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पार्टी नहीं बनाएंगे, गठबंधन का विकल्प खुला: सिद्धू

किसी नई पार्टी को कोई राज्य जीतने के लिए लगभग दो साल का वक्त चाहिए। हर बड़े काम के लिए तीन महीने का वक्त बहुत छोटा है।

Author चंडीगढ़ | September 22, 2016 2:03 AM
मीडियाकर्मियों से मुखातिब होते नवजोत सिंह सिद्धू। (Source: ANI)

भाजपा के पूर्व सांसद नवजोत सिंह सिद्धू ने बुधवार को एलान किया कि वह पंजाब का आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए कोई राजनीतिक पार्र्टी नहीं बनाएंगे, क्योंकि वह सरकार विरोधी वोटों को बांटकर ‘खेल खराब करने वाला’ नहीं बनना चाहते हैं। ‘आवाज-ए-पंजाब’ नाम का संगठन बनाने की घोषणा के कुछ ही दिन बाद पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि उन्होंने राजनीतिक पार्टी नहीं बनाने का फैसला किया है, क्योंकि चुनाव की तैयारी के लिए अब काफी कम वक्त बचा है। सिद्धू ने कहा कि पंजाब की बेहतरी के लिए उन्होंने ‘गठबंधन’ का विकल्प खुला रखा है। सिद्धू ने कहा, ‘फोरम पंजाब की बेहतरी के लिए किसी गठबंधन का स्वागत करता है और यह कोई राजनीतिक पार्टी नहीं होगी। बस पंजाब, पंजाबियत और हर पंजाबी की जीत हो।’ यहां जारी किए गए बयान में सिद्धू ने कहा कि फोरम ‘खेल खराब करने वाला’ नहीं बनेगा।

उन्होंने कहा, ‘किसी नई पार्टी को कोई राज्य जीतने के लिए लगभग दो साल का वक्त चाहिए। हर बड़े काम के लिए तीन महीने का वक्त बहुत छोटा है।’ सिद्धू ने कहा, ‘मैंने पंजाब के राजनीतिक हालात पर विचार किया है, सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं पर सोचा है और फिर निष्कर्ष पर पहुंचा हूं। हम पंजाब के लोगों को गफलत में नहीं डालेंगे बल्कि स्पष्टता देंगे ताकि वे पंजाब के हित में वोट डाल सकें।’ पूर्व भाजपा सांसद ने कहा, ‘हम सरकार विरोधी वोट बैंक को नहीं बांटेंगे क्योंकि इससे बादल-अमरिंदर के उस गठजोड़ को फायदा मिलेगा जिसने पिछले 15 साल में पंजाब को गर्त में पहुंचा दिया है। इससे पंजाब की बेहतरी की खातिर बदलाव लाने का हमारा मकसद नाकाम हो जाएगा।’

सिद्धू ने कहा, ‘हमारी लड़ाई उस व्यवस्था को हिला कर रख देने की है जिसने पंजाब को बर्बाद कर दिया है। राजनीति कोई पेशा नहीं बल्कि मिशन है। कोई निजी या राजनीतिक बदला नहीं है, सिर्फ पंजाब को सबसे आगे पहुंचाने की इच्छा है।’ क्रिकेटर से नेता बने सिद्धू ने दावा किया कि आवाजÞ-ए-पंजाब की शुरुआत को राज्य में ‘काफी अच्छी प्रतिक्रिया’ मिली। विधायक परगट सिंह, लुधियाना से विधायक सिमरजीत सिंह और बलविंदर बैंस के साथ सिद्धू ने हाल ही में आवाजÞ-ए-पंजाब की स्थापना की घोषणा की थी। सिद्धू ने 14 सितंबर को औपचारिक तौर पर भाजपा छोड़ दी थी। इससे पहले अटकलें थीं कि सिद्धू आम आदमी पार्टी में शामिल होंगे। लेकिन पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर सिद्धू के हमला बोलने के बाद ये अटकलें गलत साबित हुईं।

 

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