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राम रहीम पर आने वाला है फैसला: दो राज्यों में ठप जिंदगी, धारा-144 लागू, जेल में तब्दील स्टेडियम

चंडीगढ़ के सेक्टर 16 स्थित क्रिकेट स्टेडियम को जेल में तब्दील कर दिया गया है। अगर फैसले के दिन राम रहीम के समर्थकों द्वारा हंगामा किया जाता है तो उन्हें यहां रखा जा सकता है।

Author August 23, 2017 16:09 pm
दिल्ली में फिल्म जट्टू इंजीनियर के प्रीमियर के मौके पर मौजूद गुरमीत राम इंसा, 17 मई 2017 (Express Photo by Amit Mehra)

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के खिलाफ दुष्कर्म के एक मामले में इस हफ्ते अदालत का फैसला आने से पहले पूरे हरियाणा सरकार ने राज्य में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। अतिरिक्त मुख्य सचिव राम निवास ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने एक बयान में कहा, “सुरक्षा बलों को दूसरे राज्यों से लगने वाली सीमा के इलाकों में तैनात किया गया और केंद्र सरकार से पहले ही अर्धसैनिक बलों की 115 कंपनियां देने का आग्रह किया गया है।” उन्होंने कहा कि असमाजिक तत्वों या किसी अन्य व्यक्ति को कानून एवं व्यवस्था में बाधा पहुंचाने पर गिरफ्तार किया जाएगा। राम निवास ने कहा कि पुलिस कर्मियों की छुट्टियां निरस्त कर दी गई हैं और होम गार्ड्स को ड्यूटी पर बुलाया गया है।उन्होंने कहा, “राज्य की सभी सीमाओं को सील कर दिया गया है और वाहनों की अंतर-राज्य व अंतर जिला गतिविधियों पर निगरानी रखी जा रही है।” चंडीगढ़ प्रशासन ने एक विशेष आदेश के तहत चंडीगढ़ के सेक्टर 16 स्थित क्रिकेट स्टेडियम को जेल में तब्दील कर दिया गया है। अगर फैसले के दिन राम रहीम के समर्थकों द्वारा हंगामा किया जाता है तो उन्हें यहां रखा जा सकता है।

सोमवार को बठिंडा में मार्च करती पंजाब पुलिस की टीम (फोटो-पीटीआई)

हरियाणा के पंचकुला की सीबीआई की विशेष अदालत दुष्कर्म के मामले में 25 अगस्त को फैसला देगी जिसमें डेरा सच्चा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह आरोपी हैं। मामले की सुनवाई 2007 से चल रही है। गुरमीत राम रहीम के पंजाब व हरियाणा व दूसरे राज्यों में लाखों अनुयायी हैं। गुरमीत राम रहीम पर उनकी पूर्व महिला अनुयायी ने डेरा शिविर में उससे कई बार दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया है। यह डेरा शिविर हरियाणा के सिरसा के बाहरी इलाके में है। यह चंडीगढ़ से 260 किमी दूर है।

वहीं पंजाब में भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। मंगलवार को पंजाब के कई हिस्सों में सुरक्षाबलों ने आज फ्लैग मार्च निकाला। अधिकारियों ने बताया कि वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने दोनों राज्यों में सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) और सशस्त्र सीमा बल (एससबी) ने फ्लैग मार्च निकाला। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, ‘‘अदालत के आदेश के मद्देनजर यह सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं कि कानून व्यवस्था की स्थिति नहीं बिगड़े।’’ उन्होंने सभी से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि लोगों को अदालत का फैसला स्वीकार करना चाहिए।अमरिंदर ने कहा, ‘‘पुलिस महानिदेशक को संवदेनशील क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के लिए पंजाब सरकार का हेलीकॉप्टर उपलब्ध कराया गया है।’’ मुख्यमंत्री ने स्थिति के आकलन के लिए राज्य के शीर्ष सुरक्षा, खुफिया और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठकें की हैं।

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