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कृषि कानूनों और कर्ज से थे परेशान, बेटे के साथ किसान ने कर ली खुदकुशी

पुलिस ने बताया कि उनके शवों को पोस्टमार्टम के लिए दासुया सिविल अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने कहा कि वह मामले की जांच कर रही है।

Author होशियारपुर/चंडीगढ़ | Updated: February 20, 2021 8:42 PM
Farmers, Punjab, India Newsपंजाब के बठिंडा में कृषि कानूनों के खिलाफ चक्का जाम कर प्रदर्शन करे किसान। तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल फोटोः पीटीआई)

पंजाब के होशियारपुर के एक गांव में कर्ज में डूबे एक किसान और उसके बेटे ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। दोनों ने सुसाइड नोट में लिखा है कि वे केंद्र के नये कृषि कानूनों और राज्य सरकार द्वारा उनके ऋण माफ करने में विफलता को लेकर व्यथित थे।

पुलिस उपाधीक्षक मुनीश कुमार ने बताया कि किसान जगतार सिंह (70) और उसका बेटा कृपाल सिंह (42) शनिवार सुबह मुहादीपुर गांव में अपने घर पर मृत पाए गए। पुलिस ने कहा कि दोनों ने कथित तौर पर कोई जहरीला पदार्थ खा लिया। उनके घर से बरामद एक सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि वे कर्ज के कारण यह आत्मघाती कदम उठा रहे हैं। दोनों ने इस सुसाइड नोट में पंजाब में कांग्रेस सरकार पर उनके कृषि ऋण माफ करने के अपने वादे का सम्मान नहीं करने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने सुसाइड नोट में यह भी लिखा है कि वे केंद्र द्वारा नये कृषि कानूनों को निरस्त नहीं किये जाने को लेकर भी व्यथित हैं। दोनों के पास एक एकड़ जमीन है। पुलिस ने बताया कि उनके शवों को पोस्टमार्टम के लिए दासुया सिविल अस्पताल भेज दिया गया है। पुलिस ने कहा कि वह मामले की जांच कर रही है।

उधर, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से किसानों के ‘‘असंतोष’’ का तत्काल समाधन सुनिश्चित करने और राज्य को जीएसटी मुआवजा शीघ्र जारी करने की शनिवार को अपील की। सिंह ने नीति आयोग की शासी परिषद की छठी बैठक में अपने रिकॉर्डेड संदेश में यह सुझाव भी दिया कि कोविड-19 टीकाकरण में प्राथमिकताएं तय करने से पूर्व राज्यों से सलाह ली जाए। यह बैठक ऑनलाइन आयोजित की गई थी।

राज्य सरकार की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री ने ‘‘तीन नए कृषि कानूनों के कारण पैदा हुए व्यवधान’’ के चलते पंजाब के कृषि क्षेत्र पर मंडरा रहे खतरे पर भी चिंता व्यक्त की। सिंह अस्वस्थ होने के कारण इस बैठक में हिस्सा नहीं ले सके। किसान केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं और उनकी मांग है कि तीनों कानूनों को वापस लिया जाए।

बैठक में सिंह ने कोविड-19 टीके का मुद्दा भी उठाया और केन्द्र से अपील की कि टीकाकरण के लिए प्राथमिकताएं तय करने से पहले राज्यों से भी विचार-विमर्श किया जाए। उन्होंने केन्द्र से पंजाब के बकाये जीएसटी मुआवजे का भुगतान करने की भी अपील की, जो अप्रैल 2020 से जनवरी 2021 के बीच 8,253 करोड़ रुपए है। इसके अलावा उन्होंने किसानों की समस्याओं और आशंकाओं पर भी विस्तार से जानकारी दी।

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