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आप सांसद भगवंत मान के खिलाफ चुनाव आयोग पहुंची शिरोमणि अकाली दल

रविवार को पंजाब के उप मुख्‍यमंत्री सुखबीर बादल के काफिले पर पथराव किया गया था। इसमें चार लोगों को चोटें आई थीं और पुलिस की गाडि़यों को नुकसान पहुंचा था।

आम आदमी पार्टी के सांसद भगवंत मान। (फाइल फोटो)

पंजाब की सत्तारूढ़ शिरोमणि अकाली दल ने चुनाव आयोग पहुंचकर आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद भगवंत मान के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अकाली नेताओं ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया है कि संगरूर से सांसद भगवंत मान ने लोगों को अकाली नेताओं पर पत्थर बरसाने के लिए उकासाया है। अकाली नेताओं ने भगवंत मान के उस वीडियो की एक कॉपी चुनाव आयोग को भी सौंपी है। हालांकिे आप और मान दोनों ने इस तरह के किसी भी वीडियो से इनकार किया है।

कुछ दिनों पहले पंजाब के उप मुख्‍यमंत्री सुखबीर बादल के काफिले पर पथराव किया गया था। इसमें चार लोगों को चोटें आई थीं और पुलिस की गाडि़यों को नुकसान पहुंचा था। पथराव उस समय किया गया जब वे फाजिल्‍का जिले के जलालाबाद में रैली को संबोधित कर लौट रहे थे। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जलालाबाद सुखबीर बादल का विधानसभा क्षेत्र हैं। रविवार (8 जनवरी) को चुनाव प्रचार के तहत कई गांवों में रैलियों को संबोधित करने के बाद कंधवाला हजार खान से निकल रहे थे तो उन पर पथराव किया गया। जब पथराव शुरू हुआ उस समय तक बादल की गाड़ी रवाना हो चुकी थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस वीडियो में भगवंत मान कह रहे हैं- ‘आ जायें गांव में अबकी बार, पता लग जाएगा। लोग हाथों में पत्थर उठाकर बैठे हैं। पत्थर इस बार खत्म हो जाएंगे। आधे पत्थर इन पर फेंक देना आधे बचा कर रख लेना। पत्थर अब ब्लैक में बिकेंगे। एक दूसरे के घर जाकर आप लोग पत्थर मांगा करोगे कि अकाली दल की रैली है वहां फेंकने के लिए 50 पत्थर ही उधार दे दे भाई और सामने वाला कहेगा कि भाई हमारे पास तो पहले ही पत्थर कम है। हम चार लोग हैं और हमारे पास 40 पत्थर हैं। 10-10 पत्थर ही हिस्से में आए हैं। तेरे को कहां से दे दें। यह हाल होगा और…..पत्थर तो पत्थर होता है….पता नहीं कहां से चला होता है। आज तक पत्थर फेकने वाले पकड़े नहीं गए। तालियां मार दो….अगर आपको बात पल्ले पड़ गई हो तो।’

गौरतलब है कि भगवंत मान का विवादों से पुराना नाता है। संसदीय समिति ने उन्हें संसद की सुरक्षा से खिलवाड़ करने का भी दोषी ठहराया है। इसी वजह से उन्हें संसद के शीतकालीन सत्र से सस्पेंड कर दिया गया था। संसदीय कमेटी ने इस मामले में सदन में अपनी रिपोर्ट पेश की थी जिसमें मान को संसद के शीतकालीन सत्र से सस्पेंड करने की सिफारिश की गई थी। बता दें, सांसद मान ने जुलाई महीने में संसद के अंदर से फेसबुक पर लाइव किया था। इसके बाद 22 जुलाई को भगवंत मान ने इस मामले में बिना शर्त माफी मांग ली थी लेकिन मामला यहां तक ही शांत नहीं हुआ। मामले की जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई।

वीडियो देखिए- पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने लंबी से नामांकन पत्र दाखिल किया; कहा- “पार्टी चुनावों के लिए तैयार है”

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