दुख हो रहा है कि आपने सदन का समय बरबाद किया है। इसलिए, मैं प्रश्नकाल, शून्यकाल और दो ध्यानाकर्षण नोटिसों को निलंबित करता हूं। इसके बाद उन्होंने विधेयकों को पारित कराने की कार्यवाही शुरू की। इस मौके पर कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष की ओर कागज फेंकने शुरू कर दिए। विधानसभा के वाच एंड वार्ड स्टाफ के तकरीबन 10 सदस्यों ने विधानसभा अध्यक्ष को तब घेर लिया जब अमरिंदर राजा वारिंग, भारत भूषण आशु और सुखजिंदर रंधावा समेत कांग्रेस विधायकों ने पेपर और कैग की रिपोर्ट अध्यक्ष के आसन की ओर फेंकी। जोरदार हंगामे और वाच एंड वार्ड स्टाफ की ओर से प्रदान सुरक्षा के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने एक-एक करके विधेयकों पर आगे बढ़ना शुरू किया। उन्होंने तोता सिंह और परमिंदर सिंह ढींढसा समेत कुछ मंत्रियों को अपना विधेयक पेश करने को कहा। हंगामे के बीच विपक्ष की तरफ से एक जूता फेंका गया, जो राज्य मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया से कुछ दूर पर गिरा।

 

 

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