पंजाब: रेत खनन नीलामी केस में घिरे बिजली और सिंचाई मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने दिया इस्तीफा - Punjab Minister Rana Gurjit Singh Resigns In Sand Mine Contract Case - Jansatta
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पंजाब: रेत खनन नीलामी केस में घिरे बिजली और सिंचाई मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने दिया इस्तीफा

पिछले साल मामले में राणा गुरजीत सिंह का नाम आने के बाद से ही विपक्ष लगातार मुख्यमंत्री से उनके इस्तीफे की मांग कर रहा था।

Author चंडीगढ़ | January 16, 2018 12:51 PM
राणा गुरजीत सिंह। (File Photo)

रेत खनन नीलामी में कथित भूमिका के आरोपों में घिरे पंजाब के बिजली और सिंचाई मंत्री राणा गुरजीत सिंह ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। पिछले साल मामले में राणा का नाम आने के बाद से ही विपक्ष लगातार मुख्यमंत्री से उनके इस्तीफे की मांग कर रहा था। सिंह ने बताया कि उन्होंने एक सप्ताह पहले ही मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। उन्होंने मंगलवार को कहा, ‘‘मैंने कैप्टन साहब के मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। मैंने एक सप्ताह पहले व्यक्तिगत रूप से अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री को सौंपा।’’ इस्तीफा देने के निर्णय पर सवाल किए जाने पर कपूरथला से विधायक सिंह ने कहा कि विपक्ष उन पर गलत आरोप लगा उनके इस्तीफे की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को अलग-थलग करने की कोशिश कर रहा था।

सिंह ने कहा, ‘‘मैंन अब अपना इस्तीफा दे दिया है।’’ बहरहाल, उनके इस्तीफे को स्वीकार किए जाने की अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। रेत खनन नीलामी में नाम आने बाद से ही आप नेता सुखपाल सिंह खैरा सहित विपक्ष के कई नेता मुख्यमंत्री से उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे। राज्य सरकार ने पिछले साल मई में खनन विभाग द्वारा की गई रेत खनन नीलामी में राणा गुरजित सिंह पर लगे आरोपों की जांच के लिए न्यायमूर्ति जे एम नारंग आयोग का गठन भी किया था।

आयोग को कई करोड़ की रेत खनन नीलामी में सिंचाई एवं बिजली मंत्री के खिलाफ लगे अनुचित व्यवहार के आरोपों के सभी पहलुओं की जांच करने का आदेश था। मंत्री ने दावा किया है कि नीलामी में कुछ भी गलत नहीं किया गया है। इसबीच, एक अन्य मामले में मंत्री के बेटे राणा इंद्र प्रताप सिंह को भी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 17 जनवरी पेश होने के लिए समन जारी किया था।

वहीं दूसरी तरफ, पंजाब लोकसेवा आयोग (पीपीएससी) के पूर्व अध्यक्ष रवींदर पाल सिंह सिद्धू उर्फ रवि सिद्धू को मोहाली की एक अदालत ने सोमवार को आय से अधिक सम्पत्ति और भ्रष्टाचार के मामले में सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोनिका गोयल ने मामले में यह सजा सुनाई। इसके साथ ही एक पूर्व पत्रकार रहे सिद्धू पर 75 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया।

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