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पंजाब: केजरीवाल ने स्वर्ण मंदिर में बर्तन धोकर किया पश्चाताप

घोषणा पत्र के कवर पर पार्टी चुनाव चिह्न झाड़ू के साथ स्वर्ण मंदिर की तस्वीर लगाई गई थी, जिस पर कई सिख धार्मिक संगठनों नाराजगी जाहिर की थी।

Author अमृतसर | July 18, 2016 13:12 pm
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल। (फाइल फोटो)

आम आदमी पार्टी के ‘युवा घोषणा पत्र’ में पार्टी चुनाव चिह्न ‘झाड़ू’ के साथ स्वर्ण मंदिर की तस्वीर छापने से उठे विवाद के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को भूलबक्श (माफी मांगने) के तौर पर स्वर्ण मंदिर में सेवा दी और बर्तन धोए। पश्चाताप के मकसद से केजरीवाल बीती रात को अमृतसर पहुंचे, उन्होंने स्वर्ण मंदिर में 45 मिनट बिताए और बर्तन धोए। इसके बाद उन्होंने स्वर्ण मंदिर में जाकर मत्था टेका और अरदास की। स्वर्ण मंदिर के बाहर वह संगमरमर की फर्श पर करीब आधा घंटा बैठे रहे और शबद कीर्तन सुना।

उन्होंने यहां सवांददाताओं को बताया, ‘‘पार्टी के युवा घोषणा पत्र में अगर हमने जाने अनजाने में भूलवश कोई गलती की है तो मैं यहां भूलबक्श के लिए सेवा देने आया हूं। मैंने यहां ‘शबद कीर्तन’ सुना जिससे मुझे असीम शांति मिली। अब मेरे मन को शांति महसूस हो रही है।’’ आप के प्रवक्ता आशीष खेतान भी केजरीवाल के साथ थे। अमृतसर की पुलिस ने खेतान के खिलाफ धारा 295-ए :धार्मिक भावनाएं आहत करने: के तहत मामला दर्ज किया था।

अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए आक्रामक प्रचार कर रही आप अपने युवा घोषणा पत्र को जारी करने के बाद विवादों में घिर गई। युवा घोषणा पत्र के कवर पर पार्टी चुनाव चिह्न झाड़ू के साथ स्वर्ण मंदिर की तस्वीर चित्रित थी, जिस पर कई सिख धार्मिक संगठनों और राजनीतिक संगठनों ने नाराजगी जाहिर की और केजरीवाल से इसके लिए माफी मांगने को कहा।
गुरू ग्रंथ साहिब और गीता सहित अन्य धार्मिक ग्रंथों से पार्टी के घोषणा पत्र की तुलना कर भी खेतान मुश्किल में घिर गए। आप प्रमुख ने इससे पहले सत्ताधारी शिअद-भाजपा पर एकसाथ हमला बोलते हुए दावा किया था कि पंजाब में आप की आगामी सफलता को देखते हुए वे :शिअद-भाजपा: ‘‘घबराए’’ हुए हैं और इसलिए उन्होंने पार्टी को बदनाम करने की साजिश रची।

केजरीवाल के साथ आप पंजाब के संयोजक सुच्चा सिंह छोटेपुर, युवा नेता हरजोत बैंस, सांसद भगवंत मान एवं साधू सिंह, गायक गुरप्रीत सिंह गुग्गी, दिल्ली के विधायक जरनैल सिंह, अभिनेत्री गुल पनाग और वकील एच एस फुल्का भी शामिल थे।

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