बाबा साहेब आंबेडकर की जयंती के मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को पंजाब में ‘मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना’ की शुरुआत की। इसके तहत राज्य भर की महिलाओं को 1000 से 1500 रुपये की मासिक वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसे बाबा साहेब आंबेडकर के सामाजिक न्याय और समानता के दृष्टिकोण को सच्ची श्रद्धांजलि बताते हुए मुख्यमंत्री ने पंजीकरण प्रक्रिया को भी शुरू किया।
योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु की सभी महिलाएं केवल तीन दस्तावेजों के जरिये ही इस योजना का लाभ ले सकेंगी।
यह योजना नौ निर्वाचन क्षेत्रों में शुरू हो रही है और 15 मई से पंजाब के शेष 108 निर्वाचन क्षेत्रों में भी शुरू होगी।
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया के साथ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि योजना को आदमपुर, मलोट, श्री आनंदपुर साहिब, दिरबा, सुनाम, मोगा, कोटकापुरा, बटाला और पटियाला ग्रामीण सहित नौ स्थानों पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। उन्होंने कहा, “शेष 108 निर्वाचन क्षेत्रों में महिलाओं के लिए पंजीकरण 15 मई से शुरू होगा। 1000 या 1500 रुपये का मासिक भुगतान जुलाई 2026 से शुरू होगा।”
महिलाओं को सुविधा का आश्वासन देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजीकरण की कोई अंतिम तारीख नहीं है और महिलाओं को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, चाहे वे 15 अप्रैल, 15 मई या 15 अगस्त को पंजीकरण कराएं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि देरी से पंजीकरण करने पर भी लाभ मिलेगा और सितंबर में पंजीकरण करने पर भी जुलाई, अगस्त और सितंबर का पूरा भुगतान मिलेगा।
सिर्फ तीन दस्तावेजों की है जरूरत
दस्तावेजों के बारे में जानकारी देते हुए सीएम मान ने कहा कि पंजीकरण के लिए केवल तीन दस्तावेजों की आवश्यकता है। पंजाब के पते वाला आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और बैंक पासबुक। अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र भी आवश्यक है। जाति प्रमाण पत्र न रखने वाली महिलाओं की चिंताओं को दूर करते हुए मान ने कहा, “मैं जानता हूं कि मेरी कई अनुसूचित जाति की बहनों और माताओं के पास प्रमाण पत्र नहीं है, लेकिन उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है, वे अपने प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकती हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “यदि इसमें समय लग रहा है, तो चिंता न करें, क्योंकि वे बिना प्रमाण पत्र के भी इस योजना के तहत पंजीकरण करा सकती हैं और प्रति माह एक हजार रुपये प्राप्त कर सकती हैं।” मान ने कहा कि जब भी उनका प्रमाण पत्र आएगा, राज्य सरकार जुलाई से उन्हें प्रति माह 500 रुपये का अंतर भी देगी। इस बारे में चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।
मान ने कहा कि इस योजना के लिए पंजीकरण आंगनवाड़ी केंद्रों, सेवा केंद्रों, नगर निगम और नगर समिति कार्यालयों सहित निर्धारित स्थानों पर किया जा सकता है। आम आदमी पार्टी (आप) के नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि अगले एक-दो महीनों में राज्य भर में ‘मुख्यमंत्री मावां धीयां सत्कार योजना’ के लिए पंजीकरण होने के बाद, लाभार्थियों को जुलाई से उनके बैंक खातों में वित्तीय सहायता मिलनी शुरू हो जाएगी।
महिला सत्कार सखियों की होगी नियुक्ति
मुख्यमंत्री मान ने कहा, “18 वर्ष से अधिक आयु की सभी महिलाओं को 100% कवरेज सुनिश्चित करने और पंजीकरण प्रक्रिया में उनका मार्गदर्शन करने के लिए, पंजाब सरकार पंजाब के प्रत्येक गांव और प्रत्येक वार्ड में महिला सत्कार सखियों को नियुक्त करेगी।” उनकी भूमिका समझाते हुए उन्होंने आगे कहा, “महिला सत्कार सखियां लाभार्थियों के घर जाकर उन्हें योजना के लाभों के बारे में बताएंगी, उनकी सभी शंकाओं को दूर करेंगी और पंजीकरण फॉर्म सौंपेंगी। वे लाभार्थियों को पूरी पंजीकरण प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी देंगी और उनकी सभी शंकाओं और समस्याओं का समाधान करेंगी।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “यदि लाभार्थी के पास मतदाता पहचान पत्र या बैंक खाता जैसी कोई भी जानकारी नहीं है, तो ये सखियां इसे बनवाने में मदद करेंगी। महिला सत्कार सखी हर कदम पर उनका मार्गदर्शन करेगी।” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजीकरण फॉर्म भरने और सभी दस्तावेज तैयार रखने के बाद, महिलाएं अपने नजदीकी पंजीकरण केंद्र पर जाकर फॉर्म जमा कर सकती हैं।”
भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार शहरी क्षेत्रों में सभी आंगनवाड़ी केंद्रों, सभी सेवा केंद्रों और सभी नगर निगम/समिति कार्यालयों सहित 26,000 से अधिक स्थानों पर पंजीकरण की अनुमति देगी।” इसके प्रभाव पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाकर उनके उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।”
आर्थिक स्वायत्तता के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “महिलाओं की वित्तीय स्वायत्तता को मजबूत करना घरेलू कल्याण में सुधार, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और सामाजिक और आर्थिक निर्णय लेने में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए आवश्यक है।”
बजट में किया 9300 करोड़ रुपये का प्रावधान
मान ने कहा कि इस योजना से 18 वर्ष से अधिक आयु की लगभग 97% महिलाओं को लाभ होने की उम्मीद है, जो इसे देश में सबसे व्यापक महिला-केंद्रित सामाजिक सुरक्षा पहल में से एक बनाती है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 9300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने हरबंस कौर, दीक्षा और सिमरन सहित तीन लाभार्थियों को पंजीकरण प्रमाण पत्र सौंपे। लाभार्थियों ने इस पहल का स्वागत किया और कहा कि इससे उनकी आर्थिक स्वतंत्रता मजबूत होगी।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, हरपाल सिंह चीमा, डॉ. बलजीत कौर, हरभजन सिंह ईटीओ और मोहिंदर भगत, लोकसभा सांसद डॉ. राजकुमार चब्बेवाल, पंजाब राज्य सहकारी कृषि विकास बैंक के अध्यक्ष पवन कुमार टीनू और अन्य लोग शामिल थे।
