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हल्दीघाटी का युद्ध अकबर के लिए झटका, मुगल राजा को ‘रामप्रसाद’ हाथी के अलावा कुछ नहीं मिला; पजांब के राज्यपाल

पंजाब के राज्यपाल वी पी सिंह बदनौर ने कहा, ’हल्दीघाटी का विजेता कौन था’ विषय पर चर्चा के दौरान राज्यपाल ने कहा कि मुगल बादशाह को इस लड़ाई में ‘रामप्रसाद’ नाम के हाथी के अलावा कुछ नहीं मिला।

Author चंडीगढ़ | Published on: December 14, 2019 10:08 AM
पंजाब के राज्यपाल वी पी सिंह बदनौर (फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस)

पंजाब के राज्यपाल वी पी सिंह बदनौर ने मुगल बादशाह अकबर को लेकर एक ऐसा बयान दिया है जिसके चलते काफी बवाल हो रहा है। पंजाब के राज्यपाल सैन्य साहित्य उत्सव में शुक्रवार (13 दिसंबर) को शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने यहां पर कहा कि मेवाड़ के शासक महाराणा प्रताप और मुगल फौज के बीच हल्दीघाटी में हुई जंग ‘बदशाह अकबर के लिए झटका’ थी। राज्यपाल के इस बयान को लेकर सियासत तेज हो गई है। बता दें कि हल्दीघाटी की लड़ाई 442 साल पहले 1576 में लड़ी गई थी।

हल्दीघाटी में अकबर को मिला था झटका- बदनौरः इस उत्सव में पंजाब के राज्यपाल वी पी सिंह बदनौर ने कहा, ’हल्दीघाटी का विजेता कौन था’ विषय पर चर्चा के दौरान राज्यपाल ने कहा कि मुगल बादशाह को इस लड़ाई में ‘रामप्रसाद’ नाम के हाथी के अलावा कुछ नहीं मिला। पंजाब सरकार की ओर से जारी रिलीज में बदनौर ने कहा कि महाराणा प्रताप के कड़े प्रतिरोध की वजह से अकबर कभी भी मेवाड़ को नहीं जीत पाया और यह युद्ध बादशाह के लिए झटका था।

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हल्दीघाटी को माना इतिहासिक मोड़ः वक्ताओं ने एक सुर में माना कि हल्दीघाटी की लड़ाई भारत के मध्यकालीन इतिहास में निर्णायक मोड़ थी। वहीं कश्मीर मुद्दे पर एक अन्य चर्चा में विशेषज्ञों ने कश्मीर समस्या का सैन्य तरीके से समाधान करने के विचार को खारिज किया। इस उत्सव में कई और मुद्दों पर भी चर्चा हुई है। बता दें कि इनके इस तरह के बयान से विवाद छिड़ रहा है।

कश्मीर मुद्दा केवल सेना की ही नहीं सुलझा पाएगी- रॉ पूर्व प्रमुखः वहीं खुफिया एजेंसी रॉ के पूर्व प्रमुख ए एस दौलत ने कहा कि अधिकतर भारतीयों को वास्तविक समस्याओं के बारे में जानकारी नहीं है। सरकारी रिलीज में दौलत के हवाले से कहा गया है कि कश्मीर सिर्फ सैन्य मुद्दा ही नहीं है और सेना अकेले इस समस्या को हल नहीं कर सकती है।

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