एक तरफ पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं तो दूसरी ओर पंजाब कांग्रेस की आंतरिक कलह दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही नजर आ रही है। पंजाब प्रदेश अध्यक्ष ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िग ने अब पूर्व डीजीपी और कांग्रेस नेता मोहम्मद मुस्तफा को मानहानि का कानूनी नोटिस भेज दिया है। मोहम्मद मुस्तफा पार्टी के ही सदस्य हैं और पूर्व कांग्रेस विधायक रजिया सुल्ताना के पति हैं।

कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मेनिफेस्टो कमेटी की पहली बैठक की। इस बैठक में चुनाव के लिए पार्टी के घोषणा पत्र की रूपरेखा और इसे आम लोगों से जोड़ने की रणनीति पर चर्चा की गई।

इंटरव्यू में मोहम्मद मुस्तफा ने क्या कहा?

तीन पेज का यह नोटिस 21 अगस्त को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के चंडीगढ़ स्थित वकील निखिल घई के जरिए भेजा गया था। नोटिस के अनुसार, मोहम्मद मुस्तफा ने वक्त दे बोल प्लेटफॉर्म के साथ एक इंटरव्यू के दौरान राजा वड़िंग की समझ-बूझ, काबिलियत, फैसले लेने की क्षमता और लीडरशिप की जिम्मेदारियों निभाने की क्षमता पर बहुत ही निजी हमले किए। यह प्रोग्राम टेलीविजन और डिजिटल/सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिखाया और बड़े पैमाने पर शेयर किया गया।

लुधियाना से सांसद वड़िंग ने नोटिस में कहा कि ये टिप्पणियां किसी पॉलिसी या फैसले की निष्पक्ष आलोचना नहीं थीं, बल्कि उन्हें एक राजनेता से उम्मीद की जाने वाली समझ-बूझ के मामले में अक्षम दिखाने की जान-बूझकर की गई कोशिश थीं।

लोगों की सेवा के जरिए बनाई अपनी पहचान

नोटिस में कहा गया है कि प्रदेश में लंबे समय से सार्वजनिक जीवन और राजनीति में सक्रिय रहने के कारण वड़िंग ने लोगों की सेवा के जरिए अपनी एक पहचान बनाई है। साथ ही तर्क दिया कि पुलिस के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी के बयानों का जनता की नजर में अधिक वजन और विश्वसनीयता होती है, जिससे वे बयान और भी अधिक नुकसानदेह हो जाते हैं। यह नोटिस जायज राजनीतिक असहमति और किसी का मजाक उड़ाने या उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने के मकसद से किए गए व्यक्तिगत हमलों के बीच फर्क करता है।

वड़िंग के वकील ने मांग की है कि मोहम्मद मुस्तफा तुरंत उन कथित मानहानिपूर्ण बयानों या उनसे मिलते-जुलते किसी भी बयान को दोहराना, प्रकाशित करना या फैलाना बंद करें। नोटिस में राजा वड़िंग ने मुस्तफा से बिना शर्त लिखित और सार्वजनिक माफी मांगने के लिए भी कहा है।

नोटिस में यह भी कहा गया है कि वड़िंग ने संबंधित न्यूज चैनल और मीडिया संस्थाओं से इंटरव्यू का कंटेंट हटाने को कहा है, साथ ही इस बात पर जोर दिया है कि इसे हटाने से मुस्तफा अपने मूल बयानों की जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो जाते।

अपनी बात पर कायम- मोहम्मद मुस्तफा

कानूनी नोटिस का जवाब देते हुए, मोहम्मद मुस्तफा ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि वे अपनी इस बात पर कायम हैं कि वंडिग में एक नेता के गुण नहीं हैं। 1985 बैच के IPS अधिकारी मुस्तफा, जो 2021 में DGP (मानवाधिकार) के पद से रिटायर हुए थे, हाल के वर्षों में पंजाब कांग्रेस की राजनीति से जुड़े रहे हैं।

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अमृतपाल सिंह के प्रमुख सहयोगी और मीडिया सलाहकार पप्पलप्रीत सिंह को ‘अकाली दल (वारिस पंजाब दे)’ ने मजीठा विधानसभा क्षेत्र से अपना उम्मीदवार घोषित किया है। इससे पहले संगठन ने 1984 में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के मामले में फांसी दिए गए केहर सिंह के बेटे सतवंत सिंह को बस्सी पठाना सीट से अपना प्रत्याशी बनाया था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें