पंजाब की राजनीति में इस बार ऊंट किस करवट बैठेगा, यह अनुमान लगाना बेहद मुश्किल है। ‘सियासत पंजाब दी’ में आज तकरीबन हर पार्टी की रणनीति की तरफ इशारा करने वाला अपडेट हैं। असम की जेल में बंद खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के पिता ने ऐलान किया है कि उनका बेटा ही विधानसभा चुनाव में परिवार की तरफ से इकलौता उम्मीदवार होगा।

इसके अलावा बात करेंगे पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर दिए गए मायावती की तरफ से जारी किए गए बयान को लेकर। ‘सियासत पंजाब दी’ में यह भी जानेंगे कि राज्य में शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी के बीच गठबंधन के कयासों पर क्या अपडेट है। आम आदमी पार्टी की तरफ से इस संभावित गठबंधन पर निशाना साधा गया है। साथ ही आपको दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तरफ से बीजेपी को दिए गए चैलेंज के बारे में भी बताएंगे।

परिवार से सिर्फ अमृतपाल ही लड़ेंगे चुनाव

पंजाब की खंडूर साहिब लोकसभा सीट से सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने मंगलवार को कहा कि उनके परिवार से अमृतपाल के अलावा कोई भी चुनाव नहीं लड़ेगा। तरसेम सिंह ने कहा कि उनका परिवार वंशवाद की राजनीति से दूर रहना चाहता है। तरसेम सिंह अकाल दल (वारिस पंजाब दे) के कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं।

जेल में बंद खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने कहा कि उनका यह फैसला परिवारवाद को खत्म करने और ग्राउंड पर काम करने वाले युवाओं को नेतृत्व की भूमिका देने के अलावा और पंजाब व पंथिक मुद्दों के लिए काम करने का मौका बनाने के सिद्धांत पर आधारित है।

मायावती बोलीं- बसपा पंजाब में अकेले लड़ेगी चुनाव

बीएसपी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने मंगलवार को कहा कि उनकी पार्टी पंजाब विधानसभा चुनाव बिना किसी गठबंधन के अकेले अपने बलबूते पर लड़ेगी।

बीएसपी की ओर से जारी बयान के मुताबिक, मायावती ने कहा कि पंजाब विधानसभा चुनाव उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की तरह बिना किसी से गठबंधन किए अकेले लड़ा जाएगा, ताकि चुनावी गठबंधन से सीट और वोट प्रतिशत में होने वाले नुकसान से पार्टी कार्यकर्ताओं के मनोबल पर पड़ने वाले असर से बचा जा सके। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।

क्या मिलकर चुनाव लड़ेंगे शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी?

पंजाब में अभी भी यह सवाल बना हुआ है कि शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी मिलकर चुनाव लड़ेंगे या नहीं। गठबंधन के सवाल पर शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता दलजीत सिंह चीमा ने बीजेपी अपनी तैयारी कर रही है, हम अपनी तैयारी कर रहे हैं। जब कोई प्रस्ताव आएगा तो पार्टी हाई कमान बैठकर फैसला करेगा।

होशियापुर में मीडिया से बातचीत में शिरोमणि अकाली दल के उपाध्यक्ष संजीव तलवार ने कहा कि पूरी पार्टी ने इसका अधिकार सुखबीर बादल को दिया हुआ है। उन्होंने अपनी निजी राय बताते हुए कहा कि पूरे पंजाब के लोग चाहते हैं कि मौजूदा सरकार को हटाने के लिए SAD और BJP गठबंधन करें। उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी के साथ गठबंधन हुआ तो वह मुद्दों के आधार पर ही होगा। यहां पर ‘बड़े भाई’ और ‘छोटे भाई’ वाला कोई मुद्दा नहीं होगा।

आम आदमी पार्टी ने बीजेपी-शिरोमणि अकाली दल पर कसा तंज

बीजेपी-शिरोमणि अकाली दल के संभावित गठबंधन के सवाल पर आम आदमी पार्टी के नेता बलतेज पन्नू ने कहा कि राजनीति में जनता ही तय करती है कि ‘बड़ा भाई’ कौन है और कौन ‘छोटा भाई’, पार्टियां यह फैसला नहीं करतीं। उन्होंने कहा कि पंजाब में शिरोमणि अकाली दल (बादल) राजनीतिक रूप से खत्म हो चुकी है और उसका जनाजा निकल चुका है। उन्होंने कहा कि हर कोई जानता है कि 2017 और 2022 में SAD के साथ क्या हुआ।

बलतेज पन्नू ने आगे कहा कि वे विधानसभा में बादल परिवार की साख बचाने के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। जब किसानों का आंदोलन चल रहा था, तो उन्होंने बीजेपी से नाता तोड़ लिया था और दावा किया था कि वे किसान परिवारों से आते हैं और किसानों की मदद के लिए अलग हो रहे हैं। क्या किसानों का मुद्दा सुलझ गया है?

इस तरह बीजेपी पर निशाना साधते हुए पंजाब के मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंड ने कहा कि पंजाब में बीजेपी चाहे बड़े भाई की भूमिका निभाए या छोटे भाई की, चाहे वह 117 सीटों पर चुनाव लड़ें या 17 सीटों पर, BJP को पंजाब में शून्य सीटें मिलेंगी। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने किसान आंदोलन को लेकर डेढ़ साल तक पंजाब के किसानों, पंजाब की माताओं और बहनों के साथ बहुत बुरा बर्ताव किया। वहां पंजाब के लगभग 700 किसान को शहीद हो गए।

केजरीवाल ने बीजेपी को दिया चैलेंज

आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को बीजेपी को पंजाब और गुजरात के 1,000-1,000 सरकारी स्कूलों की तुलना करने की “खुली चुनौती” दी। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि बीजेपी पंजाब सरकार के स्कूलों को बदनाम करने के लिए “छेड़छाड़ वाले और एआई से बनाए गए वीडियो” का इस्तेमाल कर रही है।

उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा, “मैं बीजेपी को चुनौती देता हूं। आप गुजरात में 30 साल से सत्ता में हैं और हम पंजाब में साढ़े चार साल से सत्ता में हैं। मैं आपको पंजाब के 1,000 स्कूलों की सूची दूंगा और आप हमें गुजरात के 1,000 स्कूलों की सूची दें। हम साथ मिलकर इन स्कूलों का निरीक्षण करें और देखें कि कौन से स्कूल बेहतर हैं।” 

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पंजाब में शिक्षा व्यवस्था को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार और विपक्ष के बीच एक नया सियासी विवाद छिड़ गया है। मामला एक सरकारी स्कूल की कक्षा में लगे पोस्टर की तस्वीर से शुरू हुआ, जिसमें अंग्रेजी के दो शब्दों की गलत स्पेलिंग नजर आई। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।