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चीनी लड़ियों से पटी पड़ी हैं दुकानें और बाजार

प्रकाश के पर्व दीपावली पर घरों, दुकानों और अन्य ठिकानों को सजाने और उन्हें प्रकाशमय करने के लिए महंगाई के बावजूद पूरे पंजाब में बिजली की जगमगाती लाइटों और अन्य उपकरणों..

Author जलंधर | Updated: November 11, 2015 1:41 AM

प्रकाश के पर्व दीपावली पर घरों, दुकानों और अन्य ठिकानों को सजाने और उन्हें प्रकाशमय करने के लिए महंगाई के बावजूद पूरे पंजाब में बिजली की जगमगाती लाइटों और अन्य उपकरणों की बिक्री जोरों पर है हालांकि बिजली के इन सभी उपकरणों और लाइटों में से 90 फीसद से अधिक चीनी हैं।

पूरे सूबे में बाजार चीनी लाइटों से गुलजार है। इन लाइटों की कोई गारंटी नहीं है फिर भी लोग इसकी जबरदस्त खरीदारी कर रहे हैं। ग्राहकों का कहना है कि इन लाइटों से दीवाली की रौनक घरों में और बढ़ जाती है और तेल के दीयों की अपेक्षा ये इलेक्ट्रिक उपकरण कई तरह से लाभदायक हैं। हालांकि लोगों को बिजली की कटौती का भी डर है।

पंजाब ब्यापार सेना के प्रमुख रवींदर धीर ने कहा, ‘दीपावली से संबंधित बिजली चालित 90 फीसद से अधिक सामान चीन का है। चीनी सामानों ने तो भारतीय बाजार को भी पीछे छोड़ दिया है। भारतीय उत्पादों की तुलना में चीनी सामान काफी सस्ता होता है। हां, इनकी कोई गारंटी नहीं है लेकिन दीपावली के दौरान ग्राहक इस बारे में सोचते भी नहीं है।’

उन्होंने कहा, ‘इन उपकरणों का पूरे प्रदेश में कितने का कारोबार होता है यह आंकड़ा निकालना संभव नहीं है लेकिन बाजार करोड़ों का होता है क्योंकि लोग इन चीजों की अंधाधुंध खरीदारी करते है।’ धीर ने कहा, ‘यह असल में श्रद्धा की बात है। इसलिए महंगाई के बावजूद लोग लाइटों और सजावट के अन्य उपकरणों की जमकर खरीदारी करते हैं। अब तो लक्ष्मी और गणेश की मूर्ति भी चीन से आ रही है जो प्लास्टिक और अन्य वस्तुओं से निर्मित है। ये मूर्तियां बिजली से घूमती भी हैं। लोगों का निश्चित तौर पर इस ओर तो आकर्षण होगा ही।’

दूसरी ओर जलंधर के फगवाड़ा गेट में इलेक्ट्रानिक उपकरणों के विक्रेता रोमी ने बताया, ‘बाजार में पिछले साल की अपेक्षा थोड़ी कमजोरी है। कीमतों में लगभग 15 फीसद तक की बढ़ोतरी हो गई है और लोगों की रुचि खरीदारी में पहले की अपेक्षा कुछ कम है।’

बाजार के कम होने का क्या कारण हैं, उन्होंने कहा, ‘महंगाई बढ़ गई है। चीजों पर जम कर टैक्स लगा है। इसके अलावा बिजली की कटौती का डर भी एक कारण हो सकता है हालांकि बिजली कटौती आजकल उतना नहीं है इसलिए यह कोई पुख्ता कारण नहीं हो सकता है।’ दीपावली से संबंधित चीनी उपकरण बेचने वाले एक विक्रेता योगेंदर प्रसाद ने कहा, ‘बाजार में कई प्रकार की लाइट हैं। इनमें लड़ियां, रस्सियां, फ्लावर और अन्य चीजेंं शामिल हैं। लोग इस बार लड़ियों और रस्सियों में खासी दिलचस्पी दिखा रहे हैं । ये उपकरण जलंधर के बाजारों में 90 रुपए से 400 रुपए के बीच मिल जाएंगे। हर तरह के ग्राहक आ रहे हैं और हर तरह का सामान लेकर जा रहे हैं।’

योगेंदर ने कहा, ‘इलेक्ट्रॉनिक दीये, मोमबत्तियों की तो पहले से ही मांग है। कारण है कि लोग अब दीया, बाती और तेल की बजाए इलेकट्रानिक दिया या मोमबत्ती खरीदना अधिक पसंद कर रहे हैं।’

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