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जाट हिंसा: प्रकाश सिंह कमेटी की जांच पर हरियाणा के मंत्री ने उठाए सवाल, कहा- पवित्र गीता नहीं रिपोर्ट, सब सच हो जरूरी नहीं

हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने कहा कि रिपोर्ट ‘‘पूर्ण सत्य’’ नहीं है, लेकिन एक ‘‘सूचनात्मक’’ रिपोर्ट है और यह सरकार के लिए बाध्यकारी नहीं है।

Author चंडीगढ़ | Updated: June 2, 2016 6:36 PM
Anil Vij, Haryana, Jat, News Tracker, Prakash Singh committee report, jat voilence , reservation protest, hariyana jat reservationरिपोर्ट में करीब 90 अधिकारियों की पहचान की गई है जिन्होंने हिंसा भड़कने पर ‘‘जानबूझकर लापरवाही’’ बरती।

जाट हिंसा पर प्रकाश सिंह समिति की रिपोर्ट में जिन लोगों के नाम लिए गए हैं, उनमें से कुछ के नाराजगी जताने के बीच हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने गुरुवार को कहा कि रिपोर्ट ‘‘पूर्ण सत्य’’ नहीं है, लेकिन एक ‘‘सूचनात्मक’’ रिपोर्ट है और यह सरकार के लिए बाध्यकारी नहीं है । जांच रिपोर्ट पर टिप्पणी मांगे जाने पर उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह 451 पन्नों की रिपोर्ट है और हम प्रत्येक पैराग्राफ को सावधानी से पढ़ रहे हैं । यह एक रिपोर्ट है, यह कोई (पवित्र) गीता नहीं है कि प्रकाश सिंह ने जो भी लिखा है वह सब सही है या जिन अधिकारियों का नाम आया है, वे दोषी हैं ।’’

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ अधिकारी बहुत अच्छे हो सकते हैं, उनका पिछला रिकॉर्ड अच्छा हो सकता है । इसलिए, हम चीजों को ध्यान से देखेंगे ।’’ अंबाला कैंट से पांच बार भाजपा विधायक रहे विज ने कहा कि जहां भी सरकार को उचित लगा, उसने वहां कार्रवाई की है । उन्होंने यह भी कहा कि समिति की रिपोर्ट एक ‘‘सूचनात्मक रिपोर्ट’’ है और यह सरकार के लिए बाध्यकारी नहीं है ।

अपनी सरकार पर भी हमला बोलने के लिए जाने जाने वाले विज ने कहा, ‘‘हमारे :सरकार: लिए प्रकाश सिंह समिति की रिपोर्ट केवल एक सूचनात्मक रिपोर्ट है, जो यह है कि उन्होंने :समिति: जांच की है और सूचना के साथ हमें उपलब्ध करा दिया । यहां तक कि यह रिपोर्ट पूरी भी नहीं है क्योंकि जांच समिति में तीन सदस्य थे और तीन में से दो ने रिपोर्ट पर दस्तखत नहीं किए हैं ।’ प्रकाश सिंह समिति की रिपोर्ट में राज्य पुलिस और प्रशासन के अनेक शीर्ष अधिकारियों पर इस साल फरवरी में हुई हिंसा को रोक पाने में विफल रहने का आरोप लगाया गया है जिसमें 30 लोग मारे गए थे।

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इसमें करीब 90 अधिकारियों की पहचान की गई है जिन्होंने हिंसा भड़कने पर ‘‘जानबूझकर लापरवाही’’ बरती । रिपोर्ट में जिन लोगों के नाम हैं, उनमें से कुछ ने इस पर रोष जताया है । हरियाणा के झज्जर की उपायुक्त अनिता यादव ने रोष व्यक्त करते हुए कल रिपोर्ट की निन्दा की और इसे ‘‘झूठ का पुलिंदा’’ बताया । रिपोर्ट में अनिता की काफी खिंचाई की गई है । भाजपा सांसद राजकुमार सैनी ने भी रिपोर्ट को लेकर हमला बोला और कहा कि यदि यह साबित हो जाए कि हिंसा उनकी टिप्पणियों की वजह से भड़की थी तो वह राजनीति छोड़ देंगे।

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