पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने शुक्रवार को राज्य के पार्टी नेताओं के साथ एक अहम बैठक की। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के बीच नोक-झोंक देखने को मिली।
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, एआईसीसी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल भी शामिल हुए।
शुक्रवार को ही पंजाब में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव के नतीजे आए, जहां आम आदमी पार्टी ने कुल 1,977 वार्डों में से 954 वार्ड जीते, जबकि कांग्रेस 393 वार्डों में जीत हासिल करके दूसरे स्थान पर रही।
पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के प्रभाव वाले दो इलाकों- चमकौर साहिब और मोरिंडा में कांग्रेस को जीत मिली जबकि अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का गढ़ माने जाने वाले गिद्दड़बाहा में आम आदमी पार्टी ने नगर परिषद के 19 वार्डों में से 17 में जीत दर्ज की।
जानकारी के मुताबिक, चन्नी ने गिद्दड़बाहा में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन का मुद्दा उठाया। उन्होंने पूछा कि जब प्रदेश अध्यक्ष के गृह क्षेत्र में ही आम आदमी पार्टी को जीत मिली है तो तो पार्टी विधानसभा चुनावों की तैयारी कैसे करेगी।
वड़िंग का कहना था कि सत्ताधारी पार्टी ने जीत हासिल करने के लिए सरकारी तंत्र का दुरुपयोग किया लेकिन गुरदासपुर के सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पूछा कि कपूरथला या चमकौर साहिब में क्या सरकारी तंत्र का दुरुपयोग नहीं हुआ, जहां कांग्रेस ने शानदार जीत हासिल की है।
चन्नी के गैर हाजिर रहने का मुद्दा उठाया
वड़िंग ने स्थानीय निकाय चुनावों के दौरान चन्नी के लंबे समय तक पंजाब से गैर हाजिर रहने का मुद्दा उठाया। इस पर चन्नी ने कहा कि उन्हें कुछ जरूरी वजह से विदेश जाना पड़ा था।
प्रताप सिंह बाजवा ने बैठक बीच में छोड़ी
यह भी बात सामने आई है कि पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा बैठक बीच में ही छोड़कर चले गए। पंजाब के प्रभारी और कांग्रेस महासचिव भूपेश बघेल ने मीडियाकर्मियों को बताया कि बाजवा ने उन्हें जल्दी जाने के बारे में बताया था। उन्होंने मीडिया से कहा कि वे तिल का ताड़ न बनाएं।
बघेल ने पत्रकारों से कहा कि पंजाब में कांग्रेस नेतृत्व में फिलहाल बदलाव की कोई संभावना नहीं है।
‘ED पार्टी का सफाया हो गया’
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को पंजाब नगर निकाय चुनावों में अपनी पार्टी के दमदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि शहरी स्थानीय निकाय चुनावों में मतदाताओं ने सत्तारूढ़ पार्टी का समर्थन किया। इसकी वजह से ईडी पार्टी का सफाया हो गया है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।
