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चंडीगढ़ः साल दर साल खूबसूरत शहर पर चढ़ रहा जानलेवा नशा

चंडीगढ़ में देखते ही देखते नशे के कई ठिकाने बन गए हैं। शहर की पुलिस इस पर काबू पाने में नाकाम साबित हो रही है। युवा वर्ग इसके शिकंजे में आ रहा है।

Author चंडीगढ़। | July 25, 2018 5:23 AM
चंडीगढ़ पुलिस ने तीन वर्षों में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सबस्टेंस एनडीपीएस अधिनियम (एनडीपीएस) 1985 के विभिन्न वर्गों के तहत पंजीकृत दवाइयों की तस्करी के 471 मामले शहर के विभिन्न थानों में दर्ज किए हैं

संजय चौधरी

चंडीगढ़ में देखते ही देखते नशे के कई ठिकाने बन गए हैं। शहर की पुलिस इस पर काबू पाने में नाकाम साबित हो रही है। युवा वर्ग इसके शिकंजे में आ रहा है। फिर चाहे ‘बैड ब्वायज’ का मामला हो, नुक्कड़ ढाबे के मालिक की बेटी की मौत की त्रासदी हो या फिर दिनोंदिन शहर में खुले नशामुक्ति केंद्रों में युवाओं की बढ़ती संख्या की सच्चाई हो। नशा तस्करों का मुख्य शिकार युवा वर्ग ही बन रहा है। आंकड़े बताते हैं कि अगर पंजाब की आबादी और पुलिस थानों की तुलना चंडीगढ़ से करें तो शहर में आबादी और पुलिस थानों के हिसाब से एनडीपीएस एक्ट के मामले लगभग पंजाब के आसपास ही हैं। बात यहीं खत्म नहीं होती। रिपोर्ट के अनुसार इस सुंदर शहर के विभिन्न पुलिस थानों में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हो रहे मामलों में साल दर साल वृद्धि हो रही है।

चंडीगढ़ पुलिस ने तीन वर्षों में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सबस्टेंस एनडीपीएस अधिनियम (एनडीपीएस) 1985 के विभिन्न वर्गों के तहत पंजीकृत दवाइयों की तस्करी के 471 मामले शहर के विभिन्न थानों में दर्ज किए हैं। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक कुल 189 मामलों में जांच अभी भी विभिन्न जांच एजंसियों के साथ लंबित है। ड्रग पेडलिंग और तस्करी के 150 मामलों में पुलिस ने प्रासंगिक अदालतों में आरोपपत्र जमा किए हैं। 471 में से कुल 163 एफआइआर चंडीगढ़ पुलिस के दो स्वतंत्र विंग ऑपरेशन सेल और अपराध शाखा में पंजीकृत थीं। चंडीगढ़ पुलिस से मिले आंकड़ों के मुताबिक कुल 463 में से 68 एफआइआर सेक्टर 39 पुलिस स्टेशन में दर्ज थीं।

सेक्टर 3 पुलिस स्टेशन में 463 में से न्यूनतम एफआईआर दर्ज की गई थीं। अन्य पुलिस स्टेशनों, जिनमें सबसे ज्यादा एनडीपीएस एक्ट के मामले में सबसे ज्यादा प्राथमिकी मलोया पुलिस स्टेशन (50) में दर्ज हैं जबकि सेक्टर 36 थाने में 54, सेक्टर 34 थाने में 46 और सेक्टर 31 पुलिस थाने में 33 मामले दर्ज हैं। मनीमाजरा में कुल 58 प्राथिमिकी दर्ज की गईं। सेक्टर 26 पुलिस स्टेशन पर कुल 22 एफआइआर दर्ज की गईं। सेक्टर 31 पुलिस स्टेशन में कुल 33 एफआइआर दर्ज की गईं। शेष मामले परीक्षण व जांच के अधीन हैं। सेक्टर 11 पुलिस स्टेशन में 38 एफआइआर दर्ज हैं।

हर साल बढ़े एनडीपीएस एक्ट के मामले

चंडीगढ़ में दो वर्ष के आंकड़े बताते हैं कि 1 जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2016 तक शहर के विभिन्न पुलिस थानों में एनडीपीएस एक्ट के कुल 144 मामले दर्ज किए गए थे। जबकि 1 जनवरी 2017 से 31 दिसंबर 2017 तक शहर के विभिन्न पुलिस थानों में एनडीपीएस एक्ट के कुल 244 मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं इस साल 1 जनवरी 2018 से 30 जून 2018 तक कुल 83 मामले शहर के विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज किए जा चुके हैं।

चंडीगढ़ पुलिस विभाग की दलील

चंडीगढ़ पुलिस विभाग का कहना है कि नशे की तस्करी और बिक्री करने वाले गिरफ्तार तो कर लिए जाते हैं, अदालत से उन्हें सजा भी मिल जाती है, पर यही लोग सजा काटने व जमानत पर छूटने के बाद फिर से नशे की तस्करी व नशीला पदार्थ बेचने के धंधे में लग जाते हैं।

विशेषज्ञों की चिंता

पीजीआइ के मनोचिकित्सक विभाग के मुताबिक की ओर से किए एक सर्वे के मुताबिक शहर की कुल 6.55 फीसद आबादी नशे की आदी है और 3 फीसद आबादी ऐसी है जो इसके बिना रह ही नहीं सकती। यानी हर 15 में से एक व्यक्ति यहां किसी न किसी नशे का आदी है। यहां नशे के तौर पर बुपरेनोरफिन 80.7 प्रतिशत, हेरोइन 1.7 प्रतिशत, पेंटाजोसाइन 5.8 प्रतिशत, ट्रामाडोल 1.8 प्रतिशत इस्तेमाल होती है।

शहर में ये हैं नशे के ठिकाने

शहर के एक दर्जन से अधिक स्थानों पर असानी से नशीला पदार्थ मिल जाता है जिसमें हेरोइन,कोकिन,स्मैक,अफीम,चरस,गांजा,भुक्की,इंजेक्शन व नशीली दवाइयां शामिल हंै। पुलिस के मुताबिक सेक्टर 25 में स्थित झुग्गी झोपड़ी क्षेत्र, डडूमाजरा कॉलोनी, सेक्टर 38, सेक्टर 56 कालोनी, बुड़ैल गांव, 4 नंबर कॉलोनी, सेक्टर 26 स्थित बापूधाम कॉलोनी, मनीमाजरा, मौली जागरां में नशे का खूब कारोबर है। नए इलाकों में सेक्टर 29 की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, मलोया गांव व धनास का स्लम एरिया है।

ये हैं स्त्रोत

सूत्रों के मुताबिक शहर में बिकने वाले नशीले पदार्थ की लगभग 65 फीसद खेप सिर्फ पंजाब से, 20 फीसद राजस्थान से व लगभग 15 फीसद हिमाचल से सप्लाई की जाती है, वही सबसे ज्यादा सप्लाई पंजाब के जिला मोहाली से आती है।

नशा तस्कर और नशेड़ियों पर सख्त कार्रवाई के आदेश जारी हो चुके हैं जिसकी वजह से पिछले कुछ सालों में इनकी धरपकड़ में तेजी आई है। यही वजह है कि शहर के विभिन्न थानों में नशे के मामले में केस दर्ज करने का आंकड़ा बढ़ रहा है। हम कुछ दिनों में ही शहर से नशा तस्करी और नशाखोरी को जड़ से ही उखाड़ देंगे।

-निलांबरी जगदाले, एसएसपी, चंडीगढ़

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