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109 घंटे बाद NDRF-पुलिस को ‘फतेह’ मिली, लेकिन जिंदगी से हार गया ‘वीर’

10 जून को उसका दूसरा बर्थडे था। 11 जून की सुबह वह बाहर निकला तो सभी के चेहरे पर मुस्कान आ गई थी, लेकिन यह ज्यादा देर तक नहीं ठहर सकी और वह हमें हमेशा के लिए अलविदा कह गया।

Author संगरूर | June 11, 2019 8:46 AM
109 घंटे बाद बोरवेल से निकाला गया फतेहवीर, लेकिन नहीं बची जान। फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस

पंजाब के संगरूर में 125 फीट गहरे बोरवेल में गिरे 2 साल के बच्चे फतेहवीर को मंगलवार (11 जून) सुबह 5:12 बजे निकाल लिया गया। करीब 109 घंटे की इस मशक्कत में एनडीआरएफ और पुलिस की टीम को तो ‘फतेह’ मिल गई, लेकिन इन मुश्किल हालात से जूझने वाला 2 साल का ‘वीर’ जिंदगी से हार गया। बताया जा रहा है कि जब बच्चे को बोरवेल से निकाला गया, तब उसकी हालत काफी नाजुक थी। ऐसे में उसे बठिंडा अस्पताल में एडमिट कराया गया। यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

6 जून को गड्ढे में गिरा था बच्चा: जानकारी के मुताबिक, संगरूर में रहने वाला 2 साल का बच्चा फतेहवीर सिंह गुरुवार (6 जून) शाम करीब 4 बजे घर के बाहर खेल रहा था। उस दौरान वह बोरवेल में गिर गया। मामले की जानकारी मिलते ही एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई और बचाव कार्य शुरू कर दिया।

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पुलिस ने भी चलाया अभियान: बोरवेल में बच्चे के गिरने की सूचना के बाद पुलिस ने भी बचाव कार्य शुरू कर दिया। इसके लिए बोरवेल के समानांतर टनल खोदी गई, जिससे बच्चे तक पहुंचा जा सका। हालांकि, इस अभियान में काफी देर हो गई और उसे बचाया नहीं जा सका।

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बर्थडे के अगले दिन मौत: फतेहवीर की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हार है। उन्होंने बताया कि फतेहवीर काफी मन्नतों के बाद हुआ था। 10 जून को उसका दूसरा बर्थडे था। 11 जून की सुबह वह बाहर निकला तो सभी के चेहरे पर मुस्कान आ गई थी, लेकिन यह ज्यादा देर तक नहीं ठहर सकी और वह हमें हमेशा के लिए अलविदा कह गया।

8 जून से तेज हुआ था अभियान: बता दें कि घटना के लगभग 40 घंटे बाद शनिवार (8 जून) सुबह करीब 5 बजे बच्चे के शरीर में हरकत देखी गई थी, जिसके बाद बोरवेल में ऑक्सीजन की सप्लाई बढ़ा दी गई। वहीं, एनडीआरएफ के 26 सदस्य अभियान में जुटे थे। इसके अलावा डॉक्टरों की टीम व एंबुलेंस 24 घंटे तैनात रही। बच्चे की मौत के बाद अभियान में जुटे कर्मचारी भी रोते नजर आए।

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