निहंग सिख कई बार विवादों में फंसे नजर आते हैं। अब निहंगों के कुछ समूहों पर मॉरल पुलिसिंग (Moral Policing) के आरोप लगे हैं। कई जगहों पर महिलाओं के कपड़ों और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर उन्हें धमकाने के मामले में पुलिस शिकायतें भी दर्ज की गई हैं। 26 जुलाई को ऐसे ही एक समूह ‘तरना दल 96 करोड़ी’ ने लुधियाना के एक प्रमुख सार्वजनिक पार्क में कथित तौर पर ‘रेड’ की। इस पूरी कार्रवाई का फेसबुक लाइव भी किया गया। समूह का कहना था कि वह वहां मौजूद भूंड आशिकों (प्रेमी जोड़ों की भीड़) को रोकने के लिए किया गया है।
लाइव वीडियो में समूह के सदस्यों ने कहा, “पंजाब में गंद पा रखा है।” इसके बाद उन्होंने बिना आस्तीन के कपड़े पहनने, डांस करने और रील बनाने वाली महिलाओं से सवाल-जवाब किए और कुछ प्रेमी जोड़ों को भी निशाना बनाया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगली बार वे अपनी महिला फौज के साथ आएंगे और लोगों को जूते और डंडों से पीटेंगे।
मां और बेटी को माफी मांगने के लिए मजबूर किया
एक लड़की की मां ने जब इसका विरोध किया और बताया कि वे उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से हैं तो समूह के नेता कुलदीप सिंह खालसा ने कथित तौर पर कहा, “क्या गोंडा में भी ऐसे ही डांस करती हो, ये आधे-अधूरे कपड़े पहनकर?” आखिरकार मां और बेटी को माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया। आरोप है कि उनका फोन भी ले लिया गया और उसमें से कुछ तस्वीरें डिलीट कर दी गईं।
खुद को तरना दल 96 करोड़ी का जत्थेदार बताने वाले कुलदीप सिंह खालसा ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि वह और उनकी फौज सिर्फ उन महिलाओं को समझाते हैं जो उनके मुताबिक गलत रास्ते पर हैं। उन्होंने कहा, “ये महिलाएं आधे-अधूरे कपड़े पहनकर घूमती हैं, डांस करती हैं, रील बनाती हैं और अपने प्रेमियों के साथ बैठती हैं। हम पंजाब में यह सब नहीं होने देंगे अगर चीनी को खुला छोड़ दिया जाए तो मक्खियां तो आकर्षित होंगी ही।”
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर से इंस्टाग्राम पर अश्लील रीलें पोस्ट करने को लेकर सवाल-जवाब
पार्क की इस घटना से कुछ दिन पहले एक अन्य निहंग समूह ने भी लुधियाना की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रंजीत कौर के घर में घुसकर उनके और उनके परिवार से इंस्टाग्राम पर अश्लील रीलें पोस्ट करने को लेकर सवाल-जवाब किया था। इस समूह की अगुवाई मनप्रीत सिंह खालसा कर रहे थे। रंजीत कौर ज्यादातर अपने परिवार के साथ रीलें पोस्ट करती हैं। कौर ने बताया, “करीब 15-20 लोग हमारे घर में जबरन घुस आए। ये रीलें ही हमारी रोजी-रोटी का जरिया हैं और अब वे हमें इसलिए निशाना बना रहे हैं क्योंकि हम गरीब हैं।”
रंजीत ने बताया कि उनके पति पहले पल्लेदार (मजदूर) के तौर पर काम करते थे लेकिन स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां शुरू होने के बाद दोनों ने टिकटॉक पर कंटेंट बनाना शुरू किया। टिकटॉक पर प्रतिबंध लगने के बाद वे इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर आ गए। कौर ने सवाल उठाया, “जब इस देश की सरकार और कानून हमें यह काम करने से नहीं रोकते तो ये निहंग कौन होते हैं? क्या वे अमीर लोगों को सोशल मीडिया पर कंटेंट अपलोड करने से रोक सकते हैं?”
रंजीत के मुताबिक, निहंग समूह ने उनसे कहा कि उन्हें घर चलाने के लिए बर्तन धोने, शौचालय साफ करने और कचरा उठाने का काम करना चाहिए। कौर और उनके परिवार को समूह ने कथित तौर पर एक वीडियो में माफी मांगने के लिए मजबूर किया। उनसे यह वादा भी करवाया गया कि वे रीलें पोस्ट करना बंद कर देंगे। बाद में रंजीत कौर और उनके परिवार ने मनप्रीत सिंह और उनके सहयोगियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
निहंगों के पास इतना पैसा कहां से आया?
पुलिस ने अभी तक उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की है। हालांकि, मनप्रीत की ओर से रंजीत कौर के खिलाफ की गई शिकायत पर आईटी एक्ट के तहत अश्लील सामग्री पोस्ट करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। इस मामले में कौर और उनके पति को जमानत मिल चुकी है। रंजीत के पति हंस ने कहा, “पंजाब हमारा भी उतना ही है, जितना उनका। सरकार को जांच करनी चाहिए कि निहंगों के पास इतना पैसा कहां से आया कि वे लोगों के घरों पर छापे मार रहे हैं और बड़ी-बड़ी गाड़ियों में घूम रहे हैं?”
लुधियाना के डीसीपी (लॉ एंड ऑर्डर) जसकीरंजीत सिंह तेजा ने कहा कि किसी को भी किसी के कपड़ों पर आपत्ति करने, उसे सोशल मीडिया पर रील डालने से रोकने या पार्क में बैठने से रोकने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि हम इन वीडियो की जांच करेंगे और उसके अनुसार कार्रवाई करेंगे।
संगठन ने रंजीत कौर की माफी वाला वीडियो पोस्ट किया
वहीं, मनप्रीत सिंह जो ‘पाखंड भगाओ, पंजाब बचाओ’ नाम का संगठन चलाते हैं, उन्होंने कहा कि रंजीत कौर की माफी वाला वीडियो पोस्ट करना सभी लड़के-लड़कियों के लिए चेतावनी था। उन्होंने कहा कि अगर लोग अपने तौर-तरीके नहीं सुधारेंगे तो गुरु की प्यारी फौजें उनमें से हर एक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाएंगी। लोगों के घरों में जबरन घुसने के आरोप पर मनप्रीत ने कहा, “अगर कोई समाज को गलत संदेश दे रहा है तो हम उसके घर जा सकते हैं।” उन्होंने माना कि किसी को वीडियो बनाने से नहीं रोका जा सकता लेकिन हम उन लोगों को रोक सकते हैं जो पंजाब की संस्कृति पर दाग लगाएंगे।
पिछले साल 10 जून को अमृतपाल सिंह मेहरों के नेतृत्व वाले निहंगों के एक समूह पर बठिंडा में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर कंचन कुमारी उर्फ कमल कौर की हत्या का आरोप लगा था। आरोप था कि उन्होंने अश्लीलता और अभद्रता फैलाने के चलते उसकी हत्या की। उस समय पुलिस ने निहंगों पर मोरल पुलिसिंग में शामिल होने का आरोप लगाया था।
निहंगों के एक समूह पर हत्या का आरोप
मेहरों ‘कौम दे राखे’ नाम से समूह चलाता था। हत्या के बाद उसके साथी पकड़े गए जबकि मेहरों दुबई भाग गया था। हत्या के तीन दिन बाद मेहरों ने एक वीडियो मैसेज जारी कर हत्या की जिम्मेदारी ली और कहा कि उसने कंचन को कई बार चेतावनी दी थी। इसी वीडियो में उसने अमृतसर की एक अन्य सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर दीपिका लूथरा को भी धमकी दी और कहा कि यह जरूरी नहीं है कि हर बार शव ही मिले। इससे पहले भी धमकियां मिलने के बाद लूथरा ने अमृतसर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।
अप्रैल में मेहरों को दुबई से भारत वापस भेजा गया, जिसके बाद पंजाब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। साल 2020 में भी मेहरों के खिलाफ अमृतसर में स्वर्ण मंदिर परिसर के पास कुछ मूर्तियों में तोड़फोड़ करने का मामला दर्ज हुआ था। उसका आरोप था कि इन मूर्तियों में नर्तकियों को दिखाया गया था जो सिख भावनाओं और धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन था।
निहंगों के बाबा बुधा दल के ‘मुख प्रचारक’ सुखजीत सिंह कन्हैया ने कहा कि कोई वास्तविक निहंग सिंह इस तरह की मोरल पुलिसिंग में शामिल नहीं होता। उन्होंने कहा कि अब असली निहंगों की पहचान करना मुश्किल हो गया है क्योंकि कोई भी व्यक्ति बाना (निहंग पोशाक) पहनकर खुद को निहंग बता सकता है। कन्हैया ने कहा, “जब भी कोई व्यक्ति ऐसी हरकत करते हुए पकड़ा जाता है तो वह खुद को बुड्ढा दल या किसी अन्य निहंग समूह से जुड़ा बताता है ताकि अपनी गलती से बच सके।” उन्होंने कहा कि आज के समय में हर व्यक्ति को अपनी जिंदगी अपने तरीके से जीने और अपनी पसंद के कपड़े पहनने का अधिकार है।
निहंगों से जुड़ी हिंसक घटनाएं
निहंग हाल के वर्षों में हिंसक घटनाओं को लेकर भी सुर्खियों में रहे हैं। अप्रैल 2020 में पटियाला में एक पुलिसकर्मी पर हमले के मामले में निहंगों का नाम सामने आया था। आरोप था कि कोविड लॉकडाउन के दौरान कर्फ्यू पास मांगने पर पुलिसकर्मी के हाथ काट दिए गए थे। अक्टूबर 2021 में हरियाणा-दिल्ली सीमा पर सिंघु बॉर्डर के पास एक व्यक्ति की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या के मामले में भी निहंगों पर आरोप लगा था। आरोपियों ने उसके एक हाथ और एक पैर को काट दिया था और दावा किया था कि पवित्र सिख ग्रंथ की बेअदबी करने के लिए उसे सबक सिखाया गया।
सितंबर 2022 में अमृतसर में एक युवक की हत्या के मामले में दो निहंगों पर आरोप लगा था। कहा गया था कि युवक पवित्र शहर में तंबाकू चबाता और शराब पीता था। जनवरी 2024 में कपूरथला में हुई एक हत्या का आरोप भी एक निहंग पर लगा था। आरोप था कि उसने बेअदबी के संदेह में हत्या की।
हाल ही में जून 2026 में उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में पार्किंग विवाद को लेकर निहंगों के एक समूह की स्थानीय लोगों से झड़प हो गई थी। तलवार से किए गए हमले में चार स्थानीय लोग घायल हुए थे। निहंगों में से चार की गिरफ्तारी के बाद समूह ने एक गुरुद्वारे में लोगों को बंधक बना लिया और अपने साथियों की रिहाई की मांग की थी। जुलाई 2026 में पटियाला पुलिस ने सनौर में एक महिला को उसके बाल पकड़कर घर से बाहर खींचने और विवादित संपत्ति पर जबरन कब्जा करने की कोशिश के आरोप में कम से कम 15 निहंगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
यह भी पढ़ें: पंजाब कांग्रेस के कार्यक्रम में फिर झड़प
पंजाब के मालेरकोटला में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच एक बार फिर झड़प की खबरें सामने आ रही हैं। पंजाब कांग्रेस इन दिनों हर बूथ कांग्रेस मजबूत अभियान चला रही है, इसी कार्यक्रम के अंतिम दिन मालेरकोटला में कुछ कांग्रेस नेताओं के बीच मंच पर चढ़ने की कोशिश के दौरान झड़प हो गई। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
