Punjab News: पद्म श्री से सम्मानित और ट्राइडेंट ग्रुप के मानद अध्यक्ष राजिंदर गुप्ता आम आदमी पार्टी से बीजेपी में शामिल हुए थे। इसके कुछ ही दिनों बाद पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दस से ज्यादा अधिकारियों की एक टीम ने गुरुवार को धौला स्थित ग्रुप की यूनिट पर छापा मारा।

पीपीसीबी की टीम लगभग चार गाड़ियों में पहुंची। यह छापेमारी 24 अप्रैल को हुए एक बड़े राजनीतिक बदलाव के कुछ ही दिनों बाद हुई है। पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने पहले दावा किया था कि गुप्ता आम आदमी पार्टी में वापस आ गए हैं। हालांकि, गुप्ता की ओर से इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है।

इस यूनिट पर पहले भी उठे सवाल

धौला स्थित इस यूनिट पर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। जुलाई 2022 में, बीकेयू (Ugrahan) से जुड़े किसानों ने औद्योगिक परिसर में जल प्रदूषण और बदबू की शिकायत करते हुए विरोध प्रदर्शन किया था। ट्राइडेंट मैनेजमेंट ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था और उस समय आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की थी।

जमीनी स्तर पर राजनीतिक तनाव बढ़ गया है और आप कार्यकर्ता दल बदलने वाले सांसदों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। लुधियाना में गुप्ता के आवास और बरनाला स्थित उनकी फैक्ट्री के बाहर की दीवारों पर गद्दार जैसे नारे स्प्रे पेंट से लिखे गए थे। राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के स्वामित्व वाले लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के बाहर और क्रिकेटर से सांसद बने हरभजन सिंह के आवास के बाहर भी 25 और 26 अप्रैल को इसी तरह के विरोध प्रदर्शन हुए थे।

पंजाब की सरकारों के साथ राजिंदर गुप्ता का लंबा जुड़ाव

राजिंदर गुप्ता का पंजाब की लगातार सरकारों के साथ लंबा जुड़ाव रहा है। उन्होंने शिअद-बीजेपी (2012-2017) और कांग्रेस (2017-2022) दोनों सरकारों के दौरान पंजाब राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष के रूप में काम किया। यह एक कैबिनट के बराबर पद है। आम आदमी पार्टी के सत्ता में आने के बाद, जून 2022 में उन्हें पंजाब राज्य आर्थिक नीति और योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया, लेकिन राज्यसभा में प्रवेश करने से पहले उन्होंने इस पद से इस्तीफा दे दिया।

पीपीसीबी की कार्रवाई पर पंजाब बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने इस छापे को निंदनीय और राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के इशारे पर राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता मिटाने के लिए की गई थी।

शर्मा ने दावा किया कि गुप्ता को केवल बीजेपी में शामिल होने के कारण निशाना बनाया जा रहा है और उन्होंने राज्य सरकार पर राजनीतिक विरोधियों और उद्योगपतियों के खिलाफ प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाइयां इन्वेस्टर्स को नकारात्मक संदेश देती है।

राघव चड्ढा को पहले ही दिन मिला पहला सबक

जब राघव चड्ढा बार-बार नितिन नवीन को ‘नितिन नवीन जी’ कहकर संबोधित कर रहे थे, तो तरुण चुग ने उनसे कहा कि आपको ‘राष्ट्रीय अध्यक्ष जी’ कहकर संबोधित करना चाहिए। भाजपा के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार बीजेपी में शामिल हुए राघव चड्ढा के लिए यह भाजपा की ‘संस्कृति और अनुशासन’ का पहला सबक था। पढ़ें पूरी खबर…