ताज़ा खबर
 

लॉटरी टिकट खरीदने के लिए पड़ोसी से 200 रुपये लिया था उधार, अब जीता 1.5 करोड़ का जैकपॉट

मनोज कुमार के परिवार में 6 लोग खाने वाले हैं और कमाई का जरिया सिर्फ दिहाड़ी मजदूरी थी। जीवन काफी मुश्किलों से गुजर रहा था। लेकिन अब मनोज और उसके परिवार की जिंदगी पूरी तरह से बदल चुकी है और अब वह एक करोड़पति बन चुका है।

punjabपंजाब के संगरुर की घटना। (फाइल फोटो/प्रतीकात्मक तस्वीर)

पंजाब के संगरुर जिले में रहने वाले मनोज कुमार ने भी कभी कल्पना नहीं की होगी कि उनकी जिंदगी एक पल में ऐसी बदल जाएगी कि वह दिहाड़ी मजदूर से सीधे करोड़पति बन जाएंगे। यह कमाल हुआ है पंजाब सरकार की लॉटरी योजना से, जिसने मनोज को 1.5 करोड़ रुपए का मालिक बना दिया है। बता दें कि संगरुर के मांडवी गांव के रहने वाले मनोज ने अपने पड़ोसी से 200 रुपए उधार लेकर लॉटरी टिकट खरीदा था, अब उसी उधारी के पैसे से खरीदे गए लॉटरी टिकट से उसका 1.5 करोड़ रुपए का जैकपॉट लग गया है, जिसने उसकी जिंदगी बदलकर रख दी है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले तक मनोज कुमार (40 वर्ष) और उसकी पत्नी राज कौर गांव के ही ईंट भट्टे पर दिहाड़ी मजदूर के रुप में काम करते थे। इस मजदूरी से दोनों रोजाना 250 रुपए प्रति व्यक्ति कमा पाते थे।

मनोज कुमार के परिवार में 6 लोग खाने वाले हैं और कमाई का जरिया सिर्फ दिहाड़ी मजदूरी थी। जीवन काफी मुश्किलों से गुजर रहा था। लेकिन अब मनोज और उसके परिवार की जिंदगी पूरी तरह से बदल चुकी है और अब वह एक करोड़पति बन चुका है। हालत ये है कि अब बैंककर्मी और प्रॉपर्टी एजेंट्स मनोज के इर्द-गिर्द मंडरा रहे हैं और उसे निवेश के लिए कई उपाय सुझा रहे हैं। मनोज की बेटियां जो कुछ दिन पहले तक पढाई छोड़ने पर विचार कर रहीं थी, अब मनोज ने उन्हें बेहतर शिक्षा दिलाने की योजना बनायी है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक खबर के अनुसार, मनोज ने अपनी एक बेटी को सिविल सेवाओं की तैयारी करने को कहा है क्योंकि उसकी बेटी का बचप से ही सपना पुलिस अधिकारी बनने का रहा है। इसी तरह अपनी दूसरी बेटी को, जिसे मनोज नर्स बनाना चाहता था, अब उसे डॉक्टर बनाने की तैयारी कर रहा है।

हालांकि मनोज को इस बात का मलाल है कि वह अपने पिता को नहीं बचा सका, जिनकी बीते दिनों ही अस्थमा के कारण मौत हो गई थी। मनोज का कहना है कि यदि यह लॉटरी उसे कुछ दिन पहले लगी होती तो वह अपने पिता का बेहतर इलाज कराकर उसकी जान बचा सकता था। फिलहाल मनोज खेती के लिए जमीन खरीदने पर विचार कर रहा है। इसके साथ ही वह अपने कच्चे मकान को तुड़वाकर पक्का मकान बनवाने की योजना बना रहा है। मनोज के कुछ दोस्त और रिश्तेदार उसे कोई छोटा-मोटा बिजनेस करने की भी सलाह दे रहे हैं। मनोज की मां कृष्णी देवी भी मनोज के करोड़पति बनने पर बेहद खुश हैं। मनोज के पिता भी दिहाड़ी मजदूर थे और साइकिल टायरों में पंचर लगाने का काम करते थे। अब मनोज के अचानक ही करोड़पति बन जाने पर उसकी मां बेहद खुश है और इसके लिए भगवान की बेहद शुक्रगुजार है।

Next Stories
1 हत्‍या के प्रयास मामले में पूर्व मंत्री गिरफ्तार, पुलिस ने थाने में की जमकर खातिरदारी!
2 8 साल से मजदूरों का 313 करोड़ रुपये दबाए बैठी है झारखंड सरकार, CAG ने खोली पोल
3 हार्दिक पटेल ने 19 दिनों के बाद तोड़ा अनशन, गुजरात सरकार ने नहीं मानी एक भी मांग
ये पढ़ा क्या?
X