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पंजाब पंचायत चुनाव: महज 35 रुपए के बकाया टैक्स ने लगाई उम्मीदवारी पर रोक, खारिज हुए हजारों नामांकन

पंजाब में पंचायत चुनाव चुनाव लड़ने के इच्छुक हजारों लोगों की उम्मीदों पर महज 35 रुपए ने पानी फेर दिया क्योंकि इन लोगों ने अपना चूल्हा टैक्स नहीं भरा था।

Author December 25, 2018 5:58 PM
तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक तौर पर। (Express Photo)

पंजाब में पंचायत चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 19 दिसंबर निकल चुकी है। इस बार पंच और सरपंच पद के लिए चुनाव लड़ने के इच्छुक हजारों लोगों की उम्मीदों पर महज 35 रुपए ने पानी फेर दिया क्योंकि इन लोगों ने अपना चूल्हा टैक्स नहीं भरा था। टैक्स नहीं भरने के कारण इन लोगों को नामांकन के लिए जरुरी एनओसी नहीं मिली जिसकारण ये चुनाव लड़ने से वंचित रह गए।

दरअसल, पंजाब के शहरी क्षेत्रों में लागू प्रापर्टी टैक्स की तरह ही गांवों में चूल्हा टैक्स लागू है। राज्य में पंचायत चुनाव के मद्देनजर उम्मीदवारों के नामांकन पत्र रद्द होने में आधार कार्ड, फोटो पहचान पत्र, बकाया बिजली बिल और चूल्हा टैक्स की एनओसी आदि प्रमुख कारण रहे। इस बार पंचायत चुनावों में 27819 उम्मीदवारों के नामांकन पत्र रद्द हुए जिनमें से ज्यादातर उम्मीदवार चूल्हा टैक्स की एनओसी न मिलने की वजह से चुनाव लड़ने से रह गए। चूल्हा टैक्स में 7 रूपये सालाना लिए जाते है जिस हिसाब से पांच सालों में यह रकम 35 रूपये होती है। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रद्द हुए नामांकन पत्रों में कौन-कौन सी कमी थी, इस बारे में कोई डाटा तैयार नहीं किया गया है। लेकिन प्राप्त शिकायतों में अधिकतर चूल्हा टैक्स की एनओसी न मिलने की हैं।

इस दौरान आम आदमी पार्टी (आप) ने कांग्रेस नेताओं पर विपक्षी दलों के उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोकने का आरोप भी लगाया है। गौरतलब है कि 13276 ग्राम पंचायतों में सरपंचों और पंचों के 214714 नामांकन पत्र दाखिल हुए। जिनमें नामांकन पत्रों की जांच में 27819 रद्द कर दिए गए। पंचायत चुनाव के लिए 30 दिसंबर को मतदान होगा। चूल्हा टैक्स को लेकर ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग की डायरेक्टर जसकिरण सिंह का कहना है कि चूल्हा टैक्स की वसूली के लिए कोई नियमित व्यवस्था नहीं है और ग्रामीणों को खुद यह टैक्स भरना होता है।

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