Punjab News: पंजाब के फिरोजपुर में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान स्वास्थ्य विभाग की एक झांकी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की मौजूदगी में स्वतंत्रता दिवस की परेड आयोजित की गई थी। इस परेड के दौरान निकाली गई झांकी में पांच बुजुर्गों को भांगड़ा करते हुए दिखाया गया। कार्यक्रम में अनाउंसर ने उन्हें ‘मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना’ के तहत घुटने का सफल प्रत्यारोपण कराने वाले लाभार्थी बताया था।

हालांकि, अब झांकी को लेकर खुलासा हुआ है कि वे असल में पंजाब के ही स्वास्थ्य विभाग के ही सेवानिवृत्त कर्मचारी थे और उन्होंने सरकार की योजना का लाभ लेते हुए कोई सर्जरी नहीं कराई थी। झांकी में भांगड़ा करने वाले पांचों लोग, सुरेश कुमार, प्रीतम सिंह, सरवण सिंह, मलकीत सिंह और सतपाल सिंह स्वास्थ्य विभाग के ही रिटायर्ड कर्मचारी हैं।

लोगों ने खुद कबूल ली ऑपरेशन न होने की बात

मामला सामने आने के बाद जब उनसे सवाल किया गया तो सुरेश कुमार ने बताया, “हम पांचों रिटायर्ड कर्मचारी हैं। मेरे घुटनों का कोई ऑपरेशन नहीं हुआ है, बाकी दूसरों के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। हमें बस भांगड़ा करने के लिए कहा गया था।” घटना के बाद से ही सभी कर्मचारियों के फोन बंद आ रहे हैं।

विवाद बढ़ने पर प्रशासन ने किया दी सफाई?

विवाद बढ़ने पर फिरोजपुर की सिविल सर्जन डॉ. मीनाक्षी ढींगरा ने विभाग का बचाव करते हुए इसे एक सांकेतिक प्रस्तुति बताया। उन्होंने कहा, “हमने कुछ गलत नहीं किया। मरीजों की पहचान सार्वजनिक नहीं की जा सकती, इसलिए हमने ऐसा कभी नहीं किया होता। झांकी के प्रतिभागी केवल यह दर्शा रहे थे कि बीमा योजना से लोगों को कितना लाभ मिल रहा है।”

वहीं, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने विवाद पर हैरानी जताते हुए कहा, “इस योजना के तहत अब तक 9,971 लोगों के घुटने बदले जा चुके हैं और सरकार ने लगभग 79 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। यह झांकी केवल लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए थी ताकि वे जान सकें कि इस योजना से इलाज कराकर वे सामान्य जीवन जी सकते हैं।”

विपक्ष का भगवंत मान सरकार पर तीखा हमला

इस घटना को लेकर पंजाब में राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। कांग्रेसी नेता अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से जनता से माफी मांगने और स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने इसे आम आदमी पार्टी की नाटक और ड्रामेबाजी की राजनीति करार दिया।

दूसरी ओ नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा, “यह आप सरकार के ‘पंजाब मॉडल’ की असलियत है, बड़े-बड़े दावे और उससे भी बड़ा प्रचार। लेकिन सच आखिरकार सामने आ ही जाता है।”

अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे पवित्र अवसर का इस्तेमाल “झूठे प्रचार” के लिए करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पंजाब के अस्पतालों को पब्लिसिटी नहीं, बल्कि डॉक्टरों, दवाओं और बेहतर इलाज की जरूरत है।

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