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‘मैंनू मारियो ना’,एक गोली लगते ही पुलिस के सामने गिड़गिड़ाने लगा मोस्ट वांटेड हत्यारा

पंजाब के मशहूर सिंगर परमीश कुमार पर हमले का आरोपी भी दिलप्रीत ही है। इसके साथ ही पंजाब की फिल्म और म्यूजिक इंडस्ट्री में भी दिलप्रीत का काफी खौफ है।

पंजाब का टॉप गैंगस्टर दिलप्रीत सिंह और मुठभेड़ स्थल की तस्वीर। (image source-facebook)

पंजाब पुलिस ने हाल ही में एक मोस्ट वांटेड हत्यारे और ए कैटेगरी के अपराधी दिलप्रीत सिंह बाबा को एक एनकाउंटर के दौरान गिरफ्तार किया है। इस एनकाउंटर में दिलप्रीत बाबा के पैर में गोली भी लगी है। पुलिस का कहना है कि एनकाउंटर के दौरान गैंगस्टर अपनी जान बचाने के लिए पुलिस के सामने गिड़गिड़ा रहा था और गोली लगने के बाद बार-बार गिड़गिड़ाते हुए “मैंनू मारियो ना” (मुझे मारना मत) की गुहार लगा रहा था। बता दें कि चंडीगढ़ पुलिस ने सोमवार को चंडीगढ़ इंटर स्टेट बस स्टैंड के नजदीक हुई एक मुठभेड़ में पुलिस ने दिलप्रीत सिंह को गिरफ्तार किया है। फिलहाल दिलप्रीत अस्पताल में भर्ती है, जहां उसका इलाज किया जा रहा है।

तेज कारों का है शौकीनः दिलप्रीत पंजाब के टॉप गैंगस्टर में शुमार किया जाता है। दिलप्रीत का तेज कारों के प्रति प्यार भी जगजाहिर है। बताया जाता है कि दिलप्रीत 130-140 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से कार चलाने का शौकीन है। पंजाब के मशहूर सिंगर परमीश कुमार पर हमले का आरोपी भी दिलप्रीत ही है। इसके साथ ही पंजाब की फिल्म और म्यूजिक इंडस्ट्री में भी दिलप्रीत का काफी खौफ है। दिलप्रीत सिंह ड्रग्स का आदी होने के साथ ही इसके कारोबार में भी अपनी जड़े जमा चुका है। दिलप्रीत पर हत्या, डकैती और रंगदारी जैसे 30 मामले दर्ज हैं, साथ ही उस पर कई महिलाओं के साथ मारपीट के भी आरोप हैं। पुलिस ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि “दिलप्रीत ने पहले पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। पुलिस की फायरिंग में घायल होने के बाद दिलप्रीत ने अपना हथियार गिरा दिया और अपने हाथ उठाकर समर्पण कर दिया।”

ड्रग्स ओवरडोज के चलते हो चुका है अस्पताल में भर्तीः पुलिस को दिलप्रीत की गाड़ी से एक सिल्वर फॉयल और एक माचिस की डिब्बी मिली है। माना जा रहा है कि इसका इस्तेमाल दिलप्रीत सिंह ड्रग्स लेने के लिए करता है। पुलिस को जांच के दौरान पता चला है कि पंजाब का यह खूंखार गैंगस्टर जनवरी में ड्रग्स ओवरडोज के चलते चंडीगढ़ पीजीआई में भर्ती भी रह चुका है, लेकिन पुलिस को तब इस बारे में भनक नहीं लगी थी। पुलिस के अनुसार, दिलप्रीत ड्रग्स ओवरडोज के चलते अपने सेक्टर-38 स्थित घर में बेहोश हो गया था। जिसके बाद दिलप्रीत की लिव-इन पार्टनर रुपिंदर कौर उर्फ रूबी ने उसे अस्पताल में गगनदीप सिंह के नाम से भर्ती कराया था। अब पुलिस अस्पताल के पुराने रिकॉर्ड खंगालकर इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

दिलप्रीत की लिव-इन पार्टनर रूबी की बहन हरप्रीत कौर भी दोनों के साथ ही चंडीगढ़ वाले घर में रहती है। फिलहाल पुलिस ने दिलप्रीत को संरक्षण देने के आरोपों में दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं पुलिस की गोली से घायल दिलप्रीत को पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती कराया गया है, जहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिस की जांच के बाद ही अस्पताल स्टाफ को दिलप्रीत के कमरे में जाने दिया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि दिलप्रीत को ठीक होने में करीब 6 हफ्ते का समय लग सकता है।

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