चंडीगढ़: जामा मस्जिद के इमाम बोले- अजान के लिए कम रखें लाउडस्पीकर की आवाज, गैर-मुस्लिमों को न हो परेशानी - Chandigarh Jama Masjid Imam says while Ajan loudspeakers sound should be low so that it not disturb non-Muslims - Jansatta
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चंडीगढ़: जामा मस्जिद के इमाम बोले- अजान के लिए कम रखें लाउडस्पीकर की आवाज, गैर-मुस्लिमों को न हो परेशानी

इमाम मौलाना अजमल खान ने कहा है कि अजान की आवज कम होनी चाहिए ताकि गैर-मुस्लिमों को इससे परेशानी न हो।

प्रतीकात्मक फोटो।

धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर कई बार विवाद होने की खबरें सामने आती हैं। वहीं अजान के मुद्दे पर एक और बयान आया है। चंडीगढ़ की जामा मस्जिद के इमाम मौलाना अजमल खान ने कहा है कि अजान की आवज कम होनी चाहिए ताकि गैर-मुस्लिमों को इससे परेशानी न हो। हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक उन्होंने बीते शुक्रवार (18 जून) को यह बात कही। मौलाना अजमल खान ने कहा- “हमें हमारे पड़ोसियों को बेवजह परेशान नहीं करना चाहिए। लाउडस्पीकर पर आवाज कम रखनी चाहिए जिससे लोगों को परेशान न हो। मेरा मानना है कि पड़ोसियों को परेशान करना गलत है और इसकी इजाजत इस्लाम नहीं देता।”

खबर के मुताबिक उन्होंने आगे कहा- “हम सहरी के लिए लगभग 3:40 बजे लाउडस्पीकर से घोषणा करते हैं। यह ऐसा समय है जब बाकी लोग सो रहे होते हैं। हमें ऐसा करने से बचना चाहिए। यह एक संवेदनशील मुद्दा है और कोई भी इसे लेकर हमारे खिलाफ शिकायत कर सकता है और अदालत जाने के लिए लोग स्वतंत्र हैं।” वहीं खान ने केरल की मस्जिद की मिसाल भी दी। इसी महीने केरल के मल्लापुरम क्षेत्र की सबसे बड़ी मस्जिद वालिया जुमा ने ध्वनि प्रदूषण कम करने की कोशिश में तय किया, कि दिन में लाउडस्पीकर से सिर्फ एक ही बार अजान दी जाएगी। इसके साथ ही 17 छोटी मस्जिदों ने भी इस नियम के तहत लाउडस्पीकर से एक ही बार अजान देने का फैसला लिया। खान ने कहा- “मस्जिद ने फैसला किया है कि लाउडस्पीकर से सिर्फ एक बार ही आज़ान दी जाएगी”

बता दें इसी साल अप्रैल महीने में सोनू निगम ने अजान की आवाज से नींद अपनी नींद टूट जाने को लेकर एक ट्वीट किया था जिसे लेकर काफी विवाद हुआ था। कई लोग उनके समर्थन के लिए सामने आए थे तो कई ने उनका विरोध किया था। गौरतलब है पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने कहा था कि अजान इस्लाम का अहम हिस्सा है। हालांकि अजान के लिए लाउडस्पीकर इस्लाम का अहम हिस्सा नहीं है। कोर्ट ने यह अवलोकन सोनू निगम के अजान वाले ट्वीट के खिलाफ दायर की गई एक याचिका के दौरान किया था।

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