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पांच महीनों से IGI एयरपोर्ट पर पड़ा शख्स का शव, लेकिन परिवार लेने को तैयार नहीं

एक शव पिछले पांच महीनों से दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट की मुर्दा घर में रखा हुआ है लेकिन उसको परिवार वाले लेकर जाने को तैयार नहीं हैं।

Author Updated: June 24, 2017 1:56 PM
Jaswinder Singhजसविंदर सिंह 2013 से सऊदी में डीजल मकैनिक का काम किया करता था।

एक शव पिछले पांच महीनों से दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट की मुर्दा घर में रखा हुआ है लेकिन उसको परिवार वाले लेकर जाने को तैयार नहीं हैं। सऊदी ने वह शव जसविंदर का बताकर भेजा था। लेकिन, परिवार को लगता है कि जसविंदर अभी भी जिंदा है। इसलिए डीएनए रिपोर्ट से पुष्टि के बिना वे बॉडी को लेकर जाने के लिए तैयार नहीं हैं। जसविंदर सऊदी अरब में काम करता था। 2015 में आग लगने से हुए एक हादसे में उसकी मौत हो गई थी। नवंबर 2015 में जसविंदर की मौत की खबर आई लेकिन परिवार का कहना है कि जसविंदर का फोन उसकी मौत की खबर आने के बाद भी चालू था लेकिन दूसरी तरफ से कोई बोला नहीं। ऐसे में परिवार को उसके जिंदा होने की आस है।

जसविंदर की बॉडी को सऊदी अरब से भारत आने में एक साल से ज्यादा का वक्त लगा और अब पांच महीने से वह आईजीआई एयरपोर्ट पर है। जसविंदर लुधियाना जिले का रहने वाला था। वह 2013 से सऊदी में डीजल मकैनिक का काम किया करता था। लेकिन नवंबर 2015 में हुए हादसे में उसकी मौत की खबर आई।

अब पंजाब-हरियाणा की हाईकोर्ट ने विदेश मंत्रालय को 28 दिन का वक्त दिया गया है। इन दिनों में मंत्रालय को सऊदी अरब से डीएनए रिपोर्ट लेनी है जो कि बॉडी को भारत भेजने से पहले किया गया था। परिवार का कहना है कि 2016 में उनको रियाद की भारतीय दूतावास से जसविंदर का डीएनए सैंपल भेजने को कहा गया था। परिवार के वकील आदित्य शारदा का कहना है कि एयरपोर्ट पर आई बॉडी का डीएनए जसविंदर के डीएनए से मेल नहीं खाता।

परिवार को दूतावास का एक लाख रुपए भी देना था लेकिन हाईकोर्ट ने कहा है कि वह पैसा परिवार नहीं बल्कि वह कंपनी देगी जिसमें जसविंदर काम करता था।

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