पंजाब के किसानों का दिल्ली मार्च राज्य में जमकर सुर्खियां बटोर रहा है। ‘भारत-अमेरिका ट्रेड डील’ का विरोध कर रहे पंजाब के किसानों को खनौरी बॉर्डर पर रोका गया है। इसके अलावा ‘सियासत पंजाब दी’ में बात करेंगे नितिन नवीन की टीम में शामिल किए गए पंजाब के चेहरों के बारे में और जानेंगे स्वतंत्रता दिवस पर ऐसा क्या हुआ कि भगवंत मान सरकार विवादों में घिर गई।

‘सियासत पंजाब दी’ में भी आम आदमी पार्टी के चीफ अरविंद केजरीवाल और राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान के गुजरात दौरे के बारे में भी बताएंगे और जानेंगे शिरोमणि अकाली दल के दो विरोधी गुटों के बीच हरचंद सिंह लोंगोवाल की 41वीं बरसी के कार्यक्रम स्थल को लेकर विवाद क्यों पैदा हुआ।

खनौरी सीमा पर किसानों ने गाड़े तंबू

संयुक्त किसान मोर्चा (अराजनैतिक) के नेतृत्व में दिल्ली के लिए निकले किसानों को हरियाणा पुलिस ने रोक दिया है। यहां रोके जाने के बाद किसानों ने अपने तंबू हाईवे के एक साइड में लगा दिए हैं। सोमवार को इस प्रदर्शन में यूपी और राजस्थान के भी शामिल होने के लिए पहुंचे।

द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि सरकार पैदल मार्च की अनुमति नहीं दे रही है, इसलिए किसान वहीं बैठ गए, जहां उन्हें रोका गया। किसानों के इस प्रदर्शन की वजह से खनौरी सीमा पर NH-52 पूरी तरह से ब्लॉक हो गया है। यह हाईवे हरियाणा के जींद जिले को पंजाब के संगरूर से जोड़ता है। इसके जरिए वाहन रोहतक और दिल्ली तक जाते हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।

नितिन नवीन की टीम में किसे-किसे मिली जिम्मेदारी?

नितिन नवीन की टीम में मनप्रीत सिंह बादल, राज्यसभा सांसद संदीप पाठक, तरुण चुग को जगह दी गई है। मनप्रीत बादल को बीजेपी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है जबकि संदीप पाठक को राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा तरुण चुग को बीजेपी ने केंद्रीय कार्यालय प्रभारी बनाया है।

मनप्रीत बादल साल 2023 में बीजेपी में शामिल हुए थे। इससे पहले वे शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस में रह चुके हैं जबकि संदीप पाठक हाल में आम आदमी पार्टी से बीजेपी में आए हैं। तरुण चुग अमृतसर के रहने वाले हैं, उन्हें मंगलवार को बीजेपी ने गुजरात का चुनाव प्रभारी भी नियुक्त किया।

गुजरात में पंजाब मॉडल का प्रचार

पंजाब के साथ-साथ आम आदमी पार्ट की नजरें गुजरात पर भी हैं। सोमवार को अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान गुजरात दौरे पर पहुंचे। यहां दोनों नेता पंजाब की अपनी कल्याणकारी योजनाओं को मॉडल की तरह पेश कर रहे हैं। पार्टी सूत्रों ने द इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि अब भगवंत मान गुजरात में बार-बार दिखाई देंगे।

केजरीवाल और भगवंत मान अपने इस दौरे में पंजाब में महिलाओं के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना, 118 स्कूल्स ऑफ एमिनेंस, 881 से अधिक आम आदमी क्लीनिक और सरकारी नौकरियों पर बात कर रहे हैं। हालांकि कांग्रेस पार्टी के सीनियर नेता सुखजिंदर सिंह रंधाना ने दोनों नेताओं के इस दौरे पर निशाना साधा है। उन्होंने पंजाब की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं।

पंजाब में स्वतंत्रता दिवस की किस झांकी पर विवाद

पंजाब के फिरोजपुर में स्वतंत्रता दिवस परेड के दौरान स्वास्थ्य विभाग की एक झांकी पर विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की मौजूदगी में आयोजित इस परेड में एनाउंसमेंट किया गया कि ‘मुफ्त घुटना प्रत्यारोपण योजना’ (मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना) के तहत ठीक हुए मरीज भांगड़ा कर रहे हैं। हालांकि, बाद में खुलासा हुआ कि भांगड़ा करने वाले पांचों व्यक्ति असली मरीज नहीं, बल्कि स्वास्थ्य विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी (ड्राइवर व वर्कर) थे, जिनके घुटने बदले ही नहीं गए थे। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।

पंजाब में दो अकाली गुट आमने-सामने क्यों आए?

20 अगस्त को होने वाली पूर्व अकाली प्रमुख संत हरचंद सिंह लोंगोवाल की 41वीं बरसी के कार्यक्रम स्थल को लेकर सुखबीर बादल की शिरोमणि अकाली दल और शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत) आमने-सामने आ गए हैं। मार्केट कमेटी ने दाना मंडी का शेड वाला मुख्य हिस्सा SAD (पुनर सुरजीत) को दिया है, जबकि सुखबीर बादल की SAD को उससे लगा हुआ खुला हिस्सा आवंटित किया गया है।

बादल की अकाली दल के नेताओं का कहना है कि उन्होंने अप्रैल में ही फीस जमा कर इस जगह की अनुमति मांगी थी। उन्होंने पंजाब की AAP सरकार पर भेदभाव और विरोधी गुट से मिलीभगत का आरोप लगाया है और इस फैसले के विरोध में SAD ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट* का दरवाजा खटखटाया है। इस मसले पर प्रशासन का तर्क है कि SAD (पुनर सुरजीत) श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश कर रहा है, इसलिए बारिश से बचाव के लिए उन्हें शेड वाला हिस्सा दिया गया है और इसमें कोई पक्षपात नहीं हुआ है।

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पंजाब कांग्रेस में बीते कई दिनों से अच्छा-खासा हंगामा चल रहा है। अमरिंदर सिंह को प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बनाए रखने के हाईकमान के फैसले के विरोध में चन्नी के समर्थकों ने मोर्चा खोल दिया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।