प्रियंका गांधी से मुलाकात के बाद से शांत हैं पंजाब के सियासी हालात, नौ दिन पहले आया था सिद्धू का बयान

सूत्रों के अनुसार कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से हुई मुलाक़ात के दौरान नवजोत सिंह सिद्धू अपनी सरकार के खिलाफ चुप रहने के लिए कहा गया है और किसी भी विवाद से दूर रहने के लिए कहा गया है।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से मुलाक़ात के बाद से पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ कोई भी सियासी हमला नहीं किया है। (एक्सप्रेस फोटो)

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने के बाद भी अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले नवजोत सिंह सिद्धू पिछले काफी दिनों से शांत हो गए हैं। कहा जा रहा है कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से मुलाक़ात के बाद से ही नवजोत सिंह सिद्धू मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में चल रही सरकार के खिलाफ सियासी वार नहीं कर रहे हैं। पिछले करीब 9 दिनों से सिद्धू का अपनी सरकार के खिलाफ कोई बयान नहीं आया है।

बीते 1 सितंबर को पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने कांग्रेस महासचिव से मुलाकात की थी। कांग्रेस महासचिव से मुलाक़ात करने से एक दिन पहले ही सिद्धू ने बिजली के मुद्दे पर कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार को घेरा था और निजी थर्मल प्लांटों को भुगतान किए जा रहे टैरिफ को संशोधित करने की मांग की थी। इसके बाद सीएम अमरिंदर सिंह ने भी जवाब देते हुए कहा था कि सरकार सभी 122 बिजली खरीद समझौतों को रद्द नहीं कर सकती है।

लेकिन मुलाक़ात करने के बाद से ही सिद्धू ने बीते 9 दिनों से पंजाब सरकार पर कोई भी हमला नहीं किया है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से हुई मुलाक़ात के दौरान उन्हें अपनी सरकार के खिलाफ चुप रहने के लिए कहा गया है और किसी भी विवाद से दूर रहने के लिए कहा गया है। सिद्धू भी अपने आलाकमान के आदेश का बखूबी पालन कर रहे हैं।

प्रियंका गांधी से मुलाक़ात के बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने विधानसभा सत्र में भी भाग लिया। कैप्टन सरकार ने उन्हें विधानसभा में बोलने का मौका नहीं दिया लेकिन इसके बावजूद भी सिद्धू ने कोई भी बयान सरकार के खिलाफ नहीं दिया। अब वे कैप्टन सरकार पर बोलने से बच रहे हैं और लगातार संगठन की बैठक ले रहे हैं। सूत्रों के अनुसार सिद्धू के समर्थक मंत्री भी अब बोलने से परहेज कर रहे हैं और अपने निर्वाचन क्षेत्रों तक ही सीमित हैं।

भले ही पिछले कुछ दिनों से दोनों के बीच चल रहा शीतयुद्ध शांत हो। लेकिन बीते दिनों पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत ने अजीब बयान देते हुए कहा था कि अगर दोनों के बीच कोई विवाद होगा तो यह कांग्रेस के लिए अच्छा होगा। बता दें कि अगले साल के शुरुआत में ही पंजाब विधानसभा के चुनाव होने को हैं। चुनाव को देखते हुए सभी पार्टियां अभी से ही इसकी तैयारी में जुट गई है। माना जा रहा है कि पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए ही सिद्धू ने कैप्टन के खिलाफ अपने बगावती तेवरों को फ़िलहाल के लिए शांत कर दिया है।

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