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धार्मिक ग्रंथों से की छेड़छाड़ तो आएगी शामत, हो सकती है आजीवन कैद?

बता दें कि बीते साल मार्च माह में केन्द्र सरकार ने पंजाब विधानसभा से साल 2016 में पास हुआ एक बिल लौटा दिया था। इस बिल में सिखों के सर्वोच्च धार्मिक ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब से छेड़छाड़ करने पर 3 साल से लेकर आजीवन उम्रकैद की सजा का प्रावधान करने की मांग की गई थी।

पंजाब सरकार का नया बिल, जिसके तहत धार्मिक ग्रंथ से छेड़छाड़ पर मिलेगा आजीवन कारावास। (image source-Facebook)

पंजाब की कांग्रेस सरकार नया कानून बनाने की तैयारी कर रही है, जिसके तहत धार्मिक ग्रंथों से छेड़छाड़ करने का दोषी पाए जाने पर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। फिलहाल सरकार इस संशोधन बिल का ड्राफ्ट तैयार कर रही है, जिसे जल्द ही कानून का रुप दे दिया जाएगा। बता दें कि बीते साल मार्च माह में केन्द्र सरकार ने पंजाब विधानसभा से साल 2016 में पास हुआ एक बिल लौटा दिया था। इस बिल में सिखों के सर्वोच्च धार्मिक ग्रंथ गुरु ग्रंथ साहिब से छेड़छाड़ करने पर 3 साल से लेकर आजीवन उम्रकैद की सजा का प्रावधान करने की मांग की गई थी।

सूत्रों के अनुसार, केन्द्र सरकार ने पंजाब सरकार का बिल यह कहकर लौटा दिया था कि पंजाब सरकार सभी धर्मों के ग्रंथों को इस बिल में शामिल करे। सरकार ने इसके पीछे तर्क देते हुए कहा था कि इस बिल से देश के संविधान में दिए सेक्यूलर सिद्धांतों को नुकसान पहुंच सकता है। अब पंजाब सरकार ने उसी बिल में संशोधन कर इसमें गुरु ग्रंथ साहिब के साथ ही गीता, कुरान और बाइबिल को भी शामिल कर लिया है। पंजाब सरकार के वरिष्ठ नेता के अनुसार, जल्द ही नए बिल को अंतिम रुप दे दिया जाएगा और उसके बाद उसे पंजाब विधानसभा में पेश किया जाएगा।

गौरतलब है कि केन्द्र सरकार ने बीते साल जब पंजाब सरकार का यह बिल वापस लौटाया था, तो उसमें सरकार ने इस बात पर भी चिंता जाहिर की थी कि ताजा बिल से इंडियन पीनल कोड (आईपीसी) में असंतुलन पैदा होगा। धार्मिक ग्रन्थों से छेड़छाड़ के दोषी को आजीवन कारावास की सजा को केन्द्र सरकार ने ज्यादा भी बताया था। सरकार ने कहा था कि आईपीसी के तहत पूजास्थल पर तोड़फोड़ करने की सजा 2 साल से लेकर 10 साल ही है, जबकि नए बिल में धार्मिक ग्रंथ से छेड़छाड़ पर आजीवन कारावास की मांग की गई थी।

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