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10 साल के बच्चे का खतना कर इस्लाम में ‘कन्वर्ट’ करने की कोशिश, 3 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज

शुक्रवार को मोबिन और उसके दो साथियों ने कथित तौर पर लड़के का खतना शुरू किया, जिसके चलते जोर से खून बहने लगा। 10 वर्षीय लड़के ने बताया कि वह किसी प्रकार वहां से भागकर पास के कोहाड़ा स्थित बाजार में टेंपो यूनियन वालों के पास पहुंचा जिन्होंने उसे अस्पताल पहुंचाया।

Author September 30, 2018 11:30 PM
प्रतीकात्मक तस्वीर (Representative Image)

पंजाब की लुधियाना पुलिस ने माछीवाड़ा में रविवार (30 सितंबर) को एक 10 वर्षीय लड़के का खतना करने के आरोप में तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। लड़के ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा कि आरोपी जबरन उसका धर्मांतरण करना चाहते थे। शुक्रवार (28 सितंबर) को घटना के बाद लड़के को गंभीर हालत में एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मोहम्मद मोबीन और उसके दो अज्ञात साथियों के खिलाफ माछीवाड़ी पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। हालांकि खबर लिखे जाने तक मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। लड़के ने पुलिस को बताया कि वह गाजियाबाद का रहने वाला है और करीब आठ महीने पहले उसकी मां की मौत के बाद पिता ने उसे छोड़ दिया था। पिता ने जब दोबारा शादी कर ली तो वह ट्रेन से लुधियाना आ गया था। लड़का ने बताया कि सात महीनों तक वह गुरुगृह गांव में एक घर में काम करता रहा। हालांकि पिछले हफ्ते मोबिन ने माछीवाड़ी में सड़क किनारे स्थित उसकी जूस की दुकान में उसे एक हजार रुपये महीना पर काम पर रखा।

लड़के ने बताया कि जल्द ही मोबिन उस पर हमला करने लगा और उस पर इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाने लगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शुक्रवार को मोबिन और उसके दो साथियों ने कथित तौर पर लड़के का खतना शुरू किया, जिसके चलते जोर से खून बहने लगा। 10 वर्षीय लड़के ने बताया कि वह किसी प्रकार वहां से भागकर पास के कोहाड़ा स्थित बाजार में टेंपो यूनियन वालों के पास पहुंचा जिन्होंने उसे अस्पताल पहुंचाया। यूनियन के हेड इंदरजीत सिंह ने घटना के बारे में पुलिस को इत्तला की।

माछीवाड़ा पुलिस थाने के एसएचओ राजेश कुमार ने मीडिया से कहा, ”लड़के की हालत अब स्थिर है।” राजेश कुमार ने कहा, ”उसने हमें बताया कि उसके पिता ने दूसरी शादी के बाद उसे त्याग दिया था। मुख्य आरोपी मोबिन ने कथित तौर पर खतने प्रकिया की और उसके दो साथियों ने पीड़ित के हाथ पकड़े थे। उन्हें दबोचना अभी बाकी है।” तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 295 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना), 326 (स्वेच्छा से खतरनाक हथियारों से गंभीर चोट देना) और 34 (आम इरादे के तहत कई लोगों के द्वारा किया गया काम) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

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